facebookmetapixel
Advertisement
सरकार ने पॉलिमर, स्टील, दवा, अन्य उद्योगों के लिए LPG आवंटन को मंजूरी दीKotak MF ने उतारा मल्टी एसेट फंड, ₹500 की SIP में इक्विटी से लेकर गोल्ड तक निवेश का मौकाTata Sons की लिस्टिंग पर अनिश्चितता के बीच RBI लाएगा नया NBFC फ्रेमवर्कCabinet Decision: जयपुर मेट्रो फेज-2 को कैबिनेट की मंजूरी, ₹13,000 करोड़ में बनेगा 41 किमी लंबा कॉरिडोरFY26 में डिमैट खातों की रफ्तार धीमी, 22% की गिरावट; कमजोर बाजार और IPO सुस्ती का असरCabinet Decision: किसानों को बड़ी राहत! खरीफ सीजन के लिए ₹41,534 करोड़ की फर्टिलाइजर सब्सिडी को मंजूरीRBI MPC Meet: बॉन्ड मार्केट में हलचल, कहां बन रहा निवेश का मौका?Pradhan Mantri Mudra Yojana: प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के 11 साल पूरे, 57.79 करोड़ ऋण मंजूर, ₹40 लाख करोड़ बांटे गएक्या है IFR और RBI ने इसे हटाने का फैसला क्यों लिया? बैंकिंग सेक्टर पर असर समझेंIT Q4 Results Preview: TCS से लेकर Infosys और Wipro तक, नतीजों से ज्यादा गाइडेंस पर रहेगी नजर; AI दौर में टिकेगी ग्रोथ?

प्राथमिकता क्षेत्र के ऋण मानदंड संशोधित

Advertisement

इन दिशानिर्देशों में उन उद्देश्यों को व्यापक बनाया गया जिनके आधार पर ऋणों को नवीकरणीय ऊर्जा के अंतर्गत वर्गीकृत किया जा सकता है।

Last Updated- March 25, 2025 | 11:05 PM IST
RBI MPC Meeting

भारतीय रिजर्व बैंक ने प्राथमिकता क्षेत्र उधारी (पीएसएल) मानदंडों में बदलाव किया है। सोमवार को घोषित इस बदलाव का लक्ष्य आवास, स्वच्छ ऊर्जा सहित कई क्षेत्रों के लिए ऋण प्रवाह को बेहतर करना है। इससे एचडीएफसी बैंक, आरबीएल बैंक, फेडरल बैंक और इंडसइंड बैंक जैसे कई प्रमुख बैंकों को अपने मूल लक्ष्यों को हासिल करने में मदद मिलेगी। ये संशोधित मानदंड 1 अप्रैल, 2025 से लागू होंगे।

पीएसएल दिशानिर्देशों में आवास ऋण सहित कई ऋणों की सीमाओं को बढ़ाया गया है। इन दिशानिर्देशों में उन उद्देश्यों को व्यापक बनाया गया जिनके आधार पर ऋणों को नवीकरणीय ऊर्जा के अंतर्गत वर्गीकृत किया जा सकता है। इसी तरह, ‘कमजोर वर्ग’ के तहत पात्र उधारीकर्ताओं की सूची का विस्तार किया गया है और शहरी सहकारी बैंकों (यूसीबी) द्वारा व्यक्तिगत महिला लाभार्थियों को ऋण देने पर लगी बंदिशों को हटा दिया गया है। इस बारे में आईआईएफएल कैपिटल के नोट के मुताबिक प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में बैंक ऋण प्रवाह में सुधार के लिए संशोधित दिशानिर्देशों का बढ़ाया गया कवरेज वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देगा और कमजोर वर्गों और महिला उद्यमियों के लिए ऋण को अधिक सुलभ बनाएगा।

भारतीय रिजर्व बैंक ने संशोधित पीएसएल दिशानिर्देश में बैंकों के लिए कुल पीएसएल लक्ष्य समायोजित शुद्ध बैंक ऋण (एएनबीसी) का 40 फीसदी तक रखा है। आईआईएफएल कैपिटल नोट के अनुसार, वित्त वर्ष 24 में आरबीएल बैंक, इंडसइंड बैंक और फेडरल बैंक के ऑर्गेनिक पीएसएल में कमी आई। इंडसइंड बैंक और फेडरल बैंक का ऑर्गेनिक पीएसएल ओपनिंग कैलकुलेटेड एएनबीसी के प्रतिशत के रूप में 32 फीसदी था और आरबीएल बैंक के लिए यह 26 फीसदी था।

लिहाजा आरबीएल बैंक ने घरेलू ऋणों की 6.4 फीसदी शुद्ध खरीद दर्ज की, जबकि इंडसइंड बैंक की शुद्ध खरीद 0.9 फीसदी, एसबीआई की 5.7 फीसदी और आईसीआईसीआई बैंक की 1.9 फीसदी रही। इसके अलावा, इन बैंकों ने ग्रामीण अवसंरचना विकास कोष (आरआईडीएफ) में भी निवेश किया है। मैक्वेरी कैपिटल के विश्लेषकों के अनुसार भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा दी गई छूट उच्च सीमा (जैसे: कृषि उपज के लिए प्रतिज्ञा सीमा में वृद्धि), बढ़ी हुई उप-श्रेणियों (जैसे: कृषि उपज की प्रत्यक्ष खरीद को शामिल करना, कमजोर वर्गों में ट्रांसजेंडर को शामिल करना, आदि) के रूप में है।

Advertisement
First Published - March 25, 2025 | 10:29 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement