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Q4 FY25: चौथी तिमाही में बीमा कंपनियों के वृद्धि-मार्जिन पर रह सकता है दबाव

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जीवन बीमा कंपनियों के मुनाफे पर दबाव नजर आ सकता है, वहीं दावे की रफ्तार बढ़ने और नए नियमों का प्रभाव बीमा कंपनियों पर भी पड़ता दिख रहा है

Last Updated- April 14, 2025 | 10:54 PM IST
Insurance

वित्त वर्ष 2025 की जनवरी-मार्च की चौथी तिमाही में जीवन बीमा कंपनियों का मुनाफा सपाट रहने की उम्मीद है। इसका कारण कम मार्जिन वाली यूनिट लिंक्ड बीमा योजनाओं (यूलिप) के कम योगदान, ऋण सुरक्षा क्षेत्र की धीमी वृद्धि और वितरण चैनलों में लगातार निवेश है। विश्लेषकों का कहना है कि सामान्य बीमा कंपनियों का मुनाफा, लेखांकन नियमों में बदलाव और दावे के अधिक अनुपात से प्रभावित होने की उम्मीद है।

वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही में इक्विटी बाजार में अस्थिरता के कारण यूलिप उत्पादों की बिक्री में कमी आई है। सूक्ष्म वित्त वितरण में कमी के बीच ऋण सुरक्षा कारोबार भी कमजोर होने की संभावना है। यूलिप और ऋण सुरक्षा सेगमेंट में धीमी वृद्धि के कारण भी तिमाही के दौरान वार्षिक प्रीमियम भी कम हो सकता है।

एमके ग्लोबल फाइनैंशियल के अनुसार, ‘तिमाही में धीमे सूक्ष्मवित्त वितरण से यूलिप के कम योगदान की भरपाई का असर ऋण सुरक्षा वृद्धि पर पड़ा है और इससे नए कारोबार वैल्यू (वीएनबी) मार्जिन के स्थिर रहने की संभावना है।’ वीएनबी जीवन बीमा में मुनाफे का एक प्रमुख माप है।

विश्लेषकों को उम्मीद है कि निजी क्षेत्र की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी, एसबीआई लाइफ वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही में वीएनबी मार्जिन में गिरावट दर्ज करेगी, जो एक साल पहले के 28.3 प्रतिशत से घटकर 27.9 प्रतिशत हो जाएगा। वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही में एसबीआई लाइफ का मार्जिन 26.9 प्रतिशत था।

इसी तरह, एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस का मार्जिन, वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही में एक साल पहले के 26.1 प्रतिशत से घटकर 25 प्रतिशत होने की उम्मीद है। वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही में, इसका वीएनबी मार्जिन 26.06 प्रतिशत था। मैक्स लाइफ का मार्जिन पिछले साल की समान तिमाही में 28.6 प्रतिशत से घटकर 25.9 प्रतिशत देखा जा रहा है।

तीसरी तिमाही में, वीएनबी मार्जिन 23.2 प्रतिशत था। आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ का मार्जिन भी एक साल पहले के 21.5 प्रतिशत से घटकर 21 प्रतिशत होने की उम्मीद है। वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही में इसका मार्जिन 21.2 प्रतिशत था।

इसके विपरीत, सरकारी बीमा कंपनी, भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) का वीएनबी मार्जिन बढ़कर 17.9 प्रतिशत होने की उम्मीद है। एमके के विश्लेषकों ने कहा, ‘एलाईसी का पूरा जोर गैर-भागीदारी वाले उत्पादों की हिस्सेदारी बढ़ाने पर है जो नई पेशकश के लॉन्च करने के कारण होगा और इससे वित्त वर्ष 2025 के वीएनबी मार्जिन में सुधार की संभावना बनेगी। हालांकि इस सुधार की आंशिक भरपाई नए बीमा सरेंडर नियमों और बढ़ी प्रतिस्पर्द्धा के साथ की जा सकती है।’ वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही में एलआईसी का मार्जिन 19.35 प्रतिशत के स्तर पर रहा।

गैर-जीवन बीमा कंपनियां

गैर-जीवन बीमा कंपनियों को अधिक दावों के कारण मुनाफे पर दबाव का सामना करना पड़ सकता है जिसे संयुक्त अनुपात द्वारा मापा जाता है और साथ ही लेखांकन नियमों में बदलाव से वृद्धि प्रभावित होगी। विश्लेषकों ने पाया है कि वाहन बिक्री में मंदी से सामान्य बीमा कंपनियों के संयुक्त अनुपात पर भी असर पड़ने की उम्मीद है। वित्त वर्ष 2025 में, गैर-जीवन बीमा कंपनियों के लिए प्रीमियम वृद्धि, सालाना आधार पर 6.2 प्रतिशत के तीन साल के निचले स्तर पर आ गई, जो लगभग 3.08 लाख करोड़ रुपये थी।

बीमा नियामक ने प्रीमियम दर्ज करने के प्रारूप में संशोधन किया जिसके तहत गैर-जीवन बीमाकर्ताओं को 1/एन विधि का इस्तेमाल कर दीर्घकालिक प्रीमियम दर्ज करने की आवश्यकता थी। ये नियम 1 अक्टूबर, 2024 से लागू हुए।
कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के विश्लेषकों ने कहा, ‘1/एन नियम के प्रभाव के कारण वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही (अनुमानित) में गैर-जीवन बीमा कंपनियों की सकल लिखित प्रीमियम वृद्धि सालाना आधार पर 3-5 प्रतिशत तक सीमित रहने की संभावना है। इलाज से जुड़े बढ़े हुए दावे और 1/एन नियम के प्रभाव से तिमाही के दौरान स्टार हेल्थ का मुनाफा सीमित रहेगा।’

100 प्रतिशत से कम का संयुक्त अनुपात अंडरराइटिंग मुनाफे को दर्शाता है। संयुक्त अनुपात जितना कम होगा, मुनाफा उतना ही बेहतर होगा। एमके के अनुमानों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही में आईसीआईसीआई लोम्बार्ड का संयुक्त अनुपात 101.5 प्रतिशत रहने की संभावना है जबकि एक साल पहले यह 102.2 प्रतिशत था। वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही में यह 102.7 प्रतिशत था।

उम्मीद है कि स्टार हेल्थ ऐंड एलायड इंश्योरेंस वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही में 96.9 प्रतिशत संयुक्त अनुपात दर्ज करेगा जो वित्त वर्ष 2024 की चौथी तिमाही से 92.8 प्रतिशत अधिक है। हाल ही में सूचीबद्ध गो डिजिट जेनरल इंश्योरेंस 106.4 प्रतिशत का संयुक्त अनुपात दर्ज करने की उम्मीद है जो एक वर्ष पहले से 108.8 प्रतिशत कम है। वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही में संयुक्त अनुपात 108.1 प्रतिशत था।

नुवामा के विश्लेषकों के मुताबिक, निवेशक प्रबंधन खर्च के दबाव और बढ़ी हुई नियामकीय जांच के बीच उद्योग के कमीशन भुगतान से जुड़ी टिप्पणी पर गौर करेंगे। वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही में शेयर बाजार में अस्थिरता के बीच, निवेश आय भी कम रहने की संभावना है।

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First Published - April 14, 2025 | 10:54 PM IST

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