facebookmetapixel
Advertisement
भारत में पेट्रोल, डीजल या LPG की कोई कमी नहीं, 60 दिन का स्टॉक मौजूद: सरकारभारत की तेल जरूरतें क्यों पूरी नहीं कर पा रहा ईरानी क्रूड ऑयल? चीन की ओर मुड़े जहाजलाइन लगाने की जरूरत नहीं, घर पहुंचेगा गैस सिलेंडर: सीएम योगी आदित्यनाथऑल टाइम हाई के करीब Oil Stock पर ब्रोकरेज सुपर बुलिश, कहा- खरीद लें, 65% और चढ़ने का रखता है दमBharat PET IPO: ₹760 करोड़ जुटाने की तैयारी, सेबी में DRHP फाइल; जुटाई रकम का क्या करेगी कंपनीतेल, रुपये और यील्ड का दबाव: पश्चिम एशिया संकट से बढ़ी अस्थिरता, लंबी अनिश्चितता के संकेतवैश्विक चुनातियों के बावजूद भारतीय ऑफिस मार्केट ने पकड़ी रफ्तार, पहली तिमाही में 15% इजाफाJio IPO: DRHP दाखिल करने की तैयारी तेज, OFS के जरिए 2.5% हिस्सेदारी बिकने की संभावनाडेटा सेंटर कारोबार में अदाणी का बड़ा दांव, Meta और Google से बातचीतभारत में माइक्रो ड्रामा बाजार का तेजी से विस्तार, 2030 तक 4.5 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान

India Oil Imports: रूस से तेल खरीद सकेगा भारत! अमेरिका ने दी 30 दिन की बड़ी राहत

Advertisement

फारस की खाड़ी में बढ़ते तनाव और वैश्विक तेल सप्लाई की चिंता के बीच अमेरिका ने भारत को 30 दिन के लिए रूसी तेल खरीदने की सीमित अनुमति दी

Last Updated- March 06, 2026 | 8:45 AM IST
India Russian Oil Import

India Russian Oil Import: अमेरिका ने भारत को रूस से कुछ तेल खरीदने की अनुमति दी है और इसके लिए एक सामान्य लाइसेंस जारी किया है। इससे भारत को तेल खरीदने का एक और रास्ता मिल गया है। यह फैसला ऐसे समय लिया गया है जब फारस की खाड़ी में बढ़ते संघर्ष के कारण दुनिया में तेल की सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ रही है।

5 मार्च से पहले लोड हुए तेल पर लागू नियम

यह लाइसेंस उन सौदों पर लागू होगा जिनमें रूसी तेल शामिल है और जिसे 5 मार्च से पहले जहाजों पर चढ़ाया गया था। शर्त यह है कि यह तेल भारत आए और इसे किसी भारतीय कंपनी द्वारा खरीदा जाए। यह छूट 4 अप्रैल रात 12:01 बजे (वॉशिंगटन समय) तक लागू रहेगी।

इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने भारत पर दबाव बनाने के लिए भारतीय सामानों पर टैरिफ लगाया था। उनका मकसद था कि भारत रूस से तेल खरीदना बंद करे।

अस्थायी राहत, रूस को ज्यादा फायदा नहीं

अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने X पर कहा कि वैश्विक बाजार में तेल की सप्लाई जारी रखने के लिए अमेरिकी ट्रेजरी विभाग भारतीय रिफाइनरियों को रूसी तेल खरीदने की 30 दिन की अस्थायी छूट दे रहा है। उन्होंने कहा कि यह बहुत कम समय की व्यवस्था है और इससे रूसी सरकार को बड़ा आर्थिक फायदा नहीं होगा, क्योंकि यह केवल उस तेल के लेनदेन की अनुमति देता है जो पहले से समुद्र में फंसा हुआ है। पिछले हफ्ते के अंत तक एशियाई समुद्री क्षेत्र में लगभग 9.5 मिलियन बैरल रूसी तेल जहाजों में पड़ा हुआ था।

इस सप्ताह भारतीय सरकारी रिफाइनरियों और अधिकारियों ने संभावित विकल्पों पर चर्चा की। इसमें भारत के पास समुद्र में मौजूद रूसी तेल कार्गो खरीदने जैसे विकल्प भी शामिल थे। तेल मंत्रालय ने राजनयिकों से अमेरिका के साथ बातचीत कर कुछ राहत हासिल करने की कोशिश की थी।

यूक्रेन युद्ध के बाद भारत बड़ा खरीदार बना

यूक्रेन पर हमले के बाद भारत, समुद्र के रास्ते आने वाले रूसी कच्चे तेल का सबसे बड़ा खरीदार बन गया था। लेकिन अमेरिका के दबाव के कारण भारत ने पिछले कुछ महीनों में रूस से तेल खरीदना कम कर दिया है। खासकर पिछले महीने अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते के बाद, जिसमें भारत पर लगाए गए कुछ टैरिफ हटा दिए गए थे।

India Russian Oil Import: कुछ रिफाइनरियों पर असर

रूसी तेल की सप्लाई कम होने का असर अब कुछ भारतीय रिफाइनरियों पर भी दिखने लगा है। मैंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड ने अपने ग्राहकों को बताया है कि वह फिलहाल तेल उत्पादों का निर्यात रोक रही है। कम स्टॉक के कारण कंपनी ने अपनी तीन में से एक तेल प्रोसेसिंग यूनिट भी बंद कर दी है। (ब्लूमबर्ग के इनपुट के साथ)

Advertisement
First Published - March 6, 2026 | 8:45 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement