facebookmetapixel
Advertisement
राजस्थान रॉयल्स का नया मालिक बनेगा मित्तल परिवार, अदार पूनावाला के साथ मिलकर $1.65 अरब में हुई डील‘ऑपरेशन सिंदूर’ के एक साल पूरे: भविष्य के युद्धों के लिए भारत को अब पूर्वी मोर्चे पर ध्यान देने की जरूरतEditorial: होर्मुज संकट और तेल की कीमतों से भारत के सामने राजकोषीय दबावनिजीकरण नहीं, मुद्रीकरण: सरकार बनाएगी और मालिक रहेगी, निजी कंपनियां सिर्फ चलाएंगी प्रोजेक्ट्समजदूरों को समय पर भुगतान के लिए केंद्र सरकार का बड़ा कदम, मनरेगा के लिए ₹17,744 करोड़ जारीटैक्स और दीवाला कानून में ठनी: पुरानी कंपनियों के खरीदारों को ‘घाटे के लाभ’ पर मिली तगड़ी चुनौतीऊर्जा संकट ने खोली सरकार की आंख, अब ‘समुद्र मंथन’ के जरिए गहरे पानी में तेल व गैस खोजेगा भारतसन फार्मा ऑर्गेनॉन को खरीदने के लिए जुटाएगी $10 अरब, दुनिया के टॉप-25 दवा कंपनियों में होगी एंट्रीयोगी सरकार का मेगा प्लान: 12 शहरों में बनेंगे स्किल हब, हर साल 10 लाख युवाओं को मिलेगा प्रशिक्षणLPG की आग में झुलसा रेस्तरां कारोबार: कमर्शियल सिलेंडर ₹3000 के पार, बाहर खाना होगा 40% तक महंगा

कोयला TPA के लिए सरकार ने मंगाए आवेदन

Advertisement

मंत्रालय के अंतर्गत कोयला नियंत्रक संगठन (सीसीओ) ने योग्यता हेतु अनुरोध (आरएफक्यू) बुधवार को जारी किया।

Last Updated- November 20, 2025 | 9:07 AM IST
Representational Image

कोयला मंत्रालय ने आगामी कोयला एक्सचेंज के लिए अनुभवी संस्थाओं को तृतीय-पक्ष एजेंसियों (टीपीए) के रूप में सूचीबद्ध करने के लिए आमंत्रण जारी किया है। ये टीपीए एक्सचेंज के माध्यम से व्यापार किए जाने वाले कोयले और लिग्नाइट या उनके प्रसंस्कृत रूपों के नमूने लेने, संग्रह, तैयारी और विश्लेषण की देखरेख करेंगे।

मंत्रालय के अंतर्गत कोयला नियंत्रक संगठन (सीसीओ) ने योग्यता हेतु अनुरोध (आरएफक्यू) बुधवार को जारी किया। इसमें आवेदकों से मंत्रालय के पोर्टल के माध्यम से अपनी रुचि प्रस्तुत करने को कहा गया है।

यह खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 में संशोधन के तहत महत्त्वपूर्ण नियामक कदम है। यह केंद्र सरकार को खनिज एक्सचेंज संचालन के लिए शक्तियां प्रदान करता है और कोयला लेनदेन में पारदर्शिता व गुणवत्ता आश्वासन लाने का लक्ष्य रखता है। यह सूचीबद्धता पांच वर्षों के लिए होगी।

पात्रता केवल उन संस्थाओं तक सीमित होगी जिनका पिछले तीन पूर्ण वित्तीय वर्षों में से किसी एक वर्ष में कारोबार कम से कम 3 करोड़ रुपये रहा हो। आवेदक के पास भारत में कोयला या लिग्नाइट या उनके प्रसंस्कृत रूप के नमूनों के संग्रहण, तैयारी, विश्लेषण, परीक्षण और दस्तावेजीकरण से संबंधित समान प्रकृति के कार्यों को सफलतापूर्वक पूरा करने का अनुभव होना चाहिए। इसका न्यूनतम संचयी मूल्य 1 करोड़ रुपये हो।

Advertisement
First Published - November 20, 2025 | 9:07 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement