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बैंक मुनाफे पर असर डाल सकती है डिपॉजिट इंश्योरेंस लिमिट बढ़ोतरी: ICRA

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बीमा सीमा बढ़ने से बैंकों के सालाना शुद्ध लाभ में 12,000 करोड़ रुपये तक की गिरावट संभव

Last Updated- March 05, 2025 | 10:58 PM IST
Insurance

रेटिंग एजेंसी इक्रा ने आज कहा कि जमा राशि के बीमा की सीमा में किसी भी वृद्धि से बैंकों के सालाना शुद्ध लाभ पर 12,000 करोड़ रुपये तक प्रतिकूल असर पड़ सकता है। यह परिसंपत्तियों पर रिटर्न (आरओए) में चार आधार अंक और इक्विटी पर रिटर्न (आरओई) में 40 आधार अंक तक की कमी लाएगा। इक्रा ने बताया कि आरओए और आरओई का सकल प्रभाव क्रमश सात आधार और 68 आधार अंक हो सकता है।

हालांकि जमा राशि के बीमा में प्रस्तावित वृद्धि की सीमा की जानकारी नहीं है। विभिन्न स्थितियों में बीमा जमा अनुपात (आईडीआर) 47.0 से 66.5 प्रतिशत तक बढ़ सकता है। आईडीआर के रूप में व्यक्त जमा का कवरेज बीमाकृत जमा और मूल्यांकन योग्य जमा का अनुपात है। यह 31 मार्च, 2024 को 43.1 प्रतिशत (31 मार्च, 2023 को 44.4 प्रतिशत) था।

डिपॉजिट इंश्योरेंस ऐंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (डीआईसीजीसी) ने फरवरी, 2020 में जमा राशि पर बीमा की राशि को एक लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये प्रति निवेशक प्रति संस्थान कर दिया था। यह हाल में एक सहकारी बैंक के डूबने के मद्देनजर आया है। इसके अलावा बीमा प्रीमियम 0.15 रुपये (0.12 रुपये) प्रति 100 रुपये के जमा से बढ़ा दिया गया है। यह डीआईसीजीसी को अपना जमा बीमा कोष (डीआईएफ) को बढ़ाने में मदद करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की पूर्व मंजूरी से किया जाएगा।

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First Published - March 5, 2025 | 10:58 PM IST

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