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बुनियादी ढांचा मजबूत बनाएंगे

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Last Updated- December 09, 2022 | 4:55 PM IST

योजना आयोग के अध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने आज यहां कहा कि सरकार आर्थिक वृध्दि दर में गिरावट थामने के लिए बुनियादी क्षेत्र की परियोजनाओं में निवेश बढ़ाने के उपायों पर जोर देगी।


योजना आयोग के उपाध्यक्ष ने कहा कि सरकार इस बात पर विशेष ध्यान देगी कि ढांचागत क्षेत्र की परियोजनाओं के लिए 75, 000 करोड़ रुपए की राशि उपलब्ध कराने के लिए इंडियन इन्फ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस कंपनी लिमिटेड (आईआईएफसीएल) को दी गई ऋण सुविधा का पूरा-पूरा इस्तेमाल हो।

मोंटेक ने आईआईएफसीएल के अध्यक्ष एस एस कोहली के साथ एक बैठक के बाद कहा,’ मैं आईआईएफसीएल की पुनर्वित्त व्यवस्था पर विशेष रूप से ध्यान दे रहा हूं। हमें इसे लागू करना चाहिए और इसका ब्यौरा फौरन ही जारी किया जाना चाहिए।’

उल्लेखनीय है कि हाल में घोषित आर्थिक प्रोत्साहन पैकेज में आईआईएफसीएल को बाजार में कर मुक्त बांडों की बिक्री के जरिए 30, 000 करोड़ रुपए जुटाने की छूट देने की घोषणा है। इस पूंजी के जरिए कंपनी ढांचागत क्षेत्र की परियोजनाओं को 75,000 करोड़ रुपए की पूंजी सहायता सुलभ करा सकेगी।

अहलूवालिया ने कहा, ‘अगले 18 महीनों में 75,000 करोड़ रूपए की परियोजनाओं को प्रतिस्पर्धी दर पर पूंजी सुलभ कराने के लिए आईआईएफसीएल को किस्तों में बाजार से 30,000 करोड़ रुपए की पूंजी जुटाने की छूट दी हुई है।’

यह पूछे जाने पर कि क्या सरकार मौद्रिक सुधार की दिशा में कुछ और कदम उठा सकती है तो योजना आयोग के उपाध्यक्ष का कहना था कि , ‘इस समय इस मामले में इंतजार करने और चीजों पर निगाह रखने की जरूरत है।

हम मौद्रिक पक्ष की बजाय इस समय आर्थिक प्रोत्साहन पैकेज के विभिन्न घटकों के अमल पर ध्यान दे रहे हैं। उल्लेखनीय है कि सरकार ने पिछले साल सात दिसंबर को पहले पैकेज की घोषणा के एक माह के अंदर ही तीन दिन पहले यानी 2 जनवरी को दूसरे आर्थिक पैकेज की घोषणा की।

पहले पैकेज में उद्योगों को उत्पाद शुल्क में 4 प्रतिशत की राहत देने के अलावा केंद्रीय महत्व की परियोजनाओं पर सरकारी निवेश में 20, 000 करोड़ रुपए का अतिरिक्त निवेश करने की घोषणा की गई थी।

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First Published - January 5, 2009 | 9:27 PM IST

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