facebookmetapixel
16वां वित्त आयोग: राज्यों की कर हिस्सेदारी 41% बरकरार, जीडीपी योगदान बना नया मानदंडBudget 2026: मजबूत आर्थिक बुनियाद पर विकास का रोडमैप, सुधारों के बावजूद बाजार को झटकाBudget 2026: TCS, TDS और LSR में बदलाव; धन प्रेषण, यात्रा पैकेज पर कर कटौती से नकदी प्रवाह आसानBudget 2026: खाद्य सब्सिडी में 12.1% का उछाल, 81 करोड़ लोगों को मिलता रहेगा मुफ्त राशनBudget 2026: पारंपरिक फसलों से आगे बढ़ेगी खेती, काजू, नारियल और चंदन जैसी नकदी फसलों पर जोरBudget 2026: मुश्किल दौर से गुजर रहे SEZ को बड़ी राहत, अब घरेलू बाजार में सामान बेच सकेंगी इकाइयांBudget 2026: व्यक्तिगत करदाताओं के लिए जुर्माने और अ​भियोजन में ढील, विदेश परिसंपत्तियों की एकबार घोषणा की सुविधाBudget 2026: बुनियादी ढांचे को रफ्तार देने के लिए ₹12.2 लाख करोड़ का आवंटन, कैपेक्स में भारी बढ़ोतरीBudget 2026: पहली बार ₹1 लाख करोड़ के पार पहुंचा हेल्थ बजट, ‘मिशन बायोफार्मा शक्ति’ का आगाजविनिवेश की नई रणनीति: वित्त वर्ष 2027 में 80,000 करोड़ जुटाएगी सरकार, जानें क्या है पूरा रोडमैप

भारत की बेरोजगारी दर Q1 में घटकर 5.4% पर आई, ग्रामीण क्षेत्रों में 4.8% और शहरी क्षेत्रों में 6.8% दर्ज

एनएसओ के श्रम बल सर्वेक्षण ने दिखाया कि पहली तिमाही में भारत की बेरोजगारी दर 5.4 प्रतिशत पर घटी और महिलाओं की श्रम भागीदारी बढ़कर 33.3 प्रतिशत हुई।

Last Updated- August 18, 2025 | 9:41 PM IST
unemployment
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

देश में चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में बेरोजगारी दर 5.4 प्रतिशत रही है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) द्वारा सोमवार को ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लिए जारी किए गए पहले तिमाही आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (पीएलएफएस) के आंकड़ों से यह पता चलता है।

आंकड़ों से पता चलता है कि मौजूदा साप्ताहिक स्थिति (सीडब्ल्यूएस) के हिसाब से 15 साल और उससे ज्यादा उम्र के लोगों की बेरोजगारी दर ग्रामीण इलाकों में 4.8 प्रतिशत, जबकि शहरी इलाकों में 6.8 प्रतिशत रही है।  

आंकड़ों से पता चलता है कि पहली तिमाही में पुरुषों और महिलाओं दोनों की मिलाकर बेरोजगारी दर 5.4 प्रतिशत रही है।

बहरहाल पहली तिमाही में युवाओं (15 से 29 साल) की बेरोजगारी दर  14.6 प्रतिशत रही है, जिसमें महिलाओं की बेरोजगारी दर (16 प्रतिशत) पुरुषों (14.1 प्रतिशत) की तुलना में अधिक रही है। इस आयु वर्ग के आंकड़े महत्त्वपूर्ण होते हैं क्योंकि सामान्यतया ये पहली बार श्रम बाजार में आते हैं और इससे बाजार में तेजी का पता चलता है। आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि पहली तिमाही में 54.4 प्रतिशत लोग स्वरोजगार में लगे थे, जबकि वेतन पाने वाले लोगों की हिस्सेदारी 25.5 प्रतिशत रही है। शेष लोग ठेके के कर्मचारी रहे हैं।  

वहीं पीएलएफएस के मासिक आंकड़ों से यह पता चलता कि जुलाई महीने के दौरान महिलाओं की बेरोजगारी दर 5.2 प्रतिशत रह गई है, जो जून में 5.6 प्रतिशत थी। महिला श्रम बल की हिस्सेदारी भी बढ़ी है और यह जुलाई में बढ़कर 33.3 प्रतिशत हो गई है, जो जून में 32 प्रतिशत थी।

First Published - August 18, 2025 | 9:41 PM IST

संबंधित पोस्ट