facebookmetapixel
Advertisement
रिन्यूएबल एनर्जी में ट्रांसमिशन की समस्या का समाधान जरूरी: संतोष कुमार सारंगीचैरिटेबल ट्रस्ट्स पर IT विभाग की नजर: कारोबारी आय पर टैक्स छूट को लेकर उठे सवालखाद्य और ईंधन महंगे, मार्च में खुदरा महंगाई बढ़कर 3.4% पर पहुंचीबेमौसम बारिश और महंगे इनपुट से AC बिक्री ठंडी, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर पर दबावPi Data Centers का विस्तार: मुंबई में नया 3MW डेटा सेंटर लॉन्च, AI और क्लाउड क्षमता होगी मजबूतस्विच मोबिलिटी ने पूरा किया मॉरीशस को भारत का सबसे बड़ा ई-बस निर्यातOla Electric का नया दांव: S1 X+ में 5.2 kWh बैटरी, बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच लंबी रेंज पर फोकसTCS नाशिक मामले पर टाटा ग्रुप सख्त: यौन उत्पीड़न आरोपों पर ‘जीरो टॉलरेंस’ का ऐलानइलेक्ट्रिफिकेशन से बदलेगा दोपहिया बाजार: बिक्री में स्कूटर होंगे आगे, बाइक पीछेअन्य उभरते बाजारों में कमाई की गति ज्यादा मजबूत: सुनील तिरुमलाई

तेजी से असुरक्षित ऋण बढ़ने से चिंता: Fitch

Advertisement

भारत में निजी ऋण/जीडीपी अनुपात वर्ष 2022 में करीब 57 प्रतिशत रहा जो अभी ‘बीबीबी’ श्रेणी के 50 फीसदी वाले मीडिअन फॉर सॉवरिन से थोड़ा ज्यादा है

Last Updated- August 16, 2023 | 11:01 PM IST
Fitch Ratings

वैश्विक रेटिंग एजेंसी फिच ने ऋण विशेष तौर पर असुरक्षित खुदरा ऋण में तेजी से वृद्धि पर चिंता जताई है। इसके सावधानीपूर्वक प्रबंधन की जरूरत है अन्यथा भारत के ऋणदाताओं बैंक और वित्तीय संस्थाओं के लिए उधारी की लागत और जोखिम बढ़ जाएगा। भारत में निजी ऋण/जीडीपी अनुपात वर्ष 2022 में करीब 57 प्रतिशत रहा जो अभी ‘बीबीबी’ श्रेणी के 50 फीसदी वाले मीडिअन फॉर सॉवरिन से थोड़ा ज्यादा है।

भारतीय रिजर्व बैंक की जून 2023 की वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट में बढ़ते असुरक्षित खुदरा ऋण पर प्रकाश डाला था। खुदरा ऋण की मार्च 2021 से मार्च 2023 के दौरान मिश्रित वार्षिक वृद्धि दर (जीएजीआर) 24.8 प्रतिशत थी जो इस आलोच्य अवधि के दौरान सकल अग्रिमों के 13.8 प्रतिशत की करीब दोगुनी थी।

इस अवधि के दौरान सुरक्षित और असुरक्षित अग्रिम में भी बदलाव आया है। इस दौरान असुरक्षित खुदरा ऋण 22.9 फीसदी से बढ़कर 25.2 फीसदी हो गया और सुरक्षित ऋण 77.1 फीसदी से घटकर 74.8 प्रतिशत हो गया।

पूरी बैंकिंग व्यवस्था में असुरक्षित खुदरा ऋण की हिस्सेदारी केवल 7.9 फीसदी थी। इस अवधि में इन संपत्ति की गुणवत्ता बेहतर हुई और सकल गैर निष्पादित संपत्तियों का अनुपात 3.2 फीसदी से गिरकर 2.0 प्रतिशत हो गया। खुदरा ऋण में संभावित दबाव के संकेत हैं लेकिन यह सिस्टम की स्थिरता के लिए तत्काल कोई खतरा नहीं हैं।

Advertisement
First Published - August 16, 2023 | 11:01 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement