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एनबीएफसी के लिए व्यापक नियामकीय ढांचे पर जोर

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Last Updated- December 14, 2022 | 8:32 PM IST

विनियमित इकाइयों की निगरानी बढ़ाने के प्रयास में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) गैर-बैंकिग वित्तीय कंपनियों (एनबीफसी) के नियंत्रण के लिए प्रणालीगत जोखिम योगदान में स्केल-आधारित दृष्टिकोण का इस्तेमाल करेगा। नियामक एनबीएफसी द्वारा लाभांश वितरण के लिए भी नियम निर्धारित करेगा।
इसके अलावा, ऑडिट व्यवस्था मजबूत बनाने के कदम के तौर पर वित्तीय क्षेत्र का नियामक रिस्क बेस्ड इंटरनल ऑडिट अपनाने के लिए बड़े शहरी सहकारी बैंकों (यूसीबी) और एनबीएफसी के लिए नियम जारी करेगा।
मौद्रिक नीति समीक्षा के साथ घोषित नियामकीय उपायों में आरबीआई ने कहा कि वह वाणिज्यिक बैंकों, यूसीबी और एनबीएफसी के लिए ऑडिटर नियुक्त करने के लिए दिशा-निर्देशों को अनुकूल बनाएगा।
आरबीआई एकीकृत निगरानी कार्य के लक्ष्य को आगे बढ़ाने के लिए वाणिज्यिक बैंकों के समान यूसीबी और एनबीएफसी की निगरानी का मानक भी ला रहा है।
आईबीए के चेयरमैन एवं यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्याधिकारी राज किरण ने कहा कि एनबीएफसी के लिए स्केल-आधारित नियामकीय ढांचे, यूसीबी और एनबीएफसी के लिए रिस्क-बेस्ड इंटरनल ऑडिट जैसे कदमों से नियामकीय और निगरानी व्यवस्थाओं में सुधार लाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि इसके अलावा, इन सेगमेंट के बीच अंतर-संबद्घता के लिए जरूरी होगा कि बाजार के सभी घटक वित्तीय स्थायित्व सुनिश्चित करने के लिए मजबूत व्यवस्था पर अमल करें।
टाटा कैपिटल के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्याधिकारी राजीव सभरवाल ने कहा कि लाभांश वितरण के संबंध में, एनबीएफसी के लिए स्केल-आधारित नियामकीय ढांचे और ऑडिट प्रणालियों को मजबूत बनाए जाने से वित्तीय क्षेत्र में ज्यादा पारदर्शिता एवं दक्षता आएगी।
आरबीआई ने कहा है कि एनबीएफसी क्षेत्र के आकार और अंतर-संबद्घता में बड़ा इजाफा हुआ है। इसलिए एनबीएफसी के बदलते जोखिम प्रोफाइल के साथ नियामकीय ढांचे की समीक्षा जरूरी है।
मौजूदा समय में, एनबीएफसी क्षेत्र को नियंत्रित करने वाली नियामकीय व्यवस्था आनुपातिकता के सिद्घांत पर आधारित है, जिसमें नियामकीय उपायों के जरिये इस क्षेत्र को पर्याप्त परिचालन दक्षता उपलब्ध कराना मुख्य रूप से शामिल हैं। आरबीआई इस संबंध में सार्वजनिक प्रतिक्रियाओं के लिए 15 जनवरी 2021 से पहले चर्चा पत्र जारी करेगा।
एनबीएफसी के लिए लाभांश वितरण नीति के बारे में आरबीआई का कहना है कि बैंकों के विपरीत, मौजूदा समय में एनबीएफसी द्वारा लाभांश वितरण के लिए कोई दिशा-निर्देश नहीं हैं। वित्तीय कंपनियों द्वारा लाभांश वितरण के लिए मानक वित्तीय व्यवस्था में उनकी साख बढ़ाने के लिए जरूरी हो गए हैं।
एनबीएफसी की विभिन्न श्रेणियों को मानकों के आधार पर लाभांश घोषित करने की अनुमति होगी। इस बारे में जल्द ही सार्वजनिक प्रतिक्रिया के लिए एक मसौदा सर्कुलर जारी किया जाएगा।

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First Published - December 5, 2020 | 12:08 AM IST

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