भारत में कागज का आयात वित्त वर्ष 2023-24 की पहली छमाही में मात्रा के हिसाब से 43 प्रतिशत बढ़ गया है। इसमें आसियान देशों से आयात में हुई दोगुनी वृद्धि की अहम भूमिका रही। वाणिज्यिक सूचना एवं सांख्यिकी महानिदेशालय (डीजीसीआईएस) के आंकड़ों के मुताबिक, कागज और पेपरबोर्ड का आयात अप्रैल-सितंबर, 2023 की अवधि में बढ़कर 9.59 लाख टन हो गया जबकि वित्त वर्ष 2022-23 की समान अवधि में यह 6.72 लाख टन था।
दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के संगठन (आसियान) से आयात पहली छमाही में 2.88 लाख टन हो गया जो पिछले साल की समान अवधि में 81,000 टन था। वहीं समीक्षाधीन अवधि में चीन से आयात 1.86 लाख टन पर लगभग स्थिर रहा।
मूल्य के लिहाज से देश का कुल कागज आयात अप्रैल-सितंबर की अवधि में 6,481 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह 5,897 करोड़ रुपये था।
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भारतीय कागज विनिर्माता संघ (आईपीएमए) के अध्यक्ष पवन अग्रवाल ने कहा कि कच्चे माल और उत्पादन लागत बढ़ने से प्रतिस्पर्द्धी उत्पादन की समस्या से जूझ रहे उद्योग को विभिन्न मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) में कागज और पेपरबोर्ड आयात पर दी जा रही तरजीही शुल्क व्यवस्था से भी नुकसान हो रहा है।