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जारी कार्ड में रुपे की हिस्सेदारी ज्यादा

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Last Updated- December 12, 2022 | 9:10 AM IST

स्वदेशी कार्ड भुगतान नेटवर्क रुपे ने आरंभ होने के बाद से घरेलू कार्ड बाजार में महत्त्वपूर्ण बाजार हिस्सेदारी पर कब्जा किया है। 30 नवंबर, 2020 को जारी किए गए कुल कार्डों में रुपे की बाजार हिस्सेदारी बढ़कर 60 फीसदी से अधिक हो गई जबकि 2017 में यह महज 17 फीसदी रही थी। यह जानकारी भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ओर से जारी बुकलेट भारत में भुगतान प्रणाली (2010-2020) में दी गई है।
नवंबर 2020 तक करीब 1,158 बैंकों की ओर से 60.36 करोड़ रुपे कार्ड जारी किए। लेकिन इनमें से अधिकांश डेबिट कार्ड हैं और के्रडिट कार्ड की संख्या महज 97 हजार है। हालांकि, विशेषज्ञों ने चेताया है कि इस आंकड़े को अलग करके नहीं देखा जाना चाहिए क्योंकि सक्रिय कार्डों की संख्या एक अन्य मानदंड है जिसको ध्यान में रखने की जरूरत है।    
विशेषज्ञों ने आगे संकेत किया कि इतनी बड़ी बाजार हिस्सेदारी पाने के पीछे की एक वजह यह हो सकती है कि बड़ी संख्या में रुपे कार्ड केंद्र सरकार की जन धन योजना के तहत खाता खोलने के समय पर जारी किए गए। 13 जनवरी, 2021 को जन धन योजना के तहत 41.65 करोड़ खोले गए खातों को 30.6 करोड़ से अधिक रुपे कार्ड जारी किए गए हैं। विशेषज्ञ ने कहा, ‘बहरहाल यह भी जांचने का विषय है कि कितने मूल्य और मात्रा में लेनदेन हो रहा है क्योंकि तीनों ही कार्ड बढ़ रहे हैं और वीजा तथा मास्टरकार्ड भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।’

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First Published - January 27, 2021 | 11:48 PM IST

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