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बड़े चेकों को लेकर नई पहल

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Last Updated- December 10, 2022 | 9:13 PM IST

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) जल्द ही बड़ी रकम वाले चेकों की परिचालन प्रक्रिया को इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफॉर्म से शुरू करने की योजना बना रहा है।
आरबीआई की डिप्टी गवर्नर श्यामला गोपीनाथ ने कहा कि आरबीआई इस बारे में गंभीरता से सोच रहा है और इसकेकार्यान्वयन से बड़ी रकम के परिचालन में लगने वाले समय में काफी कमी आएगी।
गोपीनाथ ने कहा कि इससे इन परिचालनों से जुड़े जोखिम का खतरा भी काफी हद तक कम हो सकेगा। उल्लेखनीय है कि औसतन प्रति दिन आरबीआई करीब 60,000 रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (आरटीजीएस) और 50 लाख चेकों का निपटारा करता है।
आरबीआई आरटीजीएस को छोड़कर सभी खुदरा भुगतान और निपटान की प्रक्रिया को अलग कर इसे नैशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) के जरिए करने की योजना बना रहा है। आरबीआई इस समय सभी प्रकार के भुगतान और निपटान प्रक्रिया को संपादित करता है। इसके अलावा केंद्रीय बैंक चेक परिचालन प्रणाली (सीटीएस) का कार्यान्वयन आने वाले समय में देश के अन्य भागों में भी शुरू करने की योजना बना रहा है।
गौरतलब है कि सीटीएस तकनीका का इस्तेमाल कर बैंक परिचालन संबंधी निपटारे के लिए कागजी चेक के बदले सीधे इसका तस्वीर भेज सकते हैं। गोपीनाथ ने कहा कि उल्लेखनीय है कि सीटीएस प्रणाली अभी केवल राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में ही शुरू की गई है जबकि इसके अगले चरण में इसका कार्यान्वयन चेन्नई में किया जाएगा जो दक्षिणी क्षेत्रों में परिचालन का काम देखेगा।
इस बात को ध्यान में रखते हुए कि आर्थिक मंदी ने बैंकिंग क्षेत्र के सामने  कई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं, गोपीनाथ ने कहा कि बैंकों को अपनी सेवाओं को और अधिक कुशलता से लागू करने के लिए तकनीकी का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करना चाहिए।
गोपीनाथ ने कहा कि वित्तीय संकट के बाद बैंकों की आईटी पर होने वाले खर्च में कमी आ सकती है। सरकार द्वारा बाजार से कर्ज जुटाने के बारे में गोपीनाथ ने कहा कि आरबीआई इस बात को पूरी तरह सुनिश्चित करेगा कि यह प्रक्रिया आराम से हो सके और बाजार पर इसका कोई असर नहीं पड़े।

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First Published - March 23, 2009 | 10:45 PM IST

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