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एसआईपी व विशेष फंडों से बेहतरी की उम्मीद

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हाल के महीनों में एसआईपी निवेश 26,000 करोड़ रुपये के आसपास रहा है

Last Updated- May 06, 2025 | 10:58 PM IST
SIP

बाजार में लगातार हो रहा उतार-चढ़ाव परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियों (एएमसी) के लिए बाधक बना हुआ है। लेकिन सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी एसआईपी के जरिये लगातार आ रहे निवेश और राजस्व के नए स्रोत (स्पेशलाइज्ड इन्वेस्टमेंट फंड-एसआईएफ) के कारण उद्योग की तस्वीर सकारात्मक नजर आती है। ब्रोकरेज फर्मों ने चौथी तिमाही के उनके नतीजों की समीक्षा में ये बातें कही है।

वित्त वर्ष 2024-25 की अंतिम तिमाही के दौरान बाजार में गिरावट की वजह से इक्विटी योजनाओं की प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियों (एयूएम) में कमी और निवेश में नरमी ने फंडों के प्रदर्शन पर असर डाला। निवेश आय कम होने का असर लाभ पर भी दिखा।

एचडीएफसी एएमसी ने 638 करोड़ रुपये का मुनाफा अर्जित किया जो पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 18 फीसदी ज्यादा है। आदित्य बिड़ला सन लाइफ (एबीएसएल) का मुनाफा करीब 10 फीसदी बढ़कर 228 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। निप्पॉन लाइफ इंडिया और यूटीआई के शुद्ध मुनाफे में क्रमश: 13 फीसदी और 44 फीसदी की गिरावट आई। हालांकि ज्यादातर सूचीबद्ध कंपनियों के मामले में आय में गिरावट बाजार के अनुमानों के मुताबिक या उससे कम रही।

मोतीलाल ओसवाल फाइनैंशियल सर्विसेज ने एक रिपोर्ट में कहा कि एचडीएफसी के परिचालन लाभ में सालाना आधार पर 30 फीसदी की वृद्धि हुई और 900 करोड़ रुपये पर यह अनुमानों के मुताबिक ही रहा। अन्य आय में वृद्धि के कारण कर पश्चात लाभ में 3 फीसदी का इजाफा हुआ और यह 638 करोड़ रुपये पर रहा जो सालाना आधा पर 18 फीसदी ज्यादा है और तिमाही आधार पर सपाट है।

सालाना आधार पर एबीएसएल एएमसी चौथी तिमाही में लाभ वृद्धि दर्ज करने वाली एकमात्र एएमसी थी। अधिक राजस्व के कारण उसका शुद्ध लाभ करीब 10 फीसदी बढ़ा। इनक्रेड इक्विटीज के अनुसार हाल के वर्षों में बाजार हिस्सेदारी गंवाने वाली एएमसी पिछली तिमाही में अपनी हिस्सेदारी भी बढ़ाने में सफल रही।

इसमें कहा गया है, बाजार हिस्सेदारी में सुधार के लिए कंपनी सही कदम उठा रही है। लेकिन हम पूंजी बाजार में उतारचढ़ाव के साथ प्रतिस्पर्धा गहराते देख रहे है जो लगता है कि उनकी इक्विटी बाजार हिस्सेदारी और एसआईपी निवेश पर असर डाल रही है।

इक्विटी मार्केट में मंदी के बीच एसआईपी में आया निवेश उद्योग के लिए उम्मीद की किरण रहा है। हाल के महीनों में एसआईपी निवेश 26,000 करोड़ रुपये के आसपास रहा है जो दिसंबर 2024 में 26,459 करोड़ रुपये के सर्वकालिक उच्च स्तर से थोड़ा ही कम है। इसकी तुलना में इक्विटी योजनाओं में सकल एकमुश्त निवेश जून 2024 में दर्ज 64,000 करोड़ रुपये की ऊंचाई से घटकर लगभग 30,000 करोड़ रुपये रह गया है।

विश्लेषकों का कहना है कि हाल में हुई गिरावट के बाद मूल्यांकन नरम पड़ने से शेयरों की कीमतों में उछाल की संभावना बनी है। 6 मई तक निप्पॉन अपने 52 सप्ताह के उच्चतम स्तर से 28 फीसदी नीचे आ चुका है। एचडीएफसी एएमसी में 12 फीसदी की गिरावट आई है। यूटीआई और एबीएसएल में 42 फीसदी और 44 फीसदी की नरमी दर्ज हुई है।

एसआईएफ के रूप में नया कारोबारी सेगमेंट शामिल होने से एएमसी की आय वृद्धि की संभावनाएं बढ़ी हैं। ऐक्सिस सिक्योरिटीज ने कहा, एयूएम में धीमी वृद्धि और प्रतिफल पर दबाव से राजस्व अनुमान प्रभावित होंगे। मौजूदा वैश्विक अनिश्चितताएं, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की निकासी और कमजोर रुपये का परिदृश्य वृद्धि की रफ्तार को कुछ हद तक प्रभावित कर सकता है और कुछ अस्थिरता पैदा कर सकता है। परिसंपत्ति प्रबंधन उद्योग का का नियमन बहुत सख्ती से किया जाता है और नियामकीय अनिश्चितता हमारे अनुमानों को प्रभावित करेगी।

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First Published - May 6, 2025 | 10:43 PM IST

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