facebookmetapixel
Advertisement
US-Iran War: डेडलाइन से पहले ट्रंप का खेल! युद्ध खत्म बताकर कांग्रेस की मंजूरी से बचने की कोशिशअप्रैल में EV बाजार कमजोर, लेकिन ओला इलेक्ट्रिक का जलवा बरकरार, बिक्री में जबरदस्त उछालभारत में EV का क्रेज बढ़ा, 4 महीने में 70% बिक्री उछाल; महिंद्रा सबसे तेज, टाटा टॉप पर कायमइंडिगो को बड़ा झटका, मई में 17% सीट क्षमता घटी, पश्चिम एशिया तनाव का असर; क्या यात्रियों पर पड़ेगा सीधा असर?अप्रैल में कार बिक्री में बंपर उछाल, 27% ग्रोथ के साथ 4.5 लाख पार; जानिए किन कंपनियों ने मारी बाजीबाजार चढ़ा लेकिन MF रहे सतर्क, अप्रैल में निवेश घटा! क्या फंड मैनेजर किसी बड़े मौके का इंतजार कर रहे हैं?भारतीय शेयर बाजार में बड़ा बदलाव! अब कुछ कंपनियों का नहीं रहा दबदबा, अमेरिका से भी कम हुआ मार्केट का केंद्रीकरणएसटीटी बढ़ते ही डेरिवेटिव ट्रेडिंग पर ब्रेक! वॉल्यूम गिरा 6% जबकि शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी, निवेशकों की बदली रणनीतिइंडियन ओवरसीज बैंक का मुनाफा 43% उछला, 1505 करोड़ कमाए; जानिए कैसे MSME और रिटेल लोन ने बदली तस्वीरटोल प्लाजा खत्म होने की शुरुआत! AI और कैमरों से अब बिना रुके कटेगा टोल, जानिए नई तकनीक

कोयला TPA के लिए सरकार ने मंगाए आवेदन

Advertisement

मंत्रालय के अंतर्गत कोयला नियंत्रक संगठन (सीसीओ) ने योग्यता हेतु अनुरोध (आरएफक्यू) बुधवार को जारी किया।

Last Updated- November 20, 2025 | 9:07 AM IST
Representational Image

कोयला मंत्रालय ने आगामी कोयला एक्सचेंज के लिए अनुभवी संस्थाओं को तृतीय-पक्ष एजेंसियों (टीपीए) के रूप में सूचीबद्ध करने के लिए आमंत्रण जारी किया है। ये टीपीए एक्सचेंज के माध्यम से व्यापार किए जाने वाले कोयले और लिग्नाइट या उनके प्रसंस्कृत रूपों के नमूने लेने, संग्रह, तैयारी और विश्लेषण की देखरेख करेंगे।

मंत्रालय के अंतर्गत कोयला नियंत्रक संगठन (सीसीओ) ने योग्यता हेतु अनुरोध (आरएफक्यू) बुधवार को जारी किया। इसमें आवेदकों से मंत्रालय के पोर्टल के माध्यम से अपनी रुचि प्रस्तुत करने को कहा गया है।

यह खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 में संशोधन के तहत महत्त्वपूर्ण नियामक कदम है। यह केंद्र सरकार को खनिज एक्सचेंज संचालन के लिए शक्तियां प्रदान करता है और कोयला लेनदेन में पारदर्शिता व गुणवत्ता आश्वासन लाने का लक्ष्य रखता है। यह सूचीबद्धता पांच वर्षों के लिए होगी।

पात्रता केवल उन संस्थाओं तक सीमित होगी जिनका पिछले तीन पूर्ण वित्तीय वर्षों में से किसी एक वर्ष में कारोबार कम से कम 3 करोड़ रुपये रहा हो। आवेदक के पास भारत में कोयला या लिग्नाइट या उनके प्रसंस्कृत रूप के नमूनों के संग्रहण, तैयारी, विश्लेषण, परीक्षण और दस्तावेजीकरण से संबंधित समान प्रकृति के कार्यों को सफलतापूर्वक पूरा करने का अनुभव होना चाहिए। इसका न्यूनतम संचयी मूल्य 1 करोड़ रुपये हो।

Advertisement
First Published - November 20, 2025 | 9:07 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement