facebookmetapixel
Advertisement
Stocks To Watch Today: आज इन शेयरों पर रहेगी बाजार की नजर, जानिए कहां बन सकता है मुनाफे का मौकाएशिया-प्रशांत क्षेत्र के शीर्ष 5 व्यस्त हवाई अड्डों में शामिल हुआ IGI एयरपोर्ट, चांगी और इंचियोन को छोड़ा पीछेबंगाल की राजनीति का ‘चाणक्य’ मौन: पूर्व रेल मंत्री और TMC के दिग्गज रणनीतिकार मुकुल रॉय का निधनमुंबई को पछाड़ गुरुग्राम बना देश का नंबर 1 अल्ट्रा लग्जरी हाउसिंग मार्केट, बाजार ₹24,000 करोड़ के पारयूनिकॉर्न बनने की रफ्तार में 40 गुना उछाल, स्टार्टअप दुनिया में AI कंपनियों ने मचाया तहलकाऔपनिवेशिक छाप से मुक्ति! राष्ट्रपति भवन से हटी लुटियंस की प्रतिमा, उनकी जगह अब विराजे ‘राजाजी’2 दिन 25 सत्र 40 नेता: बिज़नेस स्टैंडर्ड ‘मंथन’ मंगलवार से शुरू, ‘भविष्य के लिए तैयार भारत’ पर होगी चर्चागुणवत्ता और पारदर्शी ऑडिट पर दवा नियामक का जोर; 1,500 एक्सपर्ट्स की करेगा नियुक्तिIDFC फर्स्ट बैंक ने हरियाणा सरकार के ₹590 करोड़ का भुगतान जल्द करने का आश्वासन दियापुराने घरों के पुनर्विकास पर टैक्स को लेकर बड़ी राहत, ITAT मुंबई ने संपत्ति मालिकों के पक्ष में सुनाया फैसला

कर संग्रह में उछाल से उत्साहित सरकार अगले साल ITR फॉर्म में कर सकती है बदलाव

Advertisement

महामारी के बाद अर्थव्यवस्था के पुनरुद्धार के स्पष्ट संकेत और कर रिसाव को रोकने के सरकारी प्रयासों के चलते 2022 में प्रत्यक्ष कर (Direct Tax) और अप्रत्यक्ष कर (Indirect Tax) संग्रह में उछाल आया है।

Last Updated- December 26, 2022 | 12:42 PM IST
Direct tax collection will be more than expected
BS

कर संग्रह (tax collection) में 26 फीसदी बढ़ोतरी के साथ सरकार कर प्रशासन में सुधारों का अगला दौर शुरू करने जा रही है जिसमें आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने के लिए उपलब्ध फॉर्म की संख्या में कटौती की जा सकती है। इस बदलाव से करदाताओं (Taxpayer) को सहूलियत होगी और रिटर्न दाखिल करने में लगने वाले समय में कमी आएगी।

महामारी के बाद अर्थव्यवस्था के पुनरुद्धार के स्पष्ट संकेत और कर रिसाव को रोकने के सरकारी प्रयासों के चलते 2022 में प्रत्यक्ष कर (Direct Tax) और अप्रत्यक्ष कर (Indirect Tax) संग्रह में उछाल आया है। आने वाले दिनों में सरकार कर चोरी करने वालों पर अधिक सख्ती कर सकती है। इसके साथ ही ऑनलाइन गेमिंग (Online Gaming) के अलावा ई-कॉमर्स (E-Commerce) और ऑनलाइन सेवा प्रदाताओं के लिए सख्त कर मानदंडों पर भी विचार किया जा सकता है।

भारत अगले साल G-20 देशों के नेताओं की मेजबानी करने के लिए तैयार है। इसके साथ ही डिजिटल अर्थव्यवस्था में कराधान, विकासशील देशों को करों का उचित हिस्सा सुनिश्चित करना और क्रिप्टोकरेंसी का कराधान भी एजेंडे में होगा। लंबी अवधि के पूंजीगत लाभ कर संरचना के युक्तिकरण से भी समान परिसंपत्ति वर्गों के बीच होल्डिंग अवधि में समानता आने की उम्मीद है। इस समय एक साल से अधिक के लिए रखे गए शेयरों पर दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ पर 10 फीसदी कर लगता है। अचल संपत्ति की बिक्री और दो साल से अधिक के लिए रखे गए असूचीबद्ध शेयरों और तीन साल से अधिक के लिए रखे गए ऋण उपकरणों और आभूषणों पर 20 फीसदी दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ कर लगता है।

यह भी पढ़ें: राजकोषीय घाटा कम करने का हो खाका

नई कर व्यवस्था में कुछ बदलाव अगले साल भी होने की उम्मीद है, क्योंकि सरकार व्यक्तिगत आयकरदाताओं के लिए छूट मुक्त कर व्यवस्था को और अधिक आकर्षक बनाना चाहती है। कर अधिकारी ज्यादातर करदाताओं के लिए एक सामान्य ITR फॉर्म तैयार करने पर काम कर रहे हैं। हालांकि व्यक्तिगत करदाताओं के लिए फॉर्म (ITR-1 और 4) जारी रहेंगे। ITR-1 और ITR-4 दाखिल करने वाले करदाताओं को यह चुनने का विकल्प मिलेगा कि वे अपना कर रिटर्न दाखिल करते समय प्रस्तावित सामान्य ITR फॉर्म या मौजूदा फार्म में से कौन सा फॉर्म चाहते हैं। फिलहाल विभिन्न श्रेणियों वाले करदाताओं के लिए सात तरह के ITR फॉर्म उपलब्ध हैं।

Advertisement
First Published - December 25, 2022 | 5:18 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement