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लक्ष्मी विलास बैंक के ऋण पत्रों की रेटिंग घटी

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Last Updated- December 14, 2022 | 10:54 PM IST

केयर रेटिंग्स ने लक्ष्मी विलास बैंक (एलवीबी) के कुल 618.70 करोड़ रुपये के टियर-2 बॉन्ड की रेटिंग को ‘बीबी प्लस’ से घटाकर ‘बीबी माइनस’ कर दिया है। रेटिंग एजेंसी ने वित्त वर्ष 2020 और वित्त वर्ष 2021 की पहली तिमाही में हुए घाटे के कारण लक्ष्मी विलास बैंक की शुद्ध हैसियत में भारी गिरावट का हवाला देते हुए रेटिंग को घटाया दिया है।
इससे पहले ब्रिकवर्क रेटिंग्स ने लक्ष्मी विलास बैंक के 50.50 करोड़ रुपये के दीर्घावधि बॉन्ड के लिए रेटिंग को घटाकर नकारात्मक जटिलताओं के साथ ‘बीडब्ल्यूआर बीप्लस/क्रेडिट वॉच’ कर दिया था। उसके दो दिन बाद और क्लिक्स ग्रुप द्वारा लक्ष्मी विलास बैंक को गैर-बाध्यकारी पेशकश मिलने के एक दिन बाद केयर रेटिंग्स ने यह पहल की है।
लक्ष्मी विलास बैंक ने 30 जून 2020 को 0.17 फीसदी पूंजी पर्याप्तता अनुपात (सीएआर) और 1.83 फीसदी नकारात्मक टियर-1 सीएआर दर्ज किया था। ये दोनों आंकड़े 31 मार्च 2020 को क्रमश: 1.12 फीसदी और 0.88 फीसदी नकारात्मक रहे थे। जबकि नियामकीय अनुपालन के लिए इसे क्रमश: 10.875 फीसदी और 8.875 फीसदी रहना आवश्यक है।
 
रिकॉर्ड ऊंचाई पर विदेशी मुद्रा भंडार
देश का विदेशी मुद्रा भंडार दो अक्टूबर, 2020 को समाप्त सप्ताह में 3.618 अरब डॉलर बढ़कर 545.638 अरब डॉलर के सर्वकालिक रिकॉर्ड ऊंचाई को छू गया। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के शुक्रवार इस संबंध में आंकड़े जारी किए। इससे पूर्व 25 सितंबर को समाप्त सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 3.017 अरब डॉलर घटकर 542.021 अरब डॉलर रह गया था। समीक्षावधि में विदेशी मुद्रा भंडार में तेजी की प्रमुख वजह विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों (एफसीए) का बढऩा है। यह कुल विदेशी मुद्रा भंडार का एक अहम अंग होता है। इस दौरान एफसीए 3.104 अरब डॉलर बढ़कर 503.046 अरब डॉलर हो गया। रिजर्व बैंक के आंकड़े दर्शाते हैं कि समीक्षाधीन सप्ताह में देश का कुल स्वर्ण भंडार 48.6 करोड़ डॉलर बढ़कर 36.486 अरब डॉलर हो गया। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से मिला विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) 40 लाख डॉलर बढ़कर 1.476 अरब डॉलर हो गया।     भाषा

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First Published - October 9, 2020 | 11:46 PM IST

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