facebookmetapixel
Advertisement
TCS, Infosys, HCL Tech या Tech Mahindra? जानिए किस IT शेयर में है सबसे ज्यादा कमाई का मौकाGPF Interest Rate: सरकारी कर्मचारियों को राहत, जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही के लिए GPF पर 7.1% ब्याज दर बरकरारCJI कांत ने CJP मामले पर दी सफाई, बोले- तत्काल सुनवाई से इनकार की खबर गलतमसालों की तेजी पर ब्रेक, मुनाफावसूली से गिरे हल्दी, धनिया और जीरा के भाव10 साल जेल, ₹10 करोड़ का जुर्माना: पेपर लीक बिल को कैबिनेट की मंजूरी, अगले हफ्ते संसद में होगा पेश50 हजार रुपये से कम का लोन लेने वालों पर क्यों बढ़ी नजर? रिपोर्ट ने बताए बड़े जोखिमSwiggy ने विदेशी हिस्सेदारी घटाई! Eternal बढ़ा रही नेटवर्क… किसका प्लान ज्यादा दमदार?ITR Filing 2026: अभी तक नहीं भरा ITR? आखिरी समय में भूलकर भी न करें ये गलतियां, बढ़ सकता है टैक्स का झंझटDDA की नई हाउसिंग स्कीम: ₹33 लाख से शुरू फ्लैट, 25% छूट का मौकाSBI Funds Management Share Price: लिस्टिंग के कुछ ही दिनों में IPO प्राइस से नीचे फिसला शेयर, हाई से 8% तक टूटा

SEBI वायदा-विकल्प खंड में ग्राहक बनाने के नियमों को सरल करने पर कर रहा है विचार

Advertisement

सेबी का यह बयान उन खबरों के बाद आया है, जिनके अनुसार सेबी वायदा एवं विकल्प बाजार में खुदरा सहभागिता को रोकने पर विचार कर रहा है।

Last Updated- July 29, 2023 | 5:15 PM IST
SEBI New Logo

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने शनिवार को कहा कि वह जोखिम आधारित दृष्टिकोण अपनाकर वायदा एवं विकल्प खंड में ग्राहकों को जोड़ने की प्रक्रिया के सरलीकरण पर विचार कर रहा है।

इस संबंध में प्रक्रिया शुरू हो गई है, हालांकि यह अभी शुरुआती चरण में हैं। सेबी ने कहा कि इसके अलावा, वायदा एवं विकल्प बाजार में खुदरा सहभागिता पर रोक लगाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। सेबी का यह बयान उन खबरों के बाद आया है, जिनके अनुसार सेबी वायदा एवं विकल्प बाजार में खुदरा सहभागिता को रोकने पर विचार कर रहा है।

सेबी की ओर से दिसंबर 2009 में जारी अधिसूचना के अनुसार, फिलहाल वायदा एवं विकल्प खंड में कारोबार के लिए शेयर ब्रोकर को अपने सभी ग्राहकों की वित्तीय क्षमता के दस्तावेजी सबूत रखना जरूरी हैं।

ये भी पढ़ें : आईएफएससी एक्सचेंज से जल्द जुड़ेंगी देसी फर्म: FM सीतारमण

बाजार नियामक ने बयान में कहा, “कारोबारी सुगमता के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए सेबी इसका मूल्यांकन करने के शुरुआती चरण में है कि क्या उपरोक्त परिपत्र को ग्राहकों के जोखिम मूल्यांकन के आधार पर लागू किया जा सकता है।” बयान के अनुसार, “इससे ब्रोकरों और निवेशकों के लिए नियमों का पालन करना आसान होगा।”

Advertisement
First Published - July 29, 2023 | 5:12 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement