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रुपया लुढ़ककर गया 85 के पार

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अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सतर्क रुख से रुपये में आई गिरावट, बॉन्ड यील्ड बढ़ी

Last Updated- December 19, 2024 | 10:04 PM IST
Rupee vs Dollar

डॉलर के मुकाबले रुपया आज 85 के मनोवैज्ञानिक स्तर के नीचे लुढ़क गया और सरकारी बॉन्ड की यील्ड में भी तेजी देखी गई। डीलरों ने कहा कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा आगे ब्याज दर में कम कटौती के संकेत से दुनिया भर के वित्तीय बाजारों में अनिश्चितता देखी गई। फेडरल रिजर्व ने ब्याज दर में 25 आधार अंक की कटौती कर बेंचमार्क ब्याज दर को 4.25 से 4.5 फीसदी के दायरे में कर दिया है।

डॉलर के मुकाबले ज्यादातर एशियाई मुद्राओं का प्रदर्शन रुपये की तुलना में खराब रहा। रुपया 85.07 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। बुधवार को रुपया 84.96 पर बंद हुआ था। 10 वर्षीय सरकारी बॉन्ड की यील्ड 4 आधार अंक बढ़कर 6.79 फीसदी पर पहुंच गई। दो महीने के दौरान डॉलर के मुकाबले रुपया 84 से 85 के स्तर पर पहुंच गया जबकि 83 से गिरकर 84 प्रति डॉलर तक जाने में उसे 475 दिन लगे थे।

विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार के भागीदारों ने कहा कि डॉलर सूचकांक 108 के आसापास चल रहा है, जिससे रुपये पर अभी दबाव बना रह सकता है। निकट अवधि में रुपया 85 से 85.50 प्रति डॉलर के दायरे में कारोबार कर सकता है। डीलरों ने कहा कि मुनाफा वसूली से रुपये में मामूली सुधार हो सकता है मगर व्यापक रुख पर इसका ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि मौजूदा तरलता की स्थिति के कारण बाजार में केंद्रीय बैंक का हस्तक्षेप भी कम रहेगा। मार्च अंत तक रुपया 85.50 प्रति डॉलर के आसपास स्थिर हो सकता है।

एक निजी बैंक के ट्रेजरी प्रमुख ने कहा, ‘डॉलर सूचकांक 108 के आसपास कारोबार कर रहा है जिससे रुपये पर दबाव बना रहेगा।’ भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार बीते बुधवार को बैंकिंग तंत्र में 1.57 लाख करोड़ रुपये की तरलता की कमी दर्ज की गई।

डीलरों ने कहा कि कि केंद्रीय बैंक के विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप करने के कारण रुपये का प्रदर्शन एशियाई मुद्राओं में सबसे अच्छा रहा है। रुपये में 0.1 फीसदी की गिरावट आई जबकि अन्य एशियाई मुद्राओं में 0.2 से 1.4 फीसदी की गिरावट देखी गई। डॉलर के मुकाबले जापान के येन का प्रदर्शन सबसे खराब रहा। बाजार के भागीदारों ने कहा कि रुपये की चाल केंद्रीय बैंक द्वारा बाजार में हस्तक्षेप करने की रणनीति पर निर्भर करेगी। दिसंबर में रुपया 0.68 फीसदी नरम हुआ है। इस साल अब तक इसमें 2.19 फीसदी की गिरावट आई है।

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First Published - December 19, 2024 | 10:01 PM IST

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