facebookmetapixel
Advertisement
IT डिपार्टमेंट ने ‘स्वैपिंग प्रोविजन्स’ के लिए 20,000 ITRs को किया फ्लैग: जानें अब आपके पास क्या है रास्ताEPFO की EDLI स्कीम: कर्मचारियों को मिलता है ₹7 लाख तक का फ्री लाइफ इंश्योरेंस, ऐसे कर सकते हैं क्लेमअगले साल की शुरुआत में भारत आ सकते हैं ट्रंप, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने दी जानकारीनिवेशक दें ध्यान! अगले हफ्ते कजारिया सेरामिक्स समेत ये 3 कंपनियां करेंगी शेयर बायबैक, जानें पूरी डिटेलDividend Stocks: अगले हफ्ते खुलेगा कमाई का पिटारा, टाटा-महिंद्रा-बजाज समेत 46 कंपनियां बांटेगी डिविडेंडAIF Market: पश्चिम एशिया संकट थमने से वैकल्पिक निवेश फंडों में लौटी रौनक, HNIs का बढ़ा भरोसाभारतीय फिनटेक कंपनियों की नजर अब ग्लोबल मार्केट पर, स्ट्राइप-पेपाल की तर्ज पर दुनिया भर में लाइसेंस लेने की होड़इनवेस्को सहित कई फंड कंपनियों ने नए निवेश पर लगाई रोक, पर निवेशक गोल्ड ETF खरीदें, बेचें या होल्ड करें?EMI नहीं चुका पाने के चलते बैंक वाले उठा ले गए बाइक? जानिए क्या हैं आपके पास कानूनी अधिकारSME IPO में करने जा हैं निवेश? सिर्फ GMP देखकर न फंसें, नुकसान से बचने के लिए इन फैक्टर्स का भी रखें ध्यान

रियल एस्टेट उद्योग को नियंत्रित करने के लिए कानून बनेगा

Advertisement
Last Updated- December 05, 2022 | 4:33 PM IST

भारत सरकार रियल एस्टेट उद्योग को नियंत्रित करने के लिए कानून का प्रारुप तैयार कर रही है।


 तेज आर्थिक वृद्धि के कारण आवासीय और व्यावसायिक संपत्ति की कीमतों में उछाल को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया जा रहा है।


संसद में एक लिखित प्रश्न के जवाब में शहरी विकास मंत्री एस जयपाल रेड्डी ने कहा कि सरकार रियल एस्टेट प्रबंधन(नियमन एवं नियंत्रण)विधेयक लाने पर विचार कर रही है, जो राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के लिए लागू होगी।


कुशमैन ऐंड वेकफील्ड इनकार्पोरेशन के मुताबिक गोल्फ लिंक्स और फै्रंड्स कॉलोनी जैसे दिल्ली के इलाकों में पिछले 2 सालों में व्यावसायिक और आवासीय संपत्तियों की कीमत दोगुनी से अधिक हो गई है।


इस सवाल कि सरकार रियल एस्टेट नियामक के लिए क्या कर रही है, के जवाब में रेड्डी ने कहा कि यह विधेयक अन्य राज्यों के लिए एक आदर्श विधान होगा।


रेड्डी ने बताया कि रियल एस्टेट नियामक के मुद्दे पर सरकार पिछले साल के सितंबर से सोच रही है।


रेड्डी ने बताया कि तेजी से बढ़ रही विकास दर और बाजार कारकों के कारण इस क्षेत्र में दामों में वृद्धि हो रही है।


नई दिल्ली के पास एक भूखंड की जब बोली लगी तो, दिल्ली की एक डेवलपिंग कंपनी, बीपीटीपी लिमिटेड ने 1 अरब डॉलर से अधिक की बोली लगाई।


यह बोली रिजर्व कीमत की दोगुनी थी। डीएलएफ, ओमेक्स लिमिटेड और अंसल प्रॉपर्टीज एड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को इस बोली से हटाने के लिए बीपीटीपी ने 1.24 अरब डॉलर की बोली लगा डाली।


कंपनी ने बताया कि नोएडा में दुकानों और ऑफिसों के लिए उसने 95 एकड़ भूखंड के लिए बोली लगाकर उसे हासिल किया ।


 इस भूखंड के लिए रिजर्व कीमत 77,000 रुपये प्रतिवर्ग मीटर रखी गई है,जबकि कंपनी ने 1,30,207 रुपये प्रतिवर्ग मीटर की दर से भुगतान किया।

Advertisement
First Published - March 13, 2008 | 7:09 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement