facebookmetapixel
Advertisement
Banking Stocks: सरकारी बैंकों से क्यों सावधान हो रहे विदेशी निवेशक? प्राइवेट बैंकों में क्यों दिख रहा ज्यादा भरोसाआज खुल रहे 6 IPO, किसमें लगाएं पैसा? निवेश से पहले जान लें एक्सपर्ट्स की पसंद और किन इश्यू से रहें सावधानEPFO Rule: PF पर कब तक मिलता है ब्याज? 58 साल का ये नियम जान लेंकच्चा तेल 68 से 99 डॉलर पहुंचा, अब IOC, BPCL और HPCL के शेयरों का क्या होगा? ब्रोकरेज ने बताए टारगेटकच्चे तेल में फिर तेजी, 100 डॉलर के करीब पहुंचा ब्रेंट; आखिर क्यों बढ़ रहे दाम?Opening Bell: सेंसेक्स 300 अंक नीचे, निफ्टी 23,500 के पास; निफ्टी आईटी 3% से ज्यादा टूटाStocks To Watch Today: आज इन शेयरों पर रहेगी बाजार की नजर, किसी को मिला करोड़ों का ऑर्डर तो किसी में बड़ी डील की तैयारीभारत के ई-कॉमर्स बाजार में बदलाव, AI और ग्राहकों की जरूरतों पर बढ़ा फोकसभारत के रियल एस्टेट बाजार में सेंचुरी 21 की दस्तक, 126 शहरों में विस्तार की योजनाश्रीलंका पहुंचे राजनाथ सिंह, 38 साल बाद किसी भारतीय रक्षा मंत्री की यात्रा; संबंधों को मिलेगी नई धार

वैश्विक सूचकांकों से जुड़ेगी सरकारी प्रतिभूति : आरबीआई

Advertisement
Last Updated- December 12, 2022 | 1:26 AM IST

आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने मंगलवार को कहा कि केंद्र सरकार के साथ भारतीय रिजर्व बैंक सरकारी प्रतिभूतियों को अंतरराष्ट्रीय निपटान में सक्षम बनाने और वैश्विक बॉन्ड सूचकांकों में इसे शामिल कराने पर काम कर रहा है ताकि निवेशकों का आधार बढ़े।
उन्होंने अपना रुख दोहराते हुए कहा कि सरकारी प्रतिभूति सार्वजनिक चीज है क्योंकि यह अर्थव्यवस्था की विभिन्न प्रतिभूतियों की कीमतें तय करने का बेंचमार्क है। दास ने कहा, सरकार के साथ मिलकर हम सरकारी प्रतिभूतियों का अंतरराष्ट्रीय निपटान इंटरनैशनल सेंट्रल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरीज के जरिए करने की कोशिश में लगे हुए हैं।
उन्होंंने कहा, जब यह परिचालन में आ जाएगा तब यह सरकारी प्रतिभूति के बाजार में अप्रवासी की पहुंच में इजाफा कर देगा और वैश्विक बॉन्ड सूचकांकों में भारतीय प्रतिभूतियों को शामिल कराने की कोशिशें हो रही हैं। फिक्स्ड इनकम मनी मार्केट ऐंड डेरिवेटिव एसोसिएशन ऑफ इंडिया और प्राइमरी डीलर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया की सालाना बैठक में अपने भाषण में उन्होंने ये बातें कही, जिनकी सालाना बैठक वर्चुअल हुई।
गवर्नर दास ने कहा, निवेशकों के आधार में विस्तार इस बाजार के और विकास के लिए अहम है। निवेशकों का आधार बढ़ाने के लिए आरबीआई ने खुदरा निवेशकों के लिए रिटेल डायरेक्ट स्कीम शुरू की है, जो मौजूदा घरेलू बचत को देश की सुरक्षित परिसंपत्तियों की ओर ले जा सकता है। उन्होंने फिक्स्ड इनकम मनी मार्केट ऐंड डेरिवेटिव एसोसिएशन ऑफ इंडिया और प्राइमरी डीलर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया से अनुरोध किया कि वे स्ट्रिप्स सेगमेंट पर और ध्यान दें ताकि ऐसे निवेशकों की बीच इसकी लोकप्रियता बढ़े।
आरबीआई गवर्नर ने बैंक ऑफ इंटरनैशनल सेलटमेंट्स के अध्ययन का हवाला देते हुए कहा कि इसमें पाया गया है कि भारत में सरकारी प्रतिभूतियों का बाजार ज्यादातर एशियाई बाजारों के मुकाबले काफी बड़ा है और बिड-आस्क स्प्रेड सबसे अच्छा है।
दास के मुताबिक, भारतीय प्रतिभूतियों का बाजार वैसे तो अत्याधुनिक है और बाकी से बेहतर भी, लेकिन इसमें और विकास की गुंजाइश है।

Advertisement
First Published - September 1, 2021 | 12:29 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement