facebookmetapixel
Advertisement
Nifty Outlook: 24,050 के नीचे टूटा बाजार तो बढ़ेगी गिरावट! HDFC Securities के विनय राजानी ने बताए आज के 2 दमदार शेयरसोना-चांदी हुए सस्ते: वैश्विक दबाव में सोने में ₹362 और चांदी में ₹2,418 की बड़ी गिरावटStock Market Update: सेंसेक्स 100 अंक टूटा, निफ्टी 24,100 के करीब; SMID कैप में भी गिरावटBehari Lal Engineering IPO Listing: आज शेयर बाजार में होगी एंट्री, GMP से 46% तक मुनाफे के संकेत; जानें पूरी डीटेलStocks To Watch Today: RailTel, Paytm समेत आज इन शेयरों पर रहेगी नजर, कहीं ऑर्डर तो कहीं फंड जुटाने की खबर से मचेगा हलचलभारत-अमेरिका को मतभेद दूर कर भरोसेमंद कर व्यवस्था बनाने पर काम करना चाहिए: सर्जियो गोरभारतीय चुनाव व्यवस्था की तारीफ कर बोले ट्रंप, कांग्रेस ने कहा- ईवीएम भी अमेरिका भेज देंगेब्रिक्स देशों ने पर्यावरण संरक्षण पर चार ज्ञान संकलन जारी किए, टिकाऊ विकास पर जोरदुबई का कमर्शियल रियल एस्टेट बाजार मजबूत, पहली छमाही में लेनदेन 8.5% बढ़ाबाल यौन शोषण सामग्री पर सरकार सख्त, सोशल मीडिया के ‘सेफ हार्बर’ प्रावधान पर साफ संदेश

मार्च 2025 में माइक्रोफाइनैंस वितरण घटा, सालाना आधार पर 38% कम

Advertisement

सकल ऋण पोर्टफोलियो सालाना आधार पर 14% कम हो गया। यह बीती तिमाही की तुलना में मार्च 2025 में 2.6% कम 3.81 लाख करोड़ रुपये था। यह मार्च 2024 में 4.42 लाख करोड़ रुपये था

Last Updated- May 27, 2025 | 8:36 AM IST
microfinance

माइक्रोफाइनैंस का धन वितरण बीती तिमाही की तुलना में मार्च 2025 की तिमाही के अंत में मौसमी कारणों से बढ़ा था लेकिन यह बीते साल की तुलना में कम था। इसका कारण यह था कि ऋण लेने वालों ने इस खंड पर बढ़ते बोझ के कारण सावधानी बरती थी।

सीआरआईएफ की रिपोर्ट के मुताबिक बीती तिमाही की तुलना में मार्च 2025 में वितरण 12.2 प्रतिशत बढ़कर 71,580 करोड़ रुपये हो गया था लेकिन यह बीते साल के 1.15 लाख करोड़ रुपये की तुलना में 38 प्रतिशत कम था।

सकल ऋण पोर्टफोलियो सालाना आधार पर 14 प्रतिशत कम हो गया। यह बीती तिमाही की तुलना में मार्च 2025 में 2.6 प्रतिशत कम 3.81 लाख करोड़ रुपये था। यह मार्च 2024 में 4.42 लाख करोड़ रुपये था जबकि यह दिसंबर 2024 में 3.91 लाख करोड़ रुपये था। इसके अलावा नए ऋण लेने वालों की संख्या में भी गिरावट आई जबकि सक्रिय ऋण मार्च 2024 के 16.1 करोड़ से घटकर मार्च 2025 में 14 करोड़ हो गए थे। लिहाजा सक्रिय ग्राहकों की संख्या घट गई थी।

इस अवधि में सक्रिय ग्राहकों की संख्या 8.7 करोड़ से घटकर 8.3 करोड़ हो गई थी और यह आंकड़ उद्योग के हालात को बयां करते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, ‘यह रुझान उभरते दबाव और ऋणदाताओं के नपे तुले बदलाव को दर्शाता है।’

राज्य स्तरीय आंकड़ों से जानकारी मिलती है कि तमिलनाडु और कर्नाटक का पोर्टपोलियो में उल्लेखनीय गिरावट आई है।

Advertisement
First Published - May 27, 2025 | 8:31 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement