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निश्चित लाभ वाले स्वास्थ्य बीमा के फायदे हैं सीमित

Last Updated- December 10, 2022 | 7:21 PM IST

अभी हाल-फिलहाल में आपने स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी खरीदी है? अगर आपने अभी तक यह नहीं खरीदा है तो आइए देखते हैं कि इन पॉलिसियों को खरीदने की प्रक्रिया कितनी माथापच्ची वाली सकती है। सबसे पहले तो, भारत में 16 गैर-जीवन बीमा कंपनियां हैं, जो स्वास्थ्य बीमा पॉलिसियां उपलब्ध कराती हैं।
इन सभी कंपनियों के पास 4-6 उत्पाद हैं, जो विभिन्न आश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए बाजार में उतारी गई हैं। हालांकि आप इन कंपनियों की उनके उत्पादों की गुणवत्ता और देय प्रीमियम के आधार पर छोटी सूची तैयार कर सक ते हैं। हालांकि आप का काम इतने से शायद आसान न हो और आगे भी आपको कुछ करना पड़ सकता है।
इन दिनों जीवन बीमा कंपनियां, खासकर इनमें से 20 ने स्वास्थ्य पॉलिसियों की सुविधाएं देनी शुरू कर दी हैं। दिलचस्प बात यह है कि इन कंपनियों द्वारा ऑफर किए जा रहे स्वास्थ्य बीमा के दावे गैर-जीवन बीमा कंपनियों से बिल्कुल भिन्न हैं। यह जानकर पड़ गए आप ऊहापोह की स्थिति में? क्यों नही, ऊहापोह में पड़ना लाजिमी है।
हालांकि अब हम इन उत्पादों के साथ जुड़ विभिन्न पहलुओं को जानने की कोशिश करते हैं। परंपरागत रूप से स्वास्थ्य बीमा उत्पाद आपके बीमार पड़ने की स्थिति में बीमित रकम की सीमा के तहत ही आपके द्वारा किए जाने वाले खर्चों की भरपाई करते हैं।
उदाहरण के लिए अगर आपने 5 लाख रुपये तक के स्वास्थ्य बीमा की पॉलिसी ली है और बीमार पडने पर आपकेअस्पताल का खर्चा 2 लाख रुपये बैठता है तो ऐसी स्थिति में बीमा कंपनियां आपकी इस राशि का भुगतान कुछ साक्ष्य दिखाने के पश्चात कर देती हैं। लेकिन अब जीवन बीमा कंपनियों ने निश्चित लाभ वाले स्वास्थ्य बीमा के उत्पाद बाजार में उतारने शुरू कर दिए हैं।
इसके तहत पॉलिसीधारक  को इलाज के लिए पहले से तय रकम दी जाती है। ज्यादातर मामलों में इनका भुगतान प्रति दिन के  आधार पर किया जाता है। जीवन बीमा कंपनियां खासकर उन लोगों पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं, जिनकों पहले से ही उनकी कंपनियों द्वारा समूह बीमा की सुविधा मिली हुई है।
मैक्स न्यूयार्क लाइफ इंश्योरेंस के उत्पाद प्रबंधन के प्रमुख मानिक नानगिया का कहना है जीवन बीमा कंपनियों द्वारा ऑफर की जा रही स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी इंसीडेंटल खर्चों जैसे ट्रांसपोटर्शन का भी भुगतान करती हैं।
आईए हम इसी तरह की एक पॉलिसी के बारे में बात करते हैं। मैक्स लाइफ इंश्योरेंस की लाइफलाइन मेडिकैश प्लस इसी तरह की पॉलिसियों में से एक है। कंपनी का दावा है कि पिछले 11 महीनों के दौरान वह 1.25 लाख स्वास्थ्य संबंधी पॉलिसियां बेच चुकी हैं।
अन्य स्वास्थ्य बीमा पॉलिसियों की तरह इसमें कोई बीमित राशि नहीं है। इस पॉलिसी के लिए मैक्स न्यू यार्क लाइफ इंश्योरेंस ने सभी उम्र के लोगों के लिए अलग-अलग प्रीमियम की दर तय कर दी है जिसे एक यूनिट मान ली गई है। अगर किसी को ज्यादा कवर की जरूरत है तो वह व्यक्ति एक से ज्यादा यूनिट खरीद (पांच यूनिट तक) सकता है।
 बीमार पड़ने की स्थिति में होने वाले खर्च के दावे को चार भागों में वगीकृत कर दिया जाता है- अस्पताल में प्रतिदिन होने वाला खर्र्च, सघन चिकित्सा कक्ष (आईसीयू) का रोज का खर्च, रिक्युपरेटिंग खर्च और शल्य चिकित्सा पर होने वाला खर्च। रिक्युपरेटिंग खर्च का भुगतान उसी स्थिति में किया जाता है अगर मरीज लगातार सात दिनों या उससे अधिक समय तक अस्पताल में भर्ती रहता है या मरीज को आईसीयू में भर्ती किया गया है।
अगर अपने एक यूनिट खरीदा है तो आप के बीमार होकर अस्पताल पहुंचने की स्थिति में कंपनी रोजाना आपको 1,000 रुपये खर्च देगी जबकि आईसीयू के लिए प्रतिदिन 2,000 रुपये का भुगतान करेगी। इसके अलावा करीब 3,000 रुपये की राशि रिक्युपरेशन खर्च और 50,000 रुपये शल्य चिकित्सा के खर्च में दी जाती है।
हालांकि शल्य चिकित्सा के खर्च में मिलने वाली राशि शल्य चिकित्सा की गंभीरता पर निर्भर करती है। मैक्स न्यू यार्क लाइफ इंश्योरेंस ने शल्य क्रिया की गंभीरता के अधार पर रकम के भुगतान के लिए इसे चार भागों में बांटा है- छोटे स्तर पर की गई शल्य चिकित्सा, मध्यम स्तर पर की गई शल्य चिकित्सा, बड़े स्तर पर और गंभीर शल्य चिकित्सा।
दावे की राशि का भुगतान शल्य चिकित्सा की श्रेणी पर निर्भर करता है। उदाहरण के लिए गंभीर शल्य चिकित्सा के लिए शल्य चिकित्सा के लिए पहले से तय राशि का शत-प्रतिशत का भुगतान किया जाता है और यह इस बात पर निर्भर नहीं करता कि  कुल कितना खर्च आया है। पहले से ही तय किए गए खर्च के कारण ये पॉलिसियां चिकित्सा पर आए वास्तविक खर्च की भरपाई नहीं करती हैं।
किसी भी नियमित स्वास्थ्य बीमा के दावों से अलग निश्चित लाभ वाली पॉलिसियों के तहत किसी भी व्यक्ति को प्रत्येक साल इसके नवीकरण की जरूरत नहीं पड़ती है। इस पॉलिसी की अवधि 3 सालों से 10 सालों के बीच की हो सकती है। प्रीमियम इसी अवधि के आधार पर तय किया जाता है।  
अगर इसकी अवधि 10 सालों की होती है तो ऐसी स्थिति में प्रीमियम की 5 सालों के बाद पुनर्समीक्षा की जा सकती है। कोई व्यक्ति जिसकी उम्र 40 साल है और वह एक यूनिट खरीदता है तो इसका प्रीमियम मैक्स न्यू यार्क लाइफ इंश्योरेंस के मेडिकैश प्लस के  लिए2,807 रुपये है।
जबकि राष्ट्रीय बीमा कंपनी 3,488 रुपये के प्रीमियम पर 2 लाख रुपये का बीमा कवर ऑफर करती हैं। इतनी ही राशि के लिए एचडीएफसी स्टैंडर्ड लाइफ इंश्योरेंस अपनी सर्जिकेयर प्लान के तहत 4,992 रुपये का प्रीमियम लेती है।
निश्चित लाभ वाली पॉलिसियों में इंतजार की अवधि काफी लंबी हो सकती है। मैक्स न्यू यार्क लाइफलाइन मेडिकैश प्लस में इंतजार की अवधि पॉलिसी की शुरुआत के दिन से 180 दिनों तक की होती है, जब तक कि पॉलिसीधारक किसी दुर्घटना का शिकार नहीं हो जाता है।
परंपरागत स्वास्थ्य बीमा निपटान के लिए यह अवधि 30 दिनों की होती है। ज्यादातर निश्चित लाभ वाले उत्पाद अस्पताल में दाखिल होने के पहले 24-48 घंटों के भीतर रकम का भुगतान नहीं करते हैं, जिससे दावों की राशि और कम हो जाती है।
 कई जीवन बीमा कंपनियां 65 वर्ष की उम्र के बाद वालों को स्वास्थ्य बीमा ऑफर नहीं करती हैं। सरक ारी क्षेत्र और कु छ निजी क्षेत्र की जीवन बीमा कंपनियां वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष योजनाएं ऑफर करती हैं। ज्यादातर निश्चित लाभ वाली योजनाओं में 55 साल की उम्र के बाद के लोगों को स्वास्थ्य बीमा सुविधाएं ऑफर नहीं करती हैं।
अधिकांश निश्चित लाभ वाली योजनाओं में पॉलिसी का नवीकरण भी 65 वर्ष की उम्र तक ही होता है जबकि सामान्य स्वास्थ्य बीमा पॉलिसियों के तहत नवीकरण 75-80 साल तक होता है। निश्चित लाभ वाली पॉलिसियां पहले से मौजूद बीमारियों का बीमा नहीं करती हैं जबकि परंपरागत स्वास्थ्य बीमा पॉलिसियां में 4 वषों की एक्सक्लूसन अवधि होती है।
ज्यादातर विश्लेषक मानते हैं कि ऐसी निश्चित लाभ वाली डिफाइन्ड-बेनिफिट पॉलिसियां प्राइमरी पॉलिसी के रूप में परंपरागत स्वास्थ्य बीमा के साथ एड-ऑन के रूप में ही ठीक लगती हैं। 

इस बाबत एक सर्टिफाइड वित्तीय सलाहकार गौरव मशरूवाला का कहना है कि ये पॉलिसियां सीमित होती हैं क्योंकि ये पहले से तय बीमारियां और शल्य चिकित्सा के दावों का ही भुगतान करती हैं।

First Published - March 8, 2009 | 10:20 PM IST

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