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आसमान में भी गूंज रहा चुनाव प्रचार का शोर, हेलीकॉप्टर बुकिंग की टक्कर में भाजपा-कांग्रेस

हेलीकॉप्टर को रेंट पर लेने के लिए पार्टियां जमकर पैसे दे रही हैं। राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना जैसे चुनावी राज्यों में मांग बढ़ी है।

Last Updated- October 20, 2023 | 10:29 PM IST
Election season dawns, demand for charter helicopters hits the sky

भारत के 5 राज्यों में चुनाव होने को एक महीने से भी कम वक्त बचा है। लोकसभा में भी चुनाव होने को कुछ ही महीने रह गए हैं। सभी पार्टियों का प्रचार- प्रसार जोर-शोर से चल रहा है। मगर एक ऐसा भी शोर, जो जमीन पर नहीं, आसमानों में गूंज रहा है। वह है चार्टर हेलीकॉप्टर का शोर। क्योंकि नेताओं के आने-जाने का सिलसिला इतना तेज हो गया है कि उड़ानों की संख्या में भारी डिमांड देखने को मिल रही है और इस हफ्ते तो इन उड़ानों की मांग भी आसमान छूती दिखाई दी है।

हेलीकॉप्टर को रेंट पर लेने के लिए भी लोग जमकर पैसा दे रहे हैं। एक सूत्र के मुताबिक, रेंट के रेट में करीब 25 से 50 फीसदी की बढ़ोतरी हो गई है। इस उछाल की दूसरी मुख्य वजह देश में हेलीकॉप्टर्स की सीमित उपलब्धता भी है। अगले छह से आठ महीनों में, जैसे-जैसे लोकसभा चुनाव नजदीक आएंगे, मांग और तेज होने की उम्मीद है।

भारत में पब्लिक सेक्टर के लिए हैं ज्यादा हेलीकॉप्टर, कैसे पूरी होंगी अन्य जरूरतें?

हेलीकॉप्टर उद्योग के लिए काम करने वाली गैर-लाभकारी संस्था रोटरी विंग सोसाइटी ऑफ इंडिया (RWSI) के डेटा के मुताबिक, भारत में वर्तमान में लगभग 254 चार्टर हेलीकॉप्टर हैं। हालांकि, दिलचस्प बात यह है कि उनमें से 190 हेलीकॉप्टर्स पब्लिक सेक्टर्स के लिए रखे गए हैं जिनका काम सार्वजनिक जरूरतों, रक्षा संचालन (defence operations), कॉरपोरेट वेंचर्स और ऑफशोर मिशनों के लिए है। ऐसे में चुनावी बाजार को पूरा करने के लिए केवल 60-70 हेलीकॉप्टर ही उपलब्ध हैं।

भाजपा और कांग्रेस के बीच हेलीकॉप्टर की टक्कर

राजनीतिक क्षेत्र में, दो प्रमुख राष्ट्रीय दलों, भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस के बीच एक दमदार कंपटीशन चल रहा है, जो अपने चुनावी अभियानों को मजबूत बनाने के लिए हेलीकॉप्टरों को बुक करने की होड़ में लगी हुई हैं।

बेंगलूरु स्थित प्राइवेट एयरलाइन कंपनी गोल्डन ईगल एविएशन (Golden Eagle Aviation) के डॉयरेक्टर जीस जॉर्ज का कहना है कि भाजपा की महत्वाकांक्षी रणनीति को देखते हुए मांग ज्यादा है। उन्होंने आगे कहा, ‘इसके विपरीत, क्षेत्रीय दल आम तौर पर अपने शीर्ष नेतृत्व के लिए एक या दो हेलीकॉप्टर ही सुरक्षित रखते हैं।’

कुछ कंपनियों के पास ही चार्टर हेलीकॉप्टर

भारत की हेलीकॉप्टर इंडस्ट्री में प्रमुख कंपनियों में पवन हंस, ग्लोबल वेक्टरा, हेलिगो चार्टर्स, हेरिटेज एविएशन और हिमालयन हेली सर्विसेज जैसे दिग्गज शामिल हैं।

राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना जैसे चुनावी राज्यों में मांग बढ़ी है। हालांकि, इंडस्ट्री के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि मिजोरम को लेकर कम उत्साह देखने को मिल रहा है और बुकिंग कम ही देखी जा रही है। बता दें कि मिजोरम में भी 7 नवंबर को मतदान होगा।

हो चुकी आधी से ज्यादा बुकिंग

चेन्नई स्थित चार्टर फ्लाइट्स एविएशन में भारत के मिशन कंट्रोलर बिनीश पॉल ने अंदर की बात का खुलासा किया। वह कहते हैं, ‘हमारे लिए एनक्वायरी में 50 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है, जिसमें एक महत्वपूर्ण हिस्सा यानी 17-19 प्रतिशत बुक हो गया है।’

उन्होंने आगे कहा, ‘जैसे-जैसे मांग बढ़ती जा रही है और एडवांस बुकिंग जमा होती जा रही है, साधारण सी बात है कि कीमत में बढ़ोतरी होनी है। उदाहरण के तौर पर, चेन्नई में खड़े एक विमान का प्रति घंटा चार्ज लगभग 4.5 लाख रुपये हो सकता है, लेकिन जब हमें इसे हैदराबाद से लाना होता है, तो बिल 6 लाख रुपये से 6.75 लाख रुपये के बीच हो सकता है।’

सुधार की दरकार

RWSI प्रेसिडेंट ए एस बुटोला भारत में हेलीकॉप्टर की कमी का कारण रेगुलेटरी की कठिन प्रक्रिया और इन्फ्रास्ट्रक्चर रुकावटों को मानते हैं। उनका कहना है कि जमीनी स्तर से खबर है कि सभी हेलीकॉप्टर बुक हो चुके हैं और यह स्थिति अगले छह से आठ महीनों तक बनी रहने की उम्मीद है।

चीजों को और बेहतर ढंग से समझने के लिए, अमेरिका के पास लगभग 10,000 चार्टर हेलीकॉप्टर हैं। यहां तक कि ब्राजील के साओ पाउलो जैसे शहर भी हेलीकॉप्टरों की संख्या में भारत से आगे हैं। भारत में हेलीकॉप्टरों की संख्या पहले 294 थी, जो घटकर 239 हो गई, और हाल ही में 254 तक पहुंच गई है। ऐसे में बुटोला ने एयरलाइन ऑपरेटरों और हेलीकॉप्टरों दोनों के लिए समान नियमों की आवश्यकता पर जोर दिया।

क्या है बुकिंग रेट?

चार्टर फ्लाइट्स एविएशन हेलीकॉप्टर बाजार की प्राइस डाइनॉमिक्स की एक झलक पेश करता है। सिंगल-इंजन हेलीकॉप्टरों के लिए कीमतें 18 डॉलर प्रति मिनट से शुरू होती हैं और उनके ट्विन इंजन की कीमत 35 डॉलर प्रति मिनट तक बढ़ जाती हैं। इस बीच, जेट जैसी चार्टर उड़ानें 17 डॉलर प्रति मिनट से शुरू होती हैं।

जॉर्ज कहते हैं, ‘नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के सर्कुलेशन के अनुसार, चुनाव के मौसम में ट्विन इंजन की मांग ज्यादा होती है। इसके अलावा, चारधाम ड्यूटी पर कुछ हेलीकॉप्टरों की उपलब्धता और भी कम है।’

First Published - October 20, 2023 | 4:25 PM IST

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