facebookmetapixel
Budget 2026 में रिसाइक्लिंग इंडस्ट्री की सरकार से मांग: GST कम होगा तभी उद्योग में आएगी तेजी27 जनवरी को बैंक हड़ताल से देशभर में ठप होंगी सरकारी बैंक सेवाएं, पांच दिन काम को लेकर अड़े कर्मचारीऐतिहासिक भारत-EU FTA और डिफेंस पैक्ट से बदलेगी दुनिया की अर्थव्यवस्था, मंगलवार को होगा ऐलानइलेक्ट्रिक टू व्हीलर कंपनियों ने सरकार से की मांग: PM E-Drive सब्सिडी मार्च 2026 के बाद भी रहे जारीसुरक्षित निवेश और कम सप्लाई: क्यों सोने की कीमत लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है?Budget decoded: सरकार की योजना आपके परिवार की आर्थिक स्थिति को कैसे प्रभावित करती है?गणतंत्र दिवस पर दिखी भारत की सॉफ्ट पावर, विदेशी धरती पर प्रवासी भारतीयों ने शान से फहराया तिरंगाIndia-EU FTA पर मुहर की तैयारी: कपड़ा, जूते-चप्पल, कार और वाइन पर शुल्क कटौती की संभावनाBudget 2026 से इंश्योरेंस सेक्टर को टैक्स में राहत की उम्मीद, पॉलिसीधारकों को मिल सकता है सीधा फायदा!Budget 2026 से बड़ी उम्मीदें: टैक्स, सीमा शुल्क नियमें में सुधार और विकास को रफ्तार देने पर फोकस

नियोक्ता के वाहन से जाने वाले कर्मियों का थर्ड पार्टी बीमा जरूरी

नियोक्ता के वाहन में दुर्घटना के मामले में कर्मचारी भी बीमा का लाभ उठा सकेंगे

Last Updated- October 19, 2023 | 10:50 PM IST
Insurance

भारतीय बीमा नियामक व विकास प्राधिकरण (IRDAI) ने बीमा कंपनियों से कहा कि वे वाहन बीमा में अनिवार्य रूप से तीसरे पक्ष की पॉलिसी (टीपी) में अनिवार्य रूप से इनबिल्ट सुविधा मुहैया कराए। इससे नियोक्ता के वाहन में यात्रा करने वाले कर्मचारियों को बीमा की सुविधा प्राप्त होगी।

बीमा नियामक ने साफ किया कि अगला फैसला आने तक भारतीय मोटर शुल्क के आईएमटी-29 के तहत तीसरे पक्ष को बीमा मुहैया कराए जाने पर ऐसे वाहनों से निजी कार पॉलिसी जारी करने पर कोई अतिरिक्त प्रीमियम वसूला नहीं जाएगा।

IRDAI ने कहा कि निजी कार पैकेज के तहत वाहन की तीसरे पक्ष की देनदारी के सेक्शन या बंडल पॉलिसियों और अनिवार्य वाहन तीसरे पक्ष देनदारी वाली स्टैंडअलोन पॉलिसियां जारी करने के दौरान इनबिल्ट बीमा मुहैया करवाया जाएगा।

Also Read: गैर जीवन बीमा उद्योग ने 2036-37 तक 14-15% की सालाना वृद्धि का अनुमान लगाया

अदालत के आदेश के मद्देनजर बीमा नियामक ने यह फैसला किया है। दरअसल, मद्रास उच्च न्यायालय ने बीमा नियामक को आईएमटी-29 में कर्मचारियों के लिए इनबिल्ट बीमा अनिवार्य करने का आदेश दिया था।

न्यायालय को यह जानकारी मिली थी कि कर्मचारियों को नियोक्ताओं के निजी वाहनों में यात्रा करने के दौरान दुर्घटना का शिकार होने और घायल होने या असामयिक मौत होने पर बीमा का दावा हासिल करने में बेहद खराब अनुभवों से गुजरना पड़ा था।

ऐसे में परिवार के अकेले कमाने वाले सदस्य को खोने या घायल होने पर दावा करने वाले को अंतहीन कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। भारतीय वाहन टैरिफ 2002 की धारा 7 का खंड 7 नियोक्ता के निजी वाहन से कर्मचारियों को लेकर जाने के दौरान दुर्घटनाग्रस्त होने की स्थिति से संबंधित है।

Also Read: विदेश जाने से पहले वहां की स्वास्थ्य देखभाल लागत के अनुरूप बीमा करें

इस धारा के अनुसार ऐसे कर्मचारियों और वेतनभोगी चालक जो भी लागू हो, उसकी जिम्मेदारी है।

First Published - October 19, 2023 | 10:50 PM IST

संबंधित पोस्ट