facebookmetapixel
Advertisement
AI इम्पैक्ट समिट में बिल गेट्स की भागीदारी पर सस्पेंस, वेबसाइट से हटा नाम, फाउंडेशन बोला: आएंगेदिल्ली HC में भिड़े सोशल मीडिया दिग्गज और बाबा रामदेव, पैरोडी व व्यंग्य को हटाने पर छिड़ी कानूनी जंगसुप्रीम कोर्ट की गंभीर चेतावनी: वकालत में AI का अंधाधुंध इस्तेमाल पड़ेगा भारी, गढ़े जा रहे फर्जी केससर्वोच्च न्यायालय की रेरा पर टिप्पणी से रियल एस्टेट में सख्त अनुपालन और प्रवर्तन पर ध्यान बढ़ने के आसारबिना सिबिल स्कोर के भी मिलेगा लोन: पहली बार कर्ज लेने वालों के लिए AI आधारित स्कोरिंग लाएगी सरकारNBFC सेक्टर में AI की क्रांति: बजाज और टाटा कैपिटल जैसे दिग्गज अब मशीनों से बांट रहे हैं करोड़ों का लोनबांग्लादेश के पीएम बने तारिक रहमान, भारत आने का न्योताIndia-US Trade: अमेरिका से आयात में 24% का बड़ा उछाल, ट्रंप की चिंता दूर करने की कोशिशमुंबई में जीईसी सम्मेलन: भारत अब एक भरोसेमंद वैश्विक भागीदारइंश्योरेंस होगा सस्ता: एजेंटों के कमीशन ढांचे में बदलाव की सिफारिश, घट सकता है प्रीमियम का बोझ

India-US Trade: अमेरिका से आयात में 24% का बड़ा उछाल, ट्रंप की चिंता दूर करने की कोशिश

Advertisement

वित्त वर्ष 2025 में अमेरिका से भारत का आयात 7.4 प्रतिशत बढ़कर 45.3 अरब डॉलर हो गया, जबकि निर्यात 11 प्रतिशत बढ़कर 86.5 अरब डॉलर हो गया है

Last Updated- February 17, 2026 | 11:05 PM IST
EXport
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

वाणिज्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक भारत में अमेरिका से आयात बढ़ा है। जनवरी में आवक लगभग 24 प्रतिशत बढ़कर 4.49 अरब डॉलर हो गई है। अप्रैल-जनवरी के दौरान आयात 14 प्रतिशत बढ़कर लगभग 44 अरब डॉलर हो गया है। वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में मासिक शिपमेंट में तेजी आई। इसकी वजह से अमेरिका के साथ व्यापार अधिशेष कम हुआ है।

वित्त वर्ष  के पहले 5 महीनों के दौरान आयात असमान था। यह अप्रैल के 5.53 अरब डॉलर से गिरकर अगस्त में 3.6 अरब डॉलर रह गया। सितंबर और उसके बाद से धीरे धीरे आयात में बढ़ोतरी हुई है और दिसंबर और उसके बाद से 4 अरब डॉलर से ऊपर बना हुआ है।

निर्यात में तेजी अगले 5 वर्षों में अमेरिका से 500 अरब डॉलर की खरीद योजना के भारत के इरादे के अनुरूप है, जिसमें ऊर्जा उत्पाद, विमान और विमान के पुर्जे, कीमती धातु, तकनीकी उत्पाद और कोकिंग कोल जैसी वस्तुएं शामिल हैं।

इस समय अमेरिका से भारत आने वाले प्रमुख आयात में कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पाद, कोयला, एल्युमीनियम, आभूषण, प्लास्टिक, विमान और इलेक्ट्रिकल मशीनरी और उनके कल पुर्जे शामिल हैं।

अमेरिका के बढ़ते व्यापार घाटे को कम करना अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के देश के मुताबिक कर अलग अलग कर लगाने का मकसद रहा है। यह अगस्त और उसके बाद लगाया गया था। वित्त वर्ष 2025 में अमेरिका के साथ भारत का व्यापार अधिशेष एक साल पहले के 35 अरब डॉलर से बढ़कर 41 अरब डॉलर हो गया।  अमेरिका से धीरे धीरे आयात में हो रही वृद्धि अमेरिका की चिंता दूर करने की भारत की इच्छा के महत्त्वपूर्ण संकेत के रूप में देखा जा रहा है।  

आंकड़ों के मुताबिक जनवरी में अमेरिका के साथ व्यापार अधिशेष घटकर 2.1 अरब डॉलर रह गया है, जो मई में 5 अरब डॉलर के उच्च स्तर पर था। अधिशेष सितंबर में घटकर 1.45 अरब डॉलर रह गया था, क्योंकि आयात में तेजी आई थी और निर्यात में वृद्धि सुस्त रही थी।  इसके बाद के महीनों में अधिशेष अक्टूबर के 1.8 अरब डॉलर और दिसंबर के 2.9 अरब डॉलर के बीच बना रहा।

 लगभग एक वर्ष से भारत सरकार उद्योग के हितधारकों, जिसमें निर्यातक व आयातक शामिल हैं, को अमेरिका से आयात बढ़ाने के अवसरों का मूल्यांकन करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है।

वित्त वर्ष 2025 में अमेरिका से भारत का आयात 7.4 प्रतिशत बढ़कर 45.3 अरब डॉलर हो गया, जबकि निर्यात 11 प्रतिशत बढ़कर 86.5 अरब डॉलर हो गया है।

Advertisement
First Published - February 17, 2026 | 11:05 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement