facebookmetapixel
Q3 Preview: घरेलू बिक्री बढ़ी, दवा कंपनियों की Q3 आमदनी में 8-11% तक उछालUPI को ग्लोबल बनाने की जरूरत, छोटे मर्चेंट्स के लिए सेटलमेंट को सही करने की जरूरत: Pay10 के फाउंडरवर्कप्लेस पर तेजी से बढ़ रहा है AI का इस्तेमाल, लेकिन ट्रेनिंग में पीछे छूट रही हैं कंपनियां: रिपोर्टMauni Amavasya 2026: प्रयागराज में संगम पर उमड़ी करोड़ों की श्रद्धालुओं की भीड़, शंकराचार्य विवाद में फंसेदुनिया भर में बढ़ रही भारतीय दवाओं की मांग, नाइजीरिया और ब्राजील बने नए बड़े ठिकानेMarket Outlook: इस हफ्ते शेयर बाजार की चाल तय करेंगे Q3 नतीजे और ग्लोबल संकेतMCap: मार्केट में SBI और Infosys का जलवा, Reliance समेत कई कंपनियों की वैल्यू में गिरावटनेविल टाटा की सर रतन टाटा ट्रस्ट में नियुक्ति की कोशिश फिर फेल, बोर्ड मीटिंग क्वोरम पूरा न होने से रद्दत्योहारी रफ्तार से दौड़ा ऑटो सेक्टर, Q3FY26 में कमाई के नए रिकॉर्ड के संकेतFPIs का बिकवाली दौर जारी, जनवरी में निकाले ₹22,530 करोड़

बैंक ऑफ महाराष्ट्र जारी कर सकता है 1000 करोड़ रुपये के एटी-1 बॉन्ड

Last Updated- December 13, 2022 | 6:34 PM IST
Bonds

सरकारी स्वामित्व वाली बैंक ऑफ महाराष्ट्र आने वाले दिनों में 1,000 करोड़ रुपये तक के अतिरिक्त टियर-1 (एटी-1) बॉन्ड जारी कर सकता है। सूत्रों ने बिजनेस स्टैंडर्ड को यह जानकारी दी। सूत्रों ने कहा कि बॉन्ड को एक्यूट रेटिंग और इंफोमेरिक्स रेटिंग्स द्वारा एए रेटिंग दी गई है। इस बॉन्ड के आवंटन के 5 साल बाद कॉल ऑप्शन होने की संभावना है।

6 दिसंबर को, बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने टियर -2 बाॉन्ड की बिक्री के माध्यम से 8 फीसदी की दर पर 348 करोड़ रुपये जुटाए थे। बैंक ने यह बिक्री निजी प्लेसमेंट के आधार पर की थी। पुणे स्थित ऋणदाता ने आखिरी बार सितंबर में एटी-1 बॉन्ड के माध्यम से ऋण पूंजी बाजार का उपयोग किया था, जिसमें 8.74 फीसदी के कूपन पर 710 करोड़ रुपये की पूंजी जुटाई गई थी। इससे पहले बैंक ने मार्च में 8.75 फीसदी पर 290 करोड़ रुपये के एटी-1 बॉन्ड जारी किए थे।

पिछले कुछ हफ्तों से बैंकों ने टियर-2 बॉन्ड, एटी-1 बॉन्ड और इंफ्रास्ट्रक्चर बॉन्ड जैसे डेट इंस्ट्रूमेंट्स जारी कर पूंजी जुटाने की कोशिश की है। बड़े पैमाने पर पूंजी जुटाना ऐसे समय में आया है जब बैंको की ऋण वृद्धि अधिक है और जमा वृद्धि कम है। इस कारण बैंक पर रकम जुटाने का दबाव बढ़ता जा रहा है।

आरबीआई के ताजा आंकड़ों से पता चलता है कि 18 नवंबर को बैंक ऋण वृद्धि सालाना आधार पर 17.2 फीसदी थी, जबकि जमा वृद्धि 9.6 फीसदी थी। क्रेडिट रेटिंग एजेंसी केयर एज ने बताया कि 18 नवंबर, 2022 को समाप्त पखवाड़े में ऋण वृद्धि लगातार उच्च स्तर पर बनी रही। यह वृद्धि एनबीएफसी, खुदरा ऋण, कार्यशील पूंजी के कारण मुद्रास्फीति में बढ़ोतरी और निचले आधार पर आधारित है।

First Published - December 12, 2022 | 11:42 PM IST

संबंधित पोस्ट