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चुघ के इस्तीफे से उज्जीवन एसएफबी पर पड़ेगा दबाव!

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Last Updated- December 12, 2022 | 1:40 AM IST

उज्जीवन स्मॉल फाइनैंस बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्याधिकारी नितिन चुघ के इस्तीफे से शेयर में बिकवाली दबाव बढ़ गया और यह शेयर पिछले सप्ताह के दौरान 23 प्रतिशत से ज्यादा गिर गया। सोमवार को आई 6.35 प्रतिशत की गिरावट को शामिल किया जाए तो यह शेयर 6 दिन में 31 प्रतिशत गिर चुका है। तुलनात्मक तौर पर सेंसेक्स 0.4 प्रतिशत चढ़ा है।गुरुवार का  एक्सचेंज को दी गई जानकारी में इस इस्तीफे की घोषणा की गई थी। यह इस्तीफा ऐसे समय में सामने आया है जब बैंक को परिसंपत्ति गुणवत्ता मोर्चे पर लगातार कमजोर प्रदर्शन, एनपीए की पहचान में विलंब का सामना करना पड़ रहा है। 
इस महीने के शुरू में बैंक के निदेशकों हरीश देवराजन और मोना कच्छवाहा ने इस्तीफे दिए थे, जबकि मुख्य वित्तीय अधिकारी उपमा गोयल ने 7 जुलाई को अपना इस्तीफा सौंप दिया था। विश्लेषकों का मानना है कि निचले स्तर पर कर्मचारी पारिश्रमिक के बजाय बेहतर कार्य परिवेश की तलाश में कंपनी छोड़कर जा सकते हैं। एडलवाइस सिक्योरिटीज की एक रिपोर्ट में कहा गया है, ‘प्रबंधन टीम और निदेशक मंडल में बदलाव, खासकर चुघ के इस्तीफे से बैंक की विकास रणनीति पर प्रभाव पडऩे की आशंका है। चुघ बैंक की डिजिटल पहलों की कमान संभाले हुए थे।’

एमके ग्लोबल ने इस शेयर पर ‘बिकवाली’ रेटिंग दी है, क्योंकि उसका मानना है कि चुघ के नेतृत्व में हासिल किए जा रहे वित्तीय सुधार की रफ्तार अब धीमी पड़ सकती है। चुघ के कार्यकाल (दिसंबर 2019 से शुरू) के दौरान बैंक ने जमाओं के संदर्भ में बेहतर कार्य किया, क्योंकि सीएएसए अनुपात वित्त वर्ष 2020 की तीसरी तिमाही के 11.6 प्रतिशत से बढ़कर वित्त वर्ष 2022 की पहली तिमाही में 20.3 प्रतिशत हो गया। परिचालन खर्च भी नियंत्रित रहा और वित्त वर्ष 2021 में परिचालन-परिसंपत्ति अनुपात 6.2 प्रतिशत रह गया, जो वित्त वर्ष 2020 में 8.2 प्रतिशत था।
आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज की रिपोर्ट में कहा गया है कि बैंक का मुख्य जोर पुराने कर्मचारियों को वापस लाने और अच्छी प्रतिभाओं को बनाए रखने के साथ साथ शीर्ष प्रबंधन का सुगम परिचालन सुनिश्चित करने पर रहेगा।

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First Published - August 24, 2021 | 1:04 AM IST

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