facebookmetapixel
Advertisement
दो दिग्गज: एक-दूसरे के पास मगर बहुत दूर, वैश्विक एआई प्रतिद्वंद्विता का पल वायरलAI के प्रसार के लिए साथ आईं ग्लोबल और भारतीय कंपनियां: अश्विनी वैष्णवअमेरिकी टैरिफ से निपटने को व्यापार में विविधता लाएंगे भारत और ब्राजीलGEC समिट: डेवलपमेंट एजेंसियां बदल रहीं महाराष्ट्र की तस्वीर, पेश किया मल्टी-मॉडल विकास का मेगा ब्लूप्रिंटमुफ्त योजनाओं पर सुप्रीम कोर्ट की चिंता: करदाताओं पर बोझ, राजकोषीय अनुशासन जरूरीईरान-अमेरिका तनाव से बाजार धड़ाम: सेंसेक्स 1,236 अंक टूटा, निवेशकों के ₹6.8 लाख करोड़ डूबेएआई इम्पैक्ट समिट में पीएम मोदी ने एआई के लिए पेश किया ‘मानव’ दृष्टिकोण, तकनीक हो सर्वसुलभAI पर ₹10 लाख करोड़ खर्च करेगी रिलायंस, जियो भारत को इंटेलिजेंस युग में ले जाएगाबदलते बाजार हालात में ‘रिवर्स फ्लिप’ ठंडा, स्टार्टअप के भारत लौटने की गति धीमीEditorial: IBC में पारदर्शिता बढ़ाने की पहल, CoC के कामकाज में सुधार से घटेगी देरी?

‘नियामकों के लक्ष्य के मुताबिक अवस्फीति’- RBI डिप्टी गवर्नर माइकल देबब्रत पात्र

Advertisement

RBI के डिप्टी गवर्नर माइकल देबब्रत पात्र ने कहा कि एशिया में अवस्फीति पटरी पर बना रहेगा

Last Updated- February 20, 2024 | 11:59 PM IST
ओवरनाइट इंडेक्स स्वैप मार्केट में FPI निवेश सीमा की होगी समीक्षाRBI reviewing foreign investment limit in OIS market: RBI Dy Guv Patra
भारतीय रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर माइकल देबब्रत पात्र

भारतीय रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर माइकल देबब्रत पात्र ने कहा कि एशिया में अवस्फीति पटरी पर बना रहेगा और इसके केंद्रीय नियामक बैंक के लक्ष्यों से तालमेल के संकेत मिल रहे हैं। पात्र ने 15 फरवरी को आयोजित सीसेन गवर्नर्स कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘कुल मिलाकर 2024 की वैश्विक वृद्धि में करीब दो तिहाई हिस्सेदारी एशिया की हो सकती है, जिसमें 2023 के तेज विकास का भी असर रहेगा। एक और उल्लेखनीय प्रगति यह है कि एशिया में अवस्फीति पटरी पर बने रहने की संभावना है और यह केंद्रीय बैंक के लक्ष्य के अनुरूप है। एक तूफानी और अस्थिर वैश्विक माहौल में एशिया निरंतर विकास की राह पर है।’ रिजर्व बैंक ने मंगलवार को गवर्नर का यह बयान जारी किया।

उन्होंने आगे कहा कि सीसेन के सदस्य विश्व की 45 प्रतिशत आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिनकी वैश्विक जीडीपी में इस सदी की शुरुआत में हिस्सेदारी 9 प्रतिशत थी और अब 2023 में 27 प्रतिशत पर पहुंच गई है। क्रय शक्ति की क्षमता में अंतर (पीपीपी) के हिसाब से देखें तो सीसेन के सदस्यों की हिस्सेदारी वैश्विक जीडीपी की एक तिहाई है।

आय के स्तर में अंतर होने के साथ सामान्यतया ये देश उच्च बचत वाली अर्थव्यवस्थाएं हैं, जहां संयुक्त जीडीपी का 36 प्रतिशत निवेश दर और 37 प्रतिशत औसत बचत दर है। इससे इन देशों के घरेलू संसाधनों का पता चलता है, जो वृद्धि में भूमिका निभा रहे हैं। इससे इन देशों के निवेश और विकास के लिए आंतरिक संसाधनों पर क्षेत्र की निर्भरता का पता चलता है।

पात्र ने कहा, ‘सीसेन समूह के देश अंतरराष्ट्रीय व्यापार के केंद्र भी हैं। विश्व व्यापार संगठन के आंकड़ों के मुताबिक विश्व के वस्तु निर्यात में इनकी हिस्सेदारी 2022 में 31 प्रतिशत रही है। इससे इनकी अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धात्मकता और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में इनकी केंद्रीय भूमिका का पता चलता है। सीसेन समूह में विश्व के कुल वस्तु आयात का 28 प्रतिशत आता है। इससे शुद्ध वैश्विक मांग में इन देशों की अहम भूमिका स्पष्ट होती है।’

इसके साथ ही यह क्षेत्र सक्रियता से डिजिटल कारोबार बढ़ा रहा है, जो 2022 में अनुमानित रूप से 3.9 लाख करोड़ डॉलर रहने का अनुमान है। उन्होंने कहा, ‘हालांकि सीसेन के सदस्य देशों में प्रत्येक के डिजिटल कारोबार की सूचना उपलब्ध नहीं है लेकिन यह उल्लेखनीय है कि एशिया प्रशांत क्षेत्र ने 958 अरब डॉलर मूल्य के डिजिटल डिलिवरी योग्य सेवाओं का निर्यात किया है। यह इस क्षेत्र के कुल सेवा निर्यात का 12 प्रतिशत है।’

Advertisement
First Published - February 20, 2024 | 11:23 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement