facebookmetapixel
Advertisement
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, खुद अपने पोस्ट में लेटर जारी करके दी जानकारीफ्लैट खरीदने के बाद पुराने मेंटेनेंस बकाया का आ गया बिल? जानिए क्या कहता है कानून और क्या करें नए खरीदार360% का मोटा डिविडेंड! IT सेक्टर की दिग्गज कंपनी का निवेशकों को तोहफा, रिकॉर्ड डेट फिक्सक्या ईरान पर सबसे बड़े हमले की तैयारी में अमेरिका? ट्रंप बोले: हम ‘लॉक्ड एंड लोडेड’, पर बातचीत भी जारी‘उदारीकण के बाद अहसास हुआ कि हमें इनोवेशन करना होगा, न कि दिल्ली में इंतजार’, नारायण मूर्ति ने बयां की 1991 से पहले की दुश्वारियां1991 से अब तक का सफर: अविश्वास से निकलकर भरोसे पर आधारित आर्थिक नीति बनाने की जरूरत‘बंगाल को मिली तबाही और निराशा की विरासत’, बोले स्वप्न दासगुप्ता: निवेश लाने के लिए करेंगे अतिरिक्त प्रयासऑरिफ्लेम बेचेगी भारत में अपना विनिर्माण कारोबार, अकुम्स ड्रग्स की सहायक कंपनी प्योर एंड क्योर से हुआ समझौता₹9,200 करोड़ के IPO से कर्जमुक्त होगी मणिपाल हेल्थ, उत्तर भारत में विस्तार पर कंपनी का जोर: दिलीप जोसजून में लगातार दूसरे महीने क्रेडिट कार्ड खर्च ₹2 लाख करोड़ पार, HDFC Bank और SBI का दिखा दबदबा

50-वर्षीय बॉन्ड की मांग रही शानदार, दूसरी छमाही में बिक्री को लेकर सरकार का है बड़ा प्लान

Advertisement

बाजार में 50 साल के बॉन्ड से पहले सबसे लंबी मियाद का बॉन्ड 40 साल वाला था। 40-वर्षीय बॉन्ड आज 7.45 फीसदी यील्ड पर बंद हुआ।

Last Updated- November 03, 2023 | 9:29 PM IST
Bonds

देश में 50 साल के सरकारी बॉन्ड की पहली नीलामी में आज जबरदस्त मांग देखी गई। इससे पता चलता है कि बीमा कंपनियों और पेंशन फंडों के बीच अल्ट्रा-लॉन्ग टर्म यानी काफी लंबी अवधि के बॉन्ड का आकर्षण बढ़ रहा है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने इस बॉन्ड पर कट-ऑफ यील्ड 7.46 फीसदी निर्धारित की है, जो बाजार की अपेक्षाओं से बेहतर है।

बाजार में 50 साल के बॉन्ड से पहले सबसे लंबी मियाद का बॉन्ड 40 साल वाला था। 40-वर्षीय बॉन्ड आज 7.45 फीसदी यील्ड पर बंद हुआ। 50-वर्षीय बॉन्ड भी 10,000 करोड़ रुपये के बिक गए। सरकार अक्टूबर से मार्च के अपने उधारी कैलेंडर में 30,000 करोड़ रुपये के बॉन्ड बेचने की योजना बना रही है। 50-वर्षीय सरकारी बॉन्ड की मांग जीवन बीमा कंपनियों खासकर भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की ओर से ज्यादा रही।

आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज प्राइमरी डीलर​शिप के उपाध्यक्ष नवीन सिंह ने कहा, ‘अधिकतर मांग बीमा एवं पेंशन फंडों से आई। बॉन्ड की मांग में तेजी फिलहाल बनी रहेगी क्योंकि बाजार ने इसे कुछ प्रीमियम दिया है।’

केंद्र सरकार ने चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में 6.6 लाख करोड़ रुपये उधार लेने की योजना बनाई है। यह पूरे वित्त वर्ष के लिए कुल 15.43 लाख करोड़ रुपये की उधारी योजना का 42 फीसदी है।

कोटक लाइफ इंश्योरेंस के कार्यकारी उपाध्यक्ष चर्चिल भट्ट ने कहा, ‘बाजार को हमेशा भरोसा रहता है कि मांग अच्छी रहेगी। पहली नीलामी के नतीजे ने यह बात साबित भी की है। बॉन्ड की दमदार मांग थी। हम निश्चित तौर पर तो नहीं कह सकते लेकिन इतना तय है कि अधिकांश मांग बड़ी बीमा कंपनियों और पेंशन फंडों से दिखी।’

बाजार प्रतिभागियों ने कहा कि सरकारी बैंकों ने 10-वर्षीय बॉन्ड का स्टॉक बढ़ाया जबकि 5-वर्षीय बॉन्ड की अधिकांश मांग निजी क्षेत्र के बैंकों और म्युचुअल फंडों से दिखी।

Advertisement
First Published - November 3, 2023 | 9:29 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement