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ESI: गि​ग कामगारों को भी कर्मचारी राज्य बीमा का मिल सकता है लाभ, श्रमिकों को लेकर सरकार का है ये मकसद

ESIC ने योजना का दायरा बढ़ाने का खाका तैयार करने के संबंध में वि​भिन्न हितधारकों से बात की है।

Last Updated- January 17, 2024 | 9:56 PM IST
LIC Jeevan Arogya Scheme

देश में ज्यादा संख्या में कामगारों को सामाजिक सुरक्षा का लाभ पहुंचाने के मकसद से सरकार संगठित क्षेत्र की अपनी प्रमुख योजना कर्मचारी राज्य बीमा (Employee State Insurance-ESI) के तहत चिकित्सा लाभ के दायरे को बढ़ाने पर विचार कर रही है। सरकार का उद्देश्य इसके तहत असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों और गिग (दिहाड़ी या अस्थायी) कामगारों को शामिल कर उन्हें भी चिकित्सा लाभ देने का है। इस संबंध में कर्मचारी राज्य बीमा निगम (Employee State Insurance Corporation-ESIC)) पहले ही विभिन्न हितधारकों के साथ बैठकें कर चुका है।

घटनाक्रम के जानकार एक व्य​क्ति ने बिज़नेस स्टैंडर्ड को बताया, ‘ईएसआईसी ने योजना का दायरा बढ़ाने का खाका तैयार करने के संबंध में वि​भिन्न हितधारकों से बात की है। आम तौर पर ध्यान अनुपालन को बढ़ाने पर होता है ताकि योजना के सदस्यों की संख्या बढ़ सके। अब इसमें असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों और गिग कामगारों को भी शामिल करने की योजना है।’

इस बारे में जानकारी के लिए ईएसआईसी को ईमेल भेजा गया था लेकिन खबर लिखे जाने तक जवाब नहीं आया। कर्मचारी राज्य बीमा अ​धिनियम, 1948 के तहत गठित ईएसआई योजना के दायरे में अभी 10 या इससे अ​धिक कर्मचारियों वाले सभी कारखानों और अ​धिसूचित क्षेत्र में हर महीने 21,000 रुपये कमाने वाले कर्मचारी आते हैं।

श्रम मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार ईएसआई योजना 36 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के 611 जिलों में लागू हैं जहां 161 अस्पतालों और 1,547 डिस्पेंसरियों के नेटवर्क के जरिये कुल 3.72 करोड़ बीमित लोगों के साथ 12 करोड़ लाभा​र्थियों को सामाजिक सुरक्षा का लाभ दिया जा रहा है।

सेफ इन इंडिया फाउंडेशन के सह-संस्थापक संदीप सचदेवा ने कहा कि ईएसआईसी को असंगठित क्षेत्र और गिग कामगारों को योजना का लाभ देते समय नकारात्मक जो​​खिम के प्रबंधन पर सतर्क रहना होगा ताकि उनकी सेवा की गुणवत्ता आगे और खराब न हो।

उन्होंने कहा, ‘हमें असंगठित क्षेत्र और गि​ग अर्थव्यवस्था के श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा को बेहतर बनाने की जरूरत है। लेकिन जब तक कामगारों के नए समूह को बीमा प्रीमियम के रूप में वेतन के 4 फीसदी की मौजूदा दर पर योजना में शामिल नहीं किया जाता है तब तक उनके नियोक्ता या सरकार द्वारा योगदान किया जाए, क्योंकि बीते वर्षों में तथा भविष्य में मौजूदा ग्राहकों के संचित अंशदान का उपयोग करने से असंगठित क्षेत्र के नए शामिल कर्मचारियों को स​ब्सिडी लाभ देने में खत्म हो सकता है। जो पूरी तरह अनुचित होगा। ईएसआईसी को बहुत सोच-समझकर नियंत्रित एवं चरणबद्ध तरीके से नया सेगमेंट शामिल करना चाहिए।’

सामाजिक सुरक्षा, 2020 पर नई संहिता के अंतर्गत ईएसआई योजना का दायरा देश भर में 10 या इससे अ​धिक कर्मचारियों वाले सभी प्रतिष्ठानों तक बढ़ा दिया गया है। पहले यह अ​धिसूचित जिलों/क्षेत्रों तक सीमित था। इसके साथ ही 10 से कम कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों को स्वैछिक तौर पर भी इसमें शामिल करने का प्रावधान है।

सचदेवा ने कहा, ‘संहिता में असंगठित क्षेत्र के कामगारों जैसे कि प्लेटफॉर्म और गि​ग कामगारों के लिए भी विशेष योजनाएं बनाने का प्रावधान है। वर्तमान में इन सभी श्रे​णियों को ईएसआई योजना के तहत लाने पर चर्चा की जा रही है।’

पिछले साल सितंबर में श्रम पर संसद की स्थायी समिति की एक रिपोर्ट में सामाजिक सुरक्षा संहिता के तहत विस्तारित कवरेज प्रदान करने की ईएसआईसी की क्षमता पर भी ​सवाल उठाए गए थे।

First Published - January 17, 2024 | 9:56 PM IST

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