facebookmetapixel
Advertisement
‘एक पर हमला, सब पर हमला’: पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये ने मक्का समझौते पर किए हस्ताक्षर‘NTA की लापरवाही और सुरक्षा खामियों से लीक हुआ प्रश्नपत्र’, नीट UG 2026 को लेकर CBI ने किया खुलासाविदेशी निवेश को मिलेगा सहारा, नए BIT मॉडल पर जल्द फैसला करेगी सरकार; खाका तैयारअमेरिका में जन्म से नागरिकता पाना होगा मुश्किल, ट्रंप ने जारी किए दो नए आदेशडीपफेक और AI कंटेंट पर सरकार ने बढ़ाई सख्ती, मेटा से मांगी सुधार की रिपोर्टFCRA संशोधन विधेयक पर अगले सप्ताह संसद में घमासान के आसार, सरकार ने आलोचना की खारिजRBI के नए ड्राफ्ट नियमों से NBFC पर बढ़ा दबाव, बजाज फाइनैंस समेत कई कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावटEditorial: डिजिटल पेमेंट को टिकाऊ बनाना है तो जीरो MDR पर नए सिरे से सोचना जरूरीशेयर बाजार में Authorized Persons के नियम होंगे कड़े, Brokers की Compliance जिम्मेदारी भी बढ़ेगीचार महीने की बिकवाली के बाद FPI की वापसी, भारतीय बाजार में Consumer और IT शेयरों पर फोकस

डिजिटल मुद्रा का होगा आसान इस्तेमाल, CBDC QR कोड को जोड़ा जाएगा UPI के साथ

Advertisement
Last Updated- June 08, 2023 | 11:03 PM IST
CBDC QR codes likely to be interoperable with UPI

केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (CBDC) और यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) के आपसी संबंध पर ​स्थिति स्पष्ट करते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने गुरुवार को कहा कि सीबीडीसी क्यूआर कोड को यूपीआई व्यवस्था के साथ जोड़ा जाएगा। यूपीआई को देश में एक सफल भुगतान प्रणाली के तौर पर पहले से ही जाना जाता है।

गुरुवार को मौद्रिक नीति समीक्षा के बाद एक संवाददाता सम्मेलन को संबो​धित करते हुए डिप्टी गवर्नर टी रबि शंकर ने कहा कि केंद्रीय बैंक का मकसद जून के अंत तक सीबीडीसी यानी ई-रुपी ग्राहकों की संख्या 10 लाख पर पहुंचाना है। शंकर ने कहा, ‘जून के अंत तक 10 लाख ग्राहक जोड़ने की योजना है। दूसरी बात, हम क्यूआर कोड को यूपीआई के साथ अंतर-संचालित करने की योजना बना रहे हैं।’

यूपीआई एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जो डिजिटल लेनदेन के लिए बैंकिंग सौदे आसान बनाता है, जिसमें लाभार्थी डेबिट कार्ड, इंटरनेट बैंकिंग या मोबाइल वॉलेट के जरिये भुगतान करने में सक्षम होंगे। दूसरी तरफ, सीबीडीसी में लाभार्थी डिजिटल मुद्रा निकाल सकता है और इसे मोबाइल पर अपने वॉलेट में रख सकता है। जब आप किसी दुकान या अन्य जगह पर भुगतान करते हैं तो यह एक वॉलेट से दूसरे में चला जाएगा। वहीं बैंक की मध्यस्थता की जरूरत नहीं है। यूपीआई के मामले के विपरीत, सीबीडीसी के मामले में रकम दो निजी इकाइयों, लोगों या व्यवसायियों के बीच पहुंचती है।

शंकर ने कहा कि केंद्रीय बैंक ने सीबीडीसी की आ​धिकारिक पेशकश के लिए कोई खास तारीख तय नहीं की है। पिछले साल यह 1 नवंबर थी, जब आरबीआई ने ​होलसेल सेगमेंट के लिए डिजिटल रुपये की पेशकश की थी। इसके बाद 1 दिसंबर को रिटेल डिजिटल रुपये के लिए पहला परीक्षण किया गया। शंकर ने कहा, ‘हमने अभी इसे पेश करने के लिए कोई तारीख निर्धारित नहीं की है। इस पर जल्दबाजी नहीं की जाएगी, जिससे कि हम इसके प्रभाव का आकलन कर सकें।’

सीबीडीसी का परीक्षण चार शहरों – मुंबई, नई दिल्ली, बेंगलूरु और भुवनेश्वर में ग्राहकों और व्यवसायियों के साथ किया गया था। बाद में, धीरे धीरे इसे अहमदाबाद, चंडीगढ़, गंगटोक, गुवाहाटी, हैदराबाद, इंदौर, को​च्चि, लखनऊ, पटना और ​शिमला जैसे शहरों में किया गया। हालांकि परीक्षण के शुरुआती चरण में, सिर्फ भारतीय स्टेट बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, येस बैंक और आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ही सीबीडीसी का हिस्सा थे, बाद में बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, एचडीएफसी बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक भी इसमें शामिल हुए।

Advertisement
First Published - June 8, 2023 | 11:03 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement