गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) के मई के बही खाते में स्वर्ण आभूषण और कमर्शियल रीयल एस्टेट (सीआरई) के ऋण में उछाल आया। इन क्षेत्रों में ऋण की वृद्धि सालाना आधार पर 14.2 प्रतिशत से अधिक रही। भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार एनबीएफसी की ऋण वृद्धि को खुदरा ऋण और कृषि क्षेत्र के […]
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वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून 2026) में गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) का सिक्योरिटाइजेशन बाजार में सबसे मजबूत प्रदर्शन रहा है। इस दौरान जारी राशि सालाना आधार पर 22 प्रतिशत बढ़कर 60,000 करोड़ रुपये हो गई है। क्रिसिल रेटिंग्स ने एक रिपोर्ट में यह कहा है। एजेंसी ने कहा है कि इसमें 98 प्रतिशत […]
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ब्रिटेन के ऋणदाता स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक ने पिछले एक साल में भारत में अपनी शाखाओं की संख्या 100 से घटाकर 80 कर दी है। बैंक अब वेल्थ मैनेजमेंट जैसी सलाहकार सेवाओं पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। सूत्रों ने बिज़नेस स्टैंडर्ड को इसकी जानकारी दी। इसके बावजूद अपनी सहायक इकाई के तौर पर व्यवसाय करने […]
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इनपुट लागत बढ़ने के बीच वर्किंग कैपिटल लोन की ज्यादा मांग के कारण कमर्शियल बैंकों ने FY27 की अप्रैल-जून तिमाही (Q1) में लोन देने (एडवांस) में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की। सप्ताह के आखिर तक जिन बड़े प्राइवेट बैंकों ने अपने अस्थायी कारोबारी अपडेट जारी किए, उनमें एक्सिस बैंक सबसे आगे रहा। बैंक के ऋण (लोन) […]
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भारतीय कंपनियों ने आज कॉरपोरेट बॉन्ड के जरिये कुल करीब 15,960 करोड़ रुपये जुटाए। सरकारी वित्तीय संस्थानों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) ने अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए ऋण बाजार का सहारा लिया। राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) सबसे बड़ा जारीकर्ता रहा। उसने 7.16 फीसदी की कटऑफ यील्ड पर बॉन्ड के […]
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Unlimited Health Insurance: इलाज का खर्च लगातार बढ़ रहा है। एक गंभीर बीमारी या बड़ी सर्जरी में लाखों रुपये खर्च हो सकते हैं। यही वजह है कि अब लोग सिर्फ ₹5 लाख या ₹10 लाख के हेल्थ इंश्योरेंस कवर पर निर्भर नहीं रहना चाहते। उनकी पसंद अब ऐसे प्लान बन रहे हैं, जिनमें इलाज के […]
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RBI FCNR Scheme: भारतीय बैंकों को उम्मीद है कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की विशेष फॉरेन करेंसी नॉन-रेजिडेंट (बैंक) यानी FCNR(B) जमा योजना के तहत सबसे ज्यादा रकम खाड़ी देशों (Gulf), सिंगापुर और हांगकांग से आएगी। बैंकरों का मानना है कि शुरुआत में अमेरिका और लंदन से निवेश अपेक्षाकृत कम रह सकता है। इसकी […]
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यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) से लेनदेन जून में मूल्य के हिसाब से 3 प्रतिशत घटकर 28.92 लाख करोड़ रुपये रह गया, जबकि मई में यह 29.9 लाख करोड़ रुपये के उच्च स्तर पर था। पिछले महीने यूपीआई ने मात्रा और मूल्य दोनों के मामले में रिकॉर्ड ऊंचाई हासिल की थी। इस गिरावट का मुख्य कारण […]
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बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में बैंकों को बॉन्ड कारोबार से अच्छा मुनाफा मिलने की संभावना है। इससे उन्हें पहले हुए मार्क-टु-मार्केट (एमटीएम) नुकसान की भरपाई करने में काफी मदद मिलेगी। तिमाही के दौरान सरकारी बॉन्ड यील्ड में नरमी रही, जबकि शुद्ध ओपन पोजिशन (एनओपी) नियमों में बदलाव का असर […]
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भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ओर से मंगलवार को जारी वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट के अनुसार, अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों की सकल और शुद्ध गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां मार्च 2026 के अंत तक घटकर क्रमशः 1.8 प्रतिशत और 0.4 प्रतिशत रह गईं। रिपोर्ट के मुताबिक, बैंकों की परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार सभी बैंक समूहों में देखने को मिला। हालांकि, […]
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