facebookmetapixel
Budget 2026: क्या निर्मला सीतारमण टैक्स कटौती और भारी निवेश से अमेरिकी टैरिफ का चक्रव्यूह तोड़ेंगी?IMD Weather Alert: फरवरी में सताएगी समय से पहले गर्मी, रबी फसलों और अन्य पैदावार पर मंडराया खतराSun Pharma का मुनाफा 16% उछला: Q3 में कमाए ₹3,369 करोड़, नए प्रोडक्ट्स ने बढ़ाई कंपनी की रफ्तारBudget 2026: बाजार के शोर में न खोएं आप, एक्सपर्ट से समझें निवेश को मुनाफे में बदलने का मंत्रBudget 2026: म्युचुअल फंड प्रोडक्ट्स में इनोवेशन की जरूरत, पॉलिसी सपोर्ट से मिलेगा बूस्टसिगरेट-तंबाकू होगा महंगा और FASTag के नियम होंगे आसान! 1 फरवरी से होने जा रहे हैं ये बड़े बदलावसनराइज सेक्टर्स के लिए SBI का मेगा प्लान: ‘CHAKRA’ से बदलेगी ₹100 लाख करोड़ के बाजार की किस्मतशेयर बाजार में बरसेगा पैसा! अगले हफ्ते ITC और BPCL समेत 50+ कंपनियां देंगी डिविडेंड का बड़ा तोहफाBudget 2026: वरिष्ठ नागरिकों को वित्त मंत्री से बड़ी आस; क्या ब्याज, आय और हेल्थ प्रीमियम पर मिलेगी टैक्स छूट?राजनीतिक ध्रुवीकरण से शेयर बाजार और निवेशकों में बढ़ी चिंता: नोबेल पुरस्कार विजेता अभिजीत बनर्जी

प्राइवेट बीमा कंपनियां LIC से आगे निकलीं, बीमाधारकों को दिया ज्यादा लाभ

बीमा कंपनियों ने बीमाधारकों को 4.96 लाख करोड़ रुपये का लाभ दिया

Last Updated- January 02, 2024 | 10:09 PM IST
Life Insurance

प्राइवेट बीमा कंपनियों ने अपने बीमाधारकों को अधिक फायदा दिया। प्राइवेट बीमा कंपनियों ने 2022-23 में अपने बीमाधारकों को 5.98 प्रतिशत अधिक 1.57 लाख करोड़ रुपये का कुल लाभ दिया जबकि एक साल पहले की अवधि में 1.49 लाख करोड़ के कुल लाभ दिया था।

दूसरी तरफ भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) ने चार प्रतिशत कम 3.39 लाख करोड़ रुपये का लाभ दिया था जबकि 2021-22 में 3.53 लाख करोड़ रुपये दिया था। बीमा कंपनियों ने अपने बीमाधारकों को जो कुल लाभ दिए, उनमें गिरावट आई।

बीमा कंपनियों द्वारा 2022-23 में बीमाधारकों को दिया गया कुल लाभ गिरकर 4.96 लाख करोड़ रुपये हो गया जबकि यह एक साल पहले की अवधि में 5.02 लाख करोड़ रुपये था। वर्ष 2022-23 में किया गया कुल भुगतान शुद्ध प्रीमियम पॉलिसी का 64.08 प्रतिशत है।

जीवन बीमा निगम उद्योग में मार्च, 2023 तक LIC का 62.58 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ दबदबा था जबकि शेष 37.42 हिस्से पर प्राइवेट क्षेत्र का कब्जा था।.भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार मृत्यु व परिपक्वता संबंधी दावों में गिरावट के कारण उद्योग सुस्त रहा।

इस अ‍वधि में मृत्यु संबंधी दावे करीब 32 फीसदी गिरकर 41,457.34 करोड़ रुपये हो गए जबकि यह वर्ष 2021-22 में 60,821.86 करोड़ रुपये थे। इसी तरह परिपक्वता संबंधी भुगतान 2.40 लाख करोड़ रुपये से 11.13 प्रतिशत गिरकर 2.13 लाख करोड़ रुपये हो गया।

व्यक्तिगत जीवन बीमा कारोबार में कुल 10.76 लाख मृत्यु संबंधी दावे हुए। इनमें से कंपनियों ने 10.60 लाख मृत्यु संबंधी दावों में 28,611 करोड़ रुपये का भुगतान किया। इस अ‍वधि में दावा निपटान संबंधी अनुपात गिरकर 98.54 प्रतिशत आ गया जबकि यह बीते वर्ष 98.64 प्रतिशत था।

First Published - January 2, 2024 | 10:09 PM IST

संबंधित पोस्ट