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कमजोर मांग से आयात और निर्यात घटा, व्यापार घाटा 20 महीने में सबसे कम

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Last Updated- May 15, 2023 | 10:19 PM IST
Cargo handling increased at major ports, record 795 million tonnes of cargo handled in 2022-23

विकसित अर्थव्यवस्थाओं में नरमी के कारण मांग कमजोर रहने और जिंसों के दाम घटने से अप्रैल में देश से वस्तुओं का निर्यात 6 महीने में सबसे कम और आयात 20 महीने में सबसे कम रहा। वा​णिज्य मंत्रालय द्वारा आज जारी आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष के पहले महीने में देश से वस्तुओं का निर्यात 12.7 फीसदी घटकर 34.66 अरब डॉलर रहा। इसी दौरान आयात में 14 फीसदी की तेज गिरावट आई और अप्रैल में 49.9 अरब डॉलर की वस्तुओं का आयात किया गया।

आयात और निर्यात में गिरावट से अप्रैल महीने में व्यापार घाटा भी कम होकर 15.24 अरब डॉलर रह गया, जो 20 महीने में सबसे कम आंकड़ा है। अप्रैल, 2022 में व्यापार घाटा 18.36 अरब डॉलर था।

विदेश व्यापार महानिदेशक संतोष कुमार सारंगी ने कहा कि अगले दो-तीन महीनों के लिए मांग की बहुत आशावादी तस्वीर नहीं दिख रही है मगर सितंबर से ​स्थिति में सुधार होने की उम्मीद है। अमेरिका और यूरोप जैसे बड़े निर्यात बाजारों से अच्छी मांग नहीं आ रही है।

सारंगी ने कहा, ‘कुछ विकसित देशों में मंदी के साथ-साथ रूस-यूक्रेन युद्ध अब ज्यादा असर डाल रहा है और इन दोनों के प्रभाव से जिंसों के दाम घट रहे हैं। पेट्रोलियम की कीमतों में भी अपेक्षाकृत कमी आई है और इसका असर आयात तथा निर्यात दोनों पर दिख रहा है।’

देश से निर्यात की जाने वाली वस्तुओं का मूल्य जुलाई से ही घटने लगा था और अप्रैल में आयात मुख्य रूप से जिंसों के दाम घटने तथा रत्न एवं आभूषणों की मांग कम होने की वजह से तेजी से गिरा है। इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा कि अप्रैल में व्यापार घाटा कम होने की मुख्य वजह कच्चे तेल के दाम में नरमी है। नायर ने कहा, ‘वित्त वर्ष 2023 की चौथी तिमाही में व्यापार घाटे में 5 अरब डॉलर की कमी आने के बाद हम उम्मीद कर रहे हैं कि वर्तमान तिमाही में चालू खाते का घाटा 8 से 12 अरब डॉलर रह सकता है।’

तिमाही आधार पर आयात में 17.2 फीसदी और निर्यात में 16.8 फीसदी की कमी आई है। पेट्रोलियम और रत्न एवं आभूषण को छोड़कर अन्य वस्तुओं का निर्यात अप्रैल में 9.2 फीसदी घटकर 25.76 अरब डॉलर रहा। इनका आयात भी 12.5 फीसदी कम होकर 31.49 अरब डॉलर रहा।

एमवीआईआरडीसी वर्ल्ड ट्रेड सेंटर मुंबई के चेयरमैन विजय कलंत्री ने कहा, ‘निर्यात में लगातार गिरावट से निर्यात योग्य वस्तुओं के उत्पादन में लगने वाली वस्तुओं की आयात मांग भी घटी है। रसायन, फार्मा सामग्री, सोना तथा बहुमूल्य रत्नों के निर्यात में तेज गिरावट आई है। इस कारण तेल के अलावा अन्य वस्तुओं का आयात अप्रैल में 13.6 फीसदी घटा, जो सितंबर 2020 के बाद सबसे बड़ी गिरावट है।’

30 क्षेत्रों में से 19 में वस्तुओं का निर्यात अप्रैल में घटा है। निर्यात होने वाली जिन प्रमुख वस्तुओं में गिरावट आई है, उनमें पेट्रोलियम उत्पाद (17.62 फीसदी गिरावट), प्लास्टिक और लिनोलियम (18.95 फीसदी गिरावट), रत्न एवं आभूषण (30 फीसदी गिरावट) शामिल हैं। इसके अलावा इंजीनियरिंग वस्तुओं और सूती धागों का निर्यात भी घटा है। मगर अप्रैल में इलेक्ट्रॉनिक्स वस्तुओं का आयात 26.49 फीसदी और फार्मास्युटिकल का निर्यात 10.45 फीसदी बढ़ा है।

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First Published - May 15, 2023 | 10:19 PM IST

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