facebookmetapixel
मजबूत फंडामेंटल के साथ शेयर बाजार में बढ़त की उम्मीद, BFSI क्षेत्र सबसे आगे: रमेश मंत्रीअमेरिकी प्रतिबंधों से वेनेजुएला की तेल अर्थव्यवस्था झुलसी, निर्यात पर गहरा असर; भारत का आयात भी घटाबांग्लादेश ने IPL के प्रसारण पर लगाया प्रतिबंध, एक्सपर्ट बोले: इस फैसले से कुछ ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगादिल्ली दंगा साजिश केस में उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से सुप्रीम कोर्ट ने किया इनकारGrok विवाद में X को सरकार ने दी 72 घंटे की और मोहलत, महिलाओं व बच्चों की तस्वीरों पर केंद्र सख्तकेंद्रीय बजट से पहले IVCA की मांग: AIF ने प्राइवेट क्रेडिट फंड्स के लिए टैक्स में समानता की मांग कीSMC बिल पर एम. दामोदरन की चेतावनी: सेबी का निवेशकों की सुरक्षा पर फोकस कमजोरविश्व आर्थिक मंच की सलाना बैठक में दावोस जाएंगे भारतीय नेतागण, चौहान और वैष्णव करेंगे अगुआईभारत कोकिंग कोल का आईपीओ शुक्रवार को पेश होगा, ₹1,069 करोड़ जुटाने की तैयारीAI इम्पैक्ट समिट में ग्लोबल साउथ पर फोकस, खुद को AI सर्विस सप्लायर के रूप में पेश करेगा भारत

फिलहाल जमा दरें और बढ़ाने के मूड में नहीं हैं बैंक

Last Updated- December 07, 2022 | 9:44 AM IST

बैंकों ने निकट भविष्य में जमा की ब्याज दरों में किसी भी तरह की बढ़ोतरी की संभावना से आज इनकार किया है।


इंडियन बैंक के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक एम.एस. सुंदर राजन ने बताया कि बैंक पहले ही ब्याज दरें बढ़ाकर रिजर्व बैंक को संकेत दे चुके हैं कि ब्याज दरों में बढ़ोतरी की और गुंजाइश नहीं हैं ।

महंगाई को काबू करने के लिए रिजर्व बैंक द्वारा सीआरआर और रेपो दर में आधा-आधा फीसदी की बढ़ोतरी किए जाने के बाद बैंकों ने हाल ही में प्रमुख उधारी दर और जमा दरों में बढ़ोतरी की है। सुंदर राजन ने कहा कि मौद्रिक और प्रशासनिक उपायों के बाद मुद्रास्फीति की दर निकट भविष्य में नीचे आने की संभावना है जिससे जमाकर्ताओं को बेहतर रिटर्न मिलने लगेगा।

उन्होंने कहा कि आने वाले महीनों में हमें मुद्रास्फीति की दर नीचे आने तक इंतजार करना होगा और मुझे विश्वास है कि निकट भविष्य में यह नीचे आएगी। यस बैंक के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी राणा कपूर ने कहा कि जमा की ब्याज दरों में और बढ़ोतरी संभव नहीं है क्योंकि इससे बैंकों का मार्जिन और अधिक प्रभावित होगा। कपूर ने कहा कि मुझे बैंकों द्वारा जमा की ब्याज दरों में बढ़ोतरी किए जाने की संभावना काफी कम नजर आती है भले ही मुद्रास्फीति की दर ऊंची होने से जमाकर्ताओं का रिटर्न नकारात्मक हो गया है।

First Published - July 8, 2008 | 2:38 AM IST

संबंधित पोस्ट