facebookmetapixel
वेनेजुएला संकट: भारत के व्यापार व तेल आयात पर भू-राजनीतिक उथल-पुथल से फिलहाल कोई असर नहींसोमनाथ मंदिर: 1026 से 2026 तक 1000 वर्षों की अटूट आस्था और गौरव की गाथाT20 World Cup: भारत क्रिकेट खेलने नहीं आएगी बांग्लादेश की टीम, ICC से बाहर मैच कराने की मांगसमान अवसर का मैदान: VI को मिलने वाली मदद सिर्फ उसी तक सीमित नहीं होनी चाहिए1985–95 क्यों आज भी भारत का सबसे निर्णायक दशक माना जाता हैमनरेगा भ्रष्टाचार का पर्याय बना, विकसित भारत-जी राम-जी मजदूरों के लिए बेहतर: शिवराज सिंह चौहानLNG मार्केट 2025 में उम्मीदों से रहा पीछे! चीन ने भरी उड़ान पर भारत में खुदरा बाजार अब भी सुस्त क्यों?उत्पाद शुल्क बढ़ते ही ITC पर ब्रोकरेज का हमला, शेयर डाउनग्रेड और कमाई अनुमान में भारी कटौतीमझोले और भारी वाहनों की बिक्री में लौटी रफ्तार, वर्षों की मंदी के बाद M&HCV सेक्टर में तेजीदक्षिण भारत के आसमान में नई उड़ान: अल हिंद से लेकर एयर केरल तक कई नई एयरलाइंस कतार में

हवाई यात्रा में वृध्दि दर हो सकती है कम

Last Updated- December 05, 2022 | 4:45 PM IST

हवाई सफर करने वाले यात्रियों की संख्या में  2008 में पिछले साल की तुलना में वृध्दि दर कम रहने की संभावना है। प्रबंधन सलाहकार कंपनी ई ऐंड वाई की वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय विमानन क्षेत्र में वित्तीय वर्ष 2008 में 23 प्रतिशत की बढ़ोतरी का अनुमान है।


रिपोर्ट के मुताबिक हवाई यात्रियों की संख्या वित्तीय वर्ष 2008 के अंत में बढ़कर 1185 लाख के आंकड़े को पार कर जाएगी। साल 2007 की तुलना में इसमें 23 प्रतिशत की बढ़ोतरी दिखाई गई है। इसकी तुलना में वर्ष 2007 में पिछले साल की तुलना में 31 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।रिपोर्ट के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय विमानन में इस साल 20 प्रतिशत की जोरदार बढ़ोतरी आने का अनुमान है। पिछले साल अंतरराष्ट्रीय उडानों में मात्र 15.6 प्रतिशत की वृध्दि दर्ज की गई थी।


घरेलू उड़ानों में 24.16 प्रतिशत की बढ़ोतरी का अनुमान लगाया जा रहा है। पिछले साल इसमें 32.51 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक बिजनेस और फर्स्ट क्लास श्रेणी में अंतरराष्ट्रीय उड़ानें ज्यादा लाभकारी हैं। अंतराष्ट्रीय बाजार में वायुयान के सस्ते ईंधन के चलते परिचालन खर्च में बहुत कमी आती है। इस खर्च में 50 प्रतिशत का अंतर पड़ता है।


बहरहाल 12-18 महीने के दौरान अंतरराष्ट्रीय हवाई परिचालन केलाभ में कमी आएगी। ई ऐंड वाई के अनुमानों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार का आकार करीब 7.5 अरब डॉलर का है।इसमें से पश्चिम एशिया के  बाजार की हिस्सेदारी 25 प्रतिशत है जबकि दक्षिण पूर्व एशिया और यूरोपीय बाजारों की हिस्सेदारी 15-15 प्रतिशत आती है।

First Published - March 19, 2008 | 10:37 PM IST

संबंधित पोस्ट