facebookmetapixel
Grok Controversy: एक्सपर्ट का दावा — ऐसे विषयों से निपटने के लिए अलग AI नियम बनाने की जरूरतNATO का गठन क्यों हुआ था और ट्रंप का ग्रीनलैंड पर जोर देना कैसे इस गठबंधन की परीक्षा ले रहा है?Q3 Results, US टैरिफ से लेकर महंगाई के आंकड़े तक; इस हफ्ते कौन से फैक्टर्स तय करेंगे बाजार की दिशा?स्मार्टफोन सिक्योरिटी पर सख्ती: सोर्स कोड शेयरिंग से कंपनियों में बेचैनी, Apple-Samsung ने जताई आपत्तिPre-budget Meet: विकसित भारत के लिए राज्यों का जोर, फंडिंग में समानता और निवेश बढ़ाने की अपीलUpcoming IPOs: निवेशक पैसा रखें तैयार! अगले हफ्ते आएंगे कुल 6 IPOs, लिस्टिंग पर भी रहेगी नजरTATA Group की दिग्गज कंपनी का निवेशकों को तोहफा: डिविडेंड का ऐलान, रिकॉर्ड डेट भी फिक्सVirat Kohli ने तोड़ा गांगुली का रिकॉर्ड, बने भारत के पांचवें सबसे बड़े ODI योद्धाGST में छूट से बदला कवरेज मार्केट: जीवन बीमा कंपनियों पर बढ़ा दबाव, पर जनरल इंश्योरेंस को मिला सहाराMarket Cap: निवेशकों की चिंता बढ़ी, टॉप-10 में से 7 कंपनियों को भारी नुकसान

‘लोक उद्यम कारोबार और दक्षता बढ़ाएं’

Last Updated- December 11, 2022 | 6:23 PM IST

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज कहा कि महत्त्वपूर्ण क्षेत्रों में काम करने वाले सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) को अपनी संभावनाएं और तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाने और विश्व में पीएसयू के लिए नया मानक स्थापित करने की जरूरत है।
सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम नीति 2021 के मुताबिक महत्त्वपूर्ण क्षेत्रों, जहां सरकार न्यूनतम मौजूदगी बनाए रखना चाहती है, उनमें ऊर्जा, दूरसंचार, बिजली, बैंक और खनिज शामिल हैं।
गांधीनगर में आयोजित आजादी का अमृत महोत्सव उत्सव में सीतारमण ने कहा, ‘साफतौर पर मुख्य चिह्नित क्षेत्र, जहां सार्वजनिक उद्यम काम करते रहेंगे, उन्हें अब अवसर और विकास के नए क्षेत्र तलाशने की जरूरत है। साथ ही राह निकालने की जरूरत है, जिससे कि वेब 3.0 के बाद औद्योगिक क्रांति 4.0 लाभ मिल सके, जो आंकड़ों से संचालित है।’
सीतारमण ने कहा कि पीएसयू को नई तकनीक का अधिकतम लाभ लेने की जरूरत है, जिससे अगले 25 साल में उनकी कुशलता बढ़ सके, वे वैश्विक हो सकें और दुनिया में कहीं भी सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम का नया मानदंड स्थापित कर सकें।
सीतारमण ने सार्वजनिक उद्यम विभाग (डीपीई) से कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों को विस्तार, विलय में संभावनाएं तलाशने में लगाएं और जहां भी संभव हो, निजी क्षेत्र की हिस्सेदारी सुनिश्चित करें।
सीतारमण ने कहा, ‘यह वक्त है कि पीएसई दिखाएं कि वे अपने पेशेवर अंदाज में सुधार करने को बहुत ज्यादा इच्छुक हैं, जितना कि 1991 से अब तक किया गया है। और जहां भी संभव हो, संख्या में कमी लाएं और अपने काम के साथ ही निजी हिस्सेदारी सुनिश्चित करें। कई ऐसे क्षेत्र हैं, जहां निजी क्षेत्र की कुशलता का लाभ उठाया जा सकता है।’
सीतारमण ने कहा कि महत्त्वपूर्ण  क्षेत्रों की पहचान राष्ट्र हित के आधार पर की गई है। सरकार उन क्षेत्रों में अपनी मौजूदगी जारी रखेगी। बहरहाल इन क्षेत्रों में भी निजी क्षेत्र के काम करने के दरवाजे खुले रहेंगे।

First Published - June 10, 2022 | 12:24 AM IST

संबंधित पोस्ट