अमेरिका का व्यापार प्रतिनिधिमंडल कृषि उत्पादों में अधिक बाजार पहुंच के लिए दबाव डाल सकता है। इसका कयास इसलिए लगाया जा रहा है क्योंकि अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) जैमीसन ग्रीर ने बुधवार को मक्का, सोयाबीन और मांस उत्पादों पर भारत के प्रतिरोध का उल्लेख किया है। उप अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि रिक स्विट्जर के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल 9 से 12 दिसंबर तक भारत दौरे पर है। इसमें कृषि में विशेषज्ञता वाले व्यापार अधिकारी भी शामिल हैं।
मुख्य वार्ताकार और सहायक यूएसटीआर ब्रेंडन लिंच के अलावा प्रतिनिधिमंडल में दक्षिण और मध्य एशिया के लिए उप यूएसटीआर ओल्या लुटचिन आदि शामिल हैं। घटनाक्रम से अवगत दो लोगों ने बिज़नेस स्टैंडर्ड को इसकी जानकारी दी।
अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर सीनेट एप्रोप्रिएशंस उप-समिति के सामने बयान में जैमीसन ग्रीर ने कहा कि अमेरिका का अभी तक भारत के साथ कोई व्यापार समझौता नहीं हुआ है लेकिन इस दिशा में बाचीत काफी आगे बढ़ चुकी है।
ग्रीर ने सीनेटरों को बताया, ‘भारत में कुछ कृषि उत्पादों और मांस के लिए प्रतिरोध है। इस पर सहमति बनाना कठिन काम है।’ हालांकि ग्रीर ने स्वीकार किया, ‘भारत का रुख काफी नरम हुआ है। जिस तरह के प्रस्ताव पर वे हमसे बात कर रहे हैं, वह सबसे अच्छा है।’
भारत साल के अंत से पहले द्विपक्षीय व्यापार समझौते का पहला चरण पूरा करने का लक्ष्य बना रहा है। उपरोक्त व्यक्तियों में से एक ने कहा कि मौजूदा बैठकें बातचीत का नया दौर नहीं है, बल्कि हाल ही में नियुक्त उप यूएसटीआर यह स्पष्ट करने की कोशिश कर रहे हैं कि समझौते को क्या रोक रहा है और किस तरह अंतिम रूप देने की दिशा में काम किया जा रहा है।
अक्टूबर के बाद से दोनों पक्षों में बातचीत चल रही है और ज्यादातर मुद्दों पर सहमति बन गई है। बातचीत के एक नए दौर की कोई आवश्यकता नहीं है। एक अन्य व्यक्ति ने कहा कि अमेरिकी दल कृषि से संबंधित बाजार पहुंच, डिजिटल व्यापार और गैर-शुल्क बाधाएं जैसे कुछ मुद्दे का हल निकालने पर जोर दे रहा है।
अमेरिकी दूतावास के प्रवक्ता ने कहा कि उप यूएसटीआर स्विट्जर के नेतृत्व में अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधिमंडल भारत आया है। प्रवक्ता ने कहा, ‘हम व्यापार और निवेश मामलों पर भारत सरकार के साथ अपने चल रहे जुड़ाव को महत्त्व देते हैं और एक ऐसे व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने के लिए तत्पर हैं जो हमारे दोनों देशों के बीच एक उत्पादक और संतुलित व्यापारिक संबंध की ओर ले जाए।’
प्रतिनिधिमंडल ने वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल, वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल के साथ-साथ भारतीय पक्ष के मुख्य वार्ताकार दर्पण जैन के साथ बैठकें कीं। स्विट्जर ने विदेश सचिव विक्रम मिस्री से भी मुलाकात की। यह यात्रा ऐसे समय में हुई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने मंगलवार को भारतीय चावल पर नए टैरिफ का संकेत दिया, जिसमें भारत पर अमेरिकी बाजार में चावल डंप करने का आरोप लगाया गया है। भारत-अमेरिका द्विपक्षीय वार्ता मार्च में शुरू हुई थी और अब तक लगभग आधा दर्जन दौर की वार्ता हो चुकी है, जिसमें अंतिम अनौपचारिक दौर 15-17 अक्टूबर को वाशिंगटन में हुआ था।