facebookmetapixel
कई बड़े शहरों में नहीं बिक रहे घर! मेट्रो सिटी में अनसोल्ड घरों का लगा अंबार, 2025 में आंकड़ा 5.7 लाख के पारMCap: शेयर बाजार की तेजी में टॉप 7 कंपनियों का मुनाफा, ₹1.23 लाख करोड़ बढ़ा मार्केट कैपसाल की शुरुआत में FPIs ने निकाले 7,608 करोड़, विदेशी निवेशक रहे सतर्कMarket Outlook: इस हफ्ते बाजार में रुझान तय करेंगे मैक्रो डेटा और FII ट्रेडिंगUS Venezuela Attack: कौन हैं Nicolás Maduro? जिनके पकड़े जाने का दावा अमेरिका ने कियाWeather Update Today: उत्तर भारत में ठंड और घने कोहरे का कहर, IMD ने जारी की चेतावनीUP: लखनऊ में बनेगी AI सिटी, उत्तर प्रदेश को मिलेगा ग्लोबल टेक पहचानHealth Insurance: हेल्थ इंश्योरेंस खरीदते समय अधिकतर लोग क्या गलती करते हैं?दिल्ली की हवा इतनी खराब कैसे हुई? स्टडी में दावा: राजधानी के 65% प्रदूषण के लिए NCR व दूसरे राज्य जिम्मेदारExplainer: 50 शहरों में हिंसा, खामेनेई की धमकी और ट्रंप की चेतावनी…ईरान में आखिर हो क्या रहा है?

RBI ने फिनटेक के साथ बैंकों और NBFC को पूर्वाग्रह के जोखिम के प्रति आगाह किया

आरबीआई ने अंडरराइटिंग में पूर्वाग्रह को कम करने के लिए एल्गोरिदम को मजबूत करने की सलाह दी

Last Updated- December 27, 2023 | 11:32 PM IST
RBI

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बैंकों और गैरबैंकिंग वित्तीय कंपनियों को फिनटेक कंपनियों के गठजोड़ से बने हुए पूर्व मॉडल पर निर्भर रहने के जोखिम के प्रति आगाह किया है।

केंद्रीय बैंक ने इन विनियमित इकाइयों को सूचनाओं के आदान-प्रदान के दौरान आने वाले अंतर के जोखिम से सावधान रहने की सलाह दी है। इससे अंडरराइटिंग मानक भी कमजोर हो सकते हैं।

नियामक ने अंडरराइटिंग के एल्गोरिथम के पूर्वाग्रह को कम करने के लिए सटीक व विविधीकृत आंकड़ों के समूह एल्गोरिथम को अपनाने के महत्त्व पर जोर दिया। इसने न्यूनतम अंडरराइटिंग मानदंड और संभावित भेदभाव वाले कारकों को पहचानने के लिए एल्गोरिथम का ऑडिट करने की जरूरत पर बल दिया।

आरबीआई ने रिपोर्ट में कहा, ‘इन मॉ़डल को मजबूत होना चाहिए और इनकी मजबूती का समय समय पर परीक्षण किया जाना चाहिए।’हालांकि नियामक ने आर्टिफिशल इंटेलीजेंस (एआई) और मशीन लर्निंग में जोखिम वाले पारदर्शिता के अभाव और उसमें व्याप्त पूर्वाग्रहों को भी उजागर किया है।

आरबीआई ने ऋणदाताओं से सिफारिश की है कि वे नैतिकता पर आधारित एआई को अपनाएं। इससे ग्राहकों के हितों की रक्षा, पारदर्शिता, सुरक्षा और निजता होगी।

नियामक का आकलन है, ‘ऐसे में लाभों और जोखिमों के बीच संतुलन स्थापित करना अनिवार्य हो गया है। यह संतुलन नियामित इकाइयों (आर) की क्षमता को मजबूत करके, निरीक्षण प्राधिकारियों के निगरानी, संबंधित कानूनों को बनाकर/दुरुस्त करके, नियामकीय ढांचे, संभावित जोखिम की पहचान करने के लिए साझेदारों को सक्रिय रूप से शामिल करके और ग्राहकों को शिक्षा को बढ़ाकर हासिल किया जा सकता है।’

अन्य कदम फिनटेक क्षेत्र में पारदर्शिता को बढ़ाना है। आरबीआई ने इस महीने की शुरुआत में घोषणा की थी कि वह अगले साल के अप्रैल तक फिनटेक रिपोजिटरी की स्थापना करना चाहती है।

First Published - December 27, 2023 | 11:25 PM IST

संबंधित पोस्ट