facebookmetapixel
Advertisement
इक्विटी म्युचुअल फंड्स में निवेश 14% घटा, जनवरी में Gold ETFs में आया ₹24,000 करोड़; SIP इनफ्लो स्थिरAngel One ने लॉन्च किया Silver ETF और Silver FoF, निवेशकों के लिए नया मौकानिवेशकों ने एक महीने में गोल्ड में डाल दिए 24 हजार करोड़ रुपयेरूरल डिमांड के दम पर जनवरी में कारों की बिक्री 7% बढ़ी, ह्यूंदै बनी नंबर- 2 कार मैन्युफैक्चरर: FADAGold, Silver Price Today: एमसीएक्स पर सोना ₹2,065 की गिरावट के साथ खुला, चांदी भी फिसली₹929 का शेयर उड़ेगा ₹1,880 तक? इस IT Stock पर ब्रोकरेज ने लगाया बड़ा दांवकार से लेकर बाइक तक बंपर बिक्री, जानें मोतीलाल ओसवाल ने किस Auto Stock पर दी BUY की सलाहFractal Analytics vs Aye Finance IPO: किसमें कमाई का मौका, किसमें छुपा है बड़ा खतरा?Stocks to Watch Today: Titan, BSE, Aurobindo समेत ये शेयर रहेंगे फोकस मेंClosing Bell: सेंसेक्स 208 उछलकर 84,273 पर बंद, निफ्टी 68 अंक की तेजी के साथ 25,935 के पार

माइक्रोफाइनैंस सेक्टर पर दबाव: ऋण पोर्टफोलियो में गिरावट, डिफॉल्ट बढ़ा

Advertisement

फंडिंग में कटौती और सख्त नियमों के चलते माइक्रोफाइनैंस सेक्टर का कुल ऋण पोर्टफोलियो 3.5% घटा, जोखिम वाले कर्ज में इजाफा

Last Updated- February 25, 2025 | 10:38 PM IST
microfinance

माइक्रोफाइनैंस सेग्मेंट का सकल ऋण पोर्टफोलियो दिसंबर के अंत में सालाना आधार पर 3.5 फीसदी कम होकर 3.85 लाख करोड़ रुपये रह गया है। ऋण देने के मानदंड कड़े किए जाने और फंडिंग में कटौती के कारण ऐसा हुआ है। माइक्रोफाइनैंस इंस्टीट्यूशन नेटवर्क (एमएफआईएन) के आंकड़ों के मुताबिक दिसंबर 2024 में जोखिम वाले पोर्टफोलियो का हिस्सा बढ़कर 6.4 फीसदी हो गया है, जो दिसंबर 2023 में 2.0 फीसदी था। इसमें ऐसे ऋण शामिल होते हैं, जिनके भुगतान में 30 से 180 दिन की देरी हो चुकी होती है।

एमएफआईएन के मुख्य कार्याधिकारी और निदेशक आलोक मिश्र ने कहा ‘उद्योग इस समय एमएफआईएन सुरक्षा नियमों के आधार पर फंड की कटौती और कर्ज के सख्त मानदंडों के दौर से गुजर रहा है। ऋण की गुणवत्ता लगातार निगरानी की स्थिति में बनी हुई है, क्योंकि 31 दिसंबर तक चूक शीर्ष स्तर पर पहुंचने की उम्मीद है। एमएफआईएन को उम्मीद है कि नकदी और ऋण की गुणवत्ता दोनों ही स्थितियों में चौथी तिमाही में सुधार होगा।’

एमएफआईएन ऐसे बैंकों, गैर-बैंकिंग वित्त कंपनियों का एक उद्योग संगठन है जो लघु वित्त संस्थान (एनबीएफसीसी-एमएफआई), लघु वित्त बैंकों और एनबीएफसी के रूप में काम करते हैं और यह भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा स्व-नियामक संगठन के रूप में मान्यता प्राप्त है। तिमाही आधार पर इस सेक्टर का ऋण पोर्टफोलियो सितंबर 2024 में 4.08 लाख करोड़ रुपये से घट गया।

माइक्रोफाइनैंस इंस्टैंड (एनबीएफसी-एमएफआई) के रूप में काम कर रहीं नॉन बैंकिंग फाइनैंस कंपनियों का ऋण पोर्टफोलियो सालाना आधार पर 3.8 फीसदी, बैंकों का 5.5 फीसदी और लघु वित्त बैंकों का 11 फीसदी घटा है। एनबीएफसी अपवाद रही हैं, जिनके ऋण में सालाना आधार पर 22.2 प्रतिशत वृद्धि हुई है।

दिसंबर 2024 को समाप्त तिमाही में वितरित ऋण की राशि 78,584 करोड़ रुपये से 20 फीसदी घटकर 62,817 करोड़ रुपये रह गई। वितरित किए गए नए ऋण की संख्या में 29.02 फीसदी की कमी आई है। एमएफआईएन ने कहा कि भौगोलिक कवरेज के हिसाब से पूर्व, उत्तर-पूर्व और दक्षिण में कुल माइक्रोफाइनैंस पोर्टफोलियो का 63 फीसदी हिस्सा है।

ऋण का औसत आकार दिसंबर 2024 में बढ़कर 53,350 रुपये हो गया, जो एक साल पहले 47,374 रुपये था और सितंबर 2024 में 50,487 रुपये था। इस सेक्टर के ऋण खातों की संख्या दिसंबर 2024 में घटकर 13.9 करोड़ रह गई, जो दिसंबर 2023 में 14.6 करोड़ थी।

Advertisement
First Published - February 25, 2025 | 10:38 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement