facebookmetapixel
67% चढ़ सकता है सिर्फ ₹150 का शेयर, Motilal Oswal ने शुरू की कवरेज; BUY की दी सलाहअमेरिका का सख्त कदम, 13 देशों के लिए $15,000 तक का वीजा बॉन्ड जरूरीवेनेजुएला के तेल उद्योग पर अमेरिका की नजर: ट्रंप बोले- अमेरिकी कंपनियों को मिल सकती है सब्सिडीस्टॉक स्प्लिट का ऐलान: इस रियल्टी कंपनी के शेयर 15 जनवरी से होंगे स्प्लिट, जानें डिटेलStock Market Today: वेनेजुएला संकट के बीच एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख, जानें कैसी होगी शेयर बाजार की शुरुआतStocks To Watch Today: ONGC से Adani Power तक, आज बाजार में इन स्टॉक्स पर रहेगी नजरमजबूत फंडामेंटल के साथ शेयर बाजार में बढ़त की उम्मीद, BFSI क्षेत्र सबसे आगे: रमेश मंत्रीअमेरिकी प्रतिबंधों से वेनेजुएला की तेल अर्थव्यवस्था झुलसी, निर्यात पर गहरा असर; भारत का आयात भी घटाबांग्लादेश ने IPL के प्रसारण पर लगाया प्रतिबंध, एक्सपर्ट बोले: इस फैसले से कुछ ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगादिल्ली दंगा साजिश केस में उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से सुप्रीम कोर्ट ने किया इनकार

विदेशी कंपनियों में निवेश में सतर्कता बरतें: वित्त मंत्रालय

Last Updated- December 07, 2022 | 10:05 PM IST

वित्त मंत्रालय ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को सलाह दी है कि वे विदेशी कंपनियों में निवेश करने से पहले वे जटिल वित्तीय उत्पादों और उद्मम को पूरी तरह से परख लें।

वित्त मंत्रालय का यह निर्देश अमेरिका की प्रमुख वित्तीय संस्थानों के खस्ता हालत के बाद आया है जिससे कि भारतीय बैंकों को मार्के-टू-मार्केट घाटा होने की संभावना है।

वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया है कि बैंकों को विदशी कंपनियों में निवेश को लेकर बातचीत करते समय रिजर्व बैंक के दिशा-निर्देशों का कडाई से पालन करने की सलाह दी गई है।

अधिकारी ने आगे बताया कि बैंकों को सलाह दी गई है कि वे विदेशी कंपनियों की रेटिंग एजेंसी द्वारा की गई रेटिंग पर विश्वास न करें और कोई भी कदम उठाने से पहले अपने स्तर पर उन कंपनियों के बारे में पता कर ले।

अधिकारी ने बताया कि आईसीआईसीआई बैंक और भारतीय स्टेट बैंक सहित कई प्रमुख बैंकों का कारोबार विदशी वित्तीय कंपनियों से होता है जिसमें कि लीमन ब्रदर्स, फेनी मेई और फ्रेडी मैक शामिल हैं।

हाल के कुछ समयों में विशेषज्ञों ने रेटिंग एजेंसी को कंपनियों की वास्तविक स्थिति के  बारे में न बताने को लिए जिम्मेदार ठहराया। एक सूत्र ने बताया कि वित्त मंत्रालय ने सार्वजनिक क्षेत्र की बैंकों को सिर्फ  सामान्य डेरिवेटिव में निवेश करन की सलाह दी है और साथ ही काउंटर पार्टी के साथ जुड़े खतरों को भी समझ लेने की सलाह दी है।

एक सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक केएक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हम अपने आंतरिक जोखिम प्रबंधन प्रणाली केतहत विदेशी कंपनियों के साथ होनेवाले कारोबार को समायोजित कर रहें हैं।

अधिकारी ने बताया कि वैश्विक बाजार में कारोबार की खस्ता हालत को देखते हुए सरकार का चिंतित होना स्वभाविक ही है क्योंकि बैंक कारोबार के लिए सार्वजनिक पैसों का ही इस्तेमाल करती है।

गौरतलब है कि आरबीआई स्थिति पर नजर रखे हुए है और आवश्यकता पड़ने पर विदेशी कंपनियों के साथ कारोबार करने के दिशा-निर्देशों में और अधिक कडापन ला सकती है।

First Published - September 24, 2008 | 9:44 PM IST

संबंधित पोस्ट