Stock Market Closing Bell, 06 March: वैश्विक बाजारों से कमजोर संकेत लेते हुए भारतीय शेयर बाजार हफ्ते के अंतिम ट्रेडिंग सेशन यानी शुक्रवार (6 मार्च) को बड़ी गिरावट लेकर बंद हुए। इस गिरावट के साथ बाजार में एक दिन पहले आई रिकवरी भी खत्म हो गई। आईसीआईसीआई और एचडीएफ़सी जैसे प्राइवेट बैंकिंग शेयरों में बिकवाली का बाजार पर सबसे ज्यादा असर पड़ा। फाइनेंशियल और रियल्टी शेयरों में गिरावट ने भी बाजार को नीचे खींचा है। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ने की आशंकाओं ने निवेशकों के मन में बैचनी पैदा कर दी है।
ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका-ईरान युद्ध जारी रहने के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाज गतिविधियां लगभग पूरी तरह रुक गईं। इससे तेल आपूर्ति बाधित होने की आशंका बढ़ गई, जिसके कारण यूरोपीय कारोबार सेशन में ब्रेंट क्रूड का भाव 87 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया।
तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 79,658 अंक पर खुला। कारोबार के दौरान यह 78,812 अंक तक फिसल गया था। अंत में यह 1097.00 अंक या 1.37 फीसदी की गिरावट लेकर 78,918.90 पर बंद हुआ।
इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी-50 (Nifty-50) भी गिरावट के साथ 24,656 अंक पर खुला। कारोबार के दौरान यह 24,415 अंक के इंट्रा-डे लो तक गया। अंत में 315.45 अंक या 1.27 प्रतिशत गिरकर 24,450 पर बंद हुआ।
सेंसेक्स की कंपनियों में आईसीआईसीआई बैंक सबसे ज्यादा 3.19 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ। इटरनल, एसबीआई, एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक, अल्ट्रा सीमेंट, बजाज फिनसर्व, एल एंड टी, मारुति, इंडिगो और भारती एयरटेल प्रमुख रूप से गिरावट में रहे।
वहीं ब्रोडर मार्केट में भी गिरावट देखने को मिली। हालांकि इसकी गिरावट मुख्य इंडेक्स की तुलना में कम रही। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.69 प्रतिशत गिरा, जबकि स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 0.24 प्रतिशत नीचे बंद हुआ।
सेक्टोरल स्तर पर निफ्टी आईटी, निफ्टी मिडस्मॉल आईटी एंड टेलीकॉम और निफ्टी केमिकल्स को छोड़कर लगभग सभी इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए। निफ्टी बैंक इंडेक्स 1,272.60 अंक यानी 2.15 प्रतिशत गिरकर 57,783.25 पर बंद हुआ।
एशिया क्षेत्र के ज्यादातर शेयर बाजारों में भी गिरावट देखी गई। इसकी मुख्य वजह अमेरिका-इज़राइल और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध के कारण वैश्विक तेल सप्लाई को लेकर बढ़ती चिंता है। जापान का निक्केई 225 लगभग 1.3 प्रतिशत तक गिर गया, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी करीब 3.63 प्रतिशत नीचे कारोबार करता दिखाई दिया।
अमेरिकी शेयर बाजार भी गुरुवार को गिरावट के साथ बंद हुए। एसएंडपी 500 में लगभग 0.57 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 1.61 प्रतिशत नीचे बंद हुआ। नैस्डैक कंपोजिट भी करीब 0.26 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ। रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका में 23 राज्यों के अटॉर्नी जनरल ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ के खिलाफ फिर से मुकदमा दायर किया है, जिससे वॉल स्ट्रीट में अनिश्चितता बढ़ गई है।
ईरान से तेल सप्लाई बाधित होने की आशंका के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी देखी गई। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले कारोबारी सत्र में ब्रेंट कच्चा तेल लगभग 5 प्रतिशत बढ़कर 85.41 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। एशियाई कारोबार में भी ब्रेंट तेल करीब 0.15 प्रतिशत की बढ़त के साथ 84.16 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा। भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने से निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ा है, जिससे सोने की कीमतों में भी तेजी आई। गोल्ड फ्यूचर्स लगभग 1.34 प्रतिशत बढ़कर 5,146.39 डॉलर पर कारोबार कर रहे थे।