facebookmetapixel
Advertisement
सोने पर 15% ड्यूटी से क्या घटेगा भारत का ट्रेड डेफिसिट? जानिए क्यों इतना आसान नहीं है यह गणिततेल संकट के बीच सरकार का बड़ा दावा! 4 साल से नहीं बढ़े पेट्रोल-डीजल के दामMSCI Index में बड़ा फेरबदल! Adani Energy और MCX की एंट्री, RVNL बाहरAirtel Q4 Results: मुनाफे में 33.5% की भारी गिरावट, ₹7,325 करोड़ पर आया नेट प्रॉफिटDA Hike: सरकार का बड़ा तोहफा! रेलवे कर्मचारियों और पेंशनर्स का DA बढ़ा, सैलरी में होगा सीधा असरस्मार्ट लाइटिंग से चमकेगा भारत! 2031 तक 24 अरब डॉलर पार करेगा स्मार्ट होम मार्केटकैबिनेट का बड़ा फैसला, नागपुर एयरपोर्ट बनेगा वर्ल्ड क्लास हब; यात्रियों को मिलेंगी नई सुविधाएंKharif MSP 2026: खरीफ फसलों की MSP में इजाफा, धान का समर्थन मूल्य ₹72 बढ़ाFMCG कंपनियों में निवेश का मौका, DSP म्युचुअल फंड के नए ETF की पूरी डीटेलUS-Iran War: चीन यात्रा से पहले ट्रंप की ईरान को खुली चेतावनी, बोले- ‘डील करो वरना तबाही तय’

तीसरी तिमाही में HDFC बैंक की उधारी 62.4 फीसदी बढ़ी

Advertisement

कासा जमा रा​शियों में पिछली तिमाही के मुकाबले थोड़ा सा इजाफा

Last Updated- January 05, 2024 | 10:20 PM IST
सेंसेक्स की टॉप 10 में से छह कंपनियों का MCap 1.73 लाख करोड़ रुपये घटा, HDFC बैंक और LIC को हुआ सबसे ज्यादा घाटा , Mcap of 6 of top-10 most valued firms declines by Rs 1.73 trn; HDFC lags

निजी क्षेत्र के सबसे बड़े ऋणदाता एचडीएफसी बैंक ने 31 दिसंबर, 2023 तक सकल अग्रिम रा​शि में पिछले साल की तुलना में 62.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की और यह बढ़कर 24.69 लाख करोड़ रुपये हो गई। पिछली तिमाही यानी 30 सितंबर, 2023 तक अग्रिम राशि 23.55 लाख करोड़ रुपये थी जिससे यह वृद्धि करीब 4.9 प्रतिशत अधिक है।

शेयर बाजार को दी गई सूचना में ऋणदाता ने कहा कि दिसंबर 2023 के आंकड़ों में एचडीएफसी का कारोबारी परिचालन भी शामिल है और इसलिए इसकी तुलना सीधे तौर पर एक साल पहले की अवधि से नहीं की जा सकती है।

ऋणदाता ने कहा कि उसके आंतरिक वर्गीकरण के अनुसार घरेलू खुदरा ऋण 110 प्रतिशत से अधिक (पिछले साल की तुलना में) बढ़ गया। वाणिज्यिक और ग्रामीण बैंकिंग ऋण में तकरीबन 31.5 प्रतिशत का सुधार हुआ और अन्य थोक ऋण (फूर्व के एचडीएफसी लिमिटेड के गैर-व्यक्तिगत ऋणों को छोड़कर) में करीब 11 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई।

Also read: एक या दो नहीं 10 टुकड़ों में बंटा Nestle India का शेयर, कभी होता था भारत का छठा सबसे महंगा स्टॉक

समीक्षाधीन अवधि के दौरान कुल जमा राशि 31 दिसंबर, 2022 के 17.33 लाख करोड़ रुपये से लगभग 27.7 प्रतिशत बढ़कर करीब 22.14 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई तथा 30 सितंबर, 2023 को समाप्त तिमाही से करीब 1.9 प्रतिशत का तिमाही इजाफा हुआ।

इस तिमाही के दौरान निजी क्षेत्र के दिग्गज की खुदरा जमा रा​शि में 530 अरब रुपये तक की वृद्धि हुई तथा 31 दिसंबर, 2022 की तुलना में लगभग 28.4 प्रतिशत तक का इजाफा हुआ। इस बीच थोक जमा में 31 दिसंबर, 2022 की तुलना में करीब 24.4 प्रतिशत तक का सुधार देखा गया। हालांकि इसमें वित्त वर्ष 24 की दूसरी तिमाही की तुलना में लगभग 3.4 प्रतिशत तक की गिरावट आई।

Advertisement
First Published - January 5, 2024 | 10:20 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement