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अमेरिकी टैरिफ से बचाने के लिए भारत सरकार निर्यातकों को करेगी मदद, कपड़ा और रसायन क्षेत्र को राहत की उम्मीद

सरकार ने अमेरिकी शुल्क से प्रभावित निर्यातकों की मांगों पर विचार शुरू कर दिया है और जल्द समर्थन उपायों की घोषणा हो सकती है।

Last Updated- August 04, 2025 | 9:56 PM IST
Trade
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

सरकार कपड़ा और रसायन जैसे क्षेत्रों के निर्यातकों को अमेरिकी शुल्क के प्रभाव से बचाने के लिए कुछ समर्थन उपायों पर काम कर रही है। एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। 

अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने 7 अगस्त से अमेरिका में प्रवेश करने वाले भारतीय सामान पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त आयात शुल्क लगाने की घोषणा की है। अधिकारी ने बताया कि वाणिज्य मंत्रालय ने इस्पात, खाद्य प्रसंस्करण, इंजीनियरिंग, समुद्री और कृषि सहित कई क्षेत्रों के निर्यातकों के साथ बैठकें की हैं ताकि उच्च शुल्क के कारण उन्हें होने वाली समस्याओं को समझा जा सके। खाद्य, समुद्री और वस्त्र सहित विभिन्न क्षेत्रों के भारतीय निर्यातकों ने 25 प्रतिशत शुल्क से निपटने के लिए सरकार से वित्तीय सहायता और किफायती ऋण का अनुरोध किया है। 

निर्यातक सरकार से ब्याज सब्सिडी और निर्यातित उत्पादों पर शुल्कों एवं करों की छूट (आरओडीटीईपी) और राज्य एवं केंद्रीय करों व शुल्क की छूट (आरओएससीटीएल) जैसी योजनाओं के तहत बकाया राशि का समय पर भुगतान और अमेरिका के लिए सीधे निर्यात जैसे राजकोषीय प्रोत्साहनों का विस्तार करने का अनुरोध भी कर रहे हैं। अधिकारी ने बताया कि मंत्रालय इन मांगों पर विचार कर रहा है। 

मंत्रालय निर्यातकों को समर्थन देने के लिए राज्यों के साथ भी बातचीत करेगा। अमेरिका के उच्च शुल्क से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों में वस्त्र/परिधान, रत्न एवं आभूषण, झींगा, चमड़ा एवं जूते, रसायन तथा विद्युत एवं यांत्रिक मशीनरी शामिल हैं। 

विनिर्माण की संभावनाएं कम होंगी: मूडीज 

मूडीज रेटिंग्स ने सोमवार को कहा कि अमेरिकी बाजार तक सीमित पहुंच से भारत के विनिर्माण क्षेत्र में वृद्धि की संभावनाएं कम होंगी। रेटिंग एजेंसी ने साथ ही कहा कि देश की घरेलू मांग इन बाहरी दबावों के प्रति मजबूत बनी रहेगी। मूडीज रेटिंग्स के वरिष्ठ उपाध्यक्ष क्रिश्चियन डी गुजमैन ने कहा कि भारतीय वस्तुओं पर निर्धारित संशोधित शुल्क दर एशिया-प्रशांत क्षेत्र के अन्य प्रमुख निर्यातकों की तुलना में काफी अधिक है। इनमें से कई देशों की शुल्क दरें 15 प्रतिशत से 20 प्रतिशत के बीच हैं। उन्होंने कहा, ‘विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था तक सीमित पहुंच से भारत के विनिर्माण क्षेत्र, विशेष रूप से इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे उच्च मूल्यवर्धित क्षेत्रों, के लिए बढ़ने की संभावना कम होगी।’उन्होंने कहा कि अन्य देशों की तुलना में उच्च शुल्क ने भारत को नुकसान पहुंचाया है। भाषा

ट्रंप की भारत पर शुल्क बढ़ाने की नई धमकी

ट्रंप ने सोमवार को कहा कि वह भारत द्वारा अमेरिका को भुगतान किए जाने वाले आयात शुल्क को काफी हद तक बढ़ाएंगे। ट्रंप ने भारत पर भारी मात्रा में रूस से तेल खरीदने और उसे बड़े मुनाफे पर बेचने का आरोप लगाया। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर अपनी एक पोस्ट में कहा, ‘भारत रूस से भारी मात्रा में तेल सिर्फ खरीद ही नहीं रहा है, बल्कि उस तेल के बड़े हिस्से को खुले बाजार में ऊंचे दामों पर बेचकर भारी मुनाफा भी कमा रहा है।’ इसके साथ ही ट्रंप ने कहा,‘उन्हें (भारत को) इस बात की कोई परवाह नहीं है कि यूक्रेन में रूस की युद्ध मशीन कितने लोगों की जान ले रही है। इसी वजह से मैं भारत से अमेरिका को दिए जाने वाले शुल्क को काफी बढ़ाने जा रहा हूं।’

First Published - August 4, 2025 | 9:56 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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