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मुंबई में जीईसी सम्मेलन: भारत अब एक भरोसेमंद वैश्विक भागीदार

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उन्होंने कहा कि भारत ग्लोबल साउथ की आत्मविश्वास से भरे एक भरोसेमंद आवाज के रूप में सामने आया है

Last Updated- February 17, 2026 | 11:09 PM IST
PM Narendra Modi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुंबई में ग्लोबल इकनॉमिक कोऑपरेशन (जीईसी) 2026 को दिए एक संदेश में कहा कि भारत भू-राजनीतिक उथल-पुथल और आर्थिक अनिश्चितताओं से भरी दुनिया में खुद को एक स्थिर शक्ति के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रहा है। मोदी ने कम मुद्रास्फीति के साथ उच्च वृद्धि को बनाए रखने की देश की क्षमता की ओर इशारा किया। उन्होंने कहा, ‘जब दुनिया अनिश्चितता के दौर में स्थिर नेतृत्व की तलाश कर रही है तो भारत आशा की किरण के रूप में खड़ा है।’

उन्होंने कहा कि भारत ग्लोबल साउथ की आत्मविश्वास से भरे एक भरोसेमंद आवाज के रूप में सामने आया है। भारत वैश्विक बातचीत को आगे बढ़ाते हुए एक अधिक संतुलित और समावेशी विश्व व्यवस्था के लिए योगदान दे रहा है।’ उन्होंने कहा कि डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर ने भारत को पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कल्याणकारी योजनाओं को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने में समर्थ बनाया है।

मोदी ने जीईसी प्लेटफॉर्म को उस आत्मविश्वास को सहयोग में बदलने का एक अवसर बताया। उन्होंने कहा, ‘जीईसी कॉन्फ्रेंस विभिन्न अर्थव्यवस्थाओं के बीच एक महत्त्वपूर्ण पुल का काम कर सकता है। यह विचारों, पूंजी और नवाचार को जोड़ता है ताकि अधिक से अधिक सहयोग के साथ आपस में जुड़े वैश्विक आर्थिक भविष्य की बुनियाद रखी जा सके।’

मगर यह आशावाद इस आकलन के बिल्कुल विपरीत था कि वैश्विक परिदृश्य कितनी तेजी से बदल रहा है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने आगाह किया कि दुनिया काफी उथल-पुथल और अनिश्चितता से भरे दौर में प्रवेश कर चुकी है। उन्होंने कहा कि यह शायद अब तक का सबसे अशांत दौर है जहां रणनीतिक, राजनीतिक, आर्थिक और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही धारणाओं पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

जयशंकर ने कहा, ‘स्थापित विश्व व्यवस्था में स्पष्ट तौर पर बदलाव हो रहा है।’ उन्होंने कहा, ‘बदलाव करना काफी मुश्किल है और ऐसा लगता है कि हम एक लंबे संक्रमणकाल की ओर बढ़ रहे हैं। यह काफी जोखिम भरा, अप्रत्याशित और शायद खतरनाक भी होगा।’
उन्होंने कहा कि इस माहौल में देश तेजी से उत्पादन को हथियार बना रहे हैं, वित्त को हथियार बना रहे हैं, बाजार हिस्सेदारी का फायदा उठा रहे हैं और निर्यात नियंत्रण को सख्त कर रहे हैं।

जयशंकर ने कहा कि जोखिम को कम करना या विविधता अब वैकल्पिक बात नहीं है। उन्होंने कहा, ‘सोर्सिंग से लेकर उत्पादन और बाजार तक जोखिम कम करने की बात बाध्यकारी होती जा रही है।’ उन्होंने कहा कि भारत की प्रतिक्रिया रही है कि राष्ट्रीय क्षमताओं का निर्माण करते हुए भागीदारों को ताकत से जोड़ा जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि आर्थिक सुरक्षा को आत्मनिर्भरता और भरोसेमंद भागीदारी के जरिये हासिल की जा सकती है।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस वैश्विक पुनर्गठन को सीधे तौर पर भारत के घरेलू आर्थिक भूगोल से जोड़ा। साथ ही उन्होंने मुंबई और महाराष्ट्र को देश की रणनीतिक आकांक्षाओं के केंद्र में रखा। उन्होंने कहा, ‘वैश्विक व्यापार वृद्धि काफी उथल-पुथल भरे दौर से गुजर रही है।’ उन्होंने कहा, ‘आपूर्ति श्रृंखलाएं पुनर्गठित हो रही हैं। सेमीकंडक्टर, ऊर्जा, खाद्य, दुर्लभ खनिज, एआई आदि रणनीतिक क्षेत्र अब राष्ट्रीय सुरक्षा सिद्धांतों में समाहित हो गए हैं। पूंजी प्रवाह अब महज रिटर्न से ही नहीं बल्कि भू-राजनीति से निर्देशित हो रहा है।’

फडणवीसने कहा कि महाराष्ट्र देश की जीडीपी में 14-15 फीसदी, औद्योगिक उत्पादन में लगभग 20 फीसदी और पश्चिमी बंदरगाहों के जरिये कंटेनर यातायात में 60 फीसदी से अधिक योगदान करता है। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब वित्तीय लचीलापन बेहद महत्त्वपूर्ण हो गया है, मुंबई पारदर्शिता, विनियमन एवं व्यापकता प्रदान करता है।

उद्योग जगत के नेताओं ने जोर देकर कहा कि वैश्विक कारोबार अब एक बेहद खंडित और जोखिम भरी दुनिया में अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रहा है। भारत फोर्ज के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक बाबा कल्याणी ने कहा कि हालिया वैश्विक मंचों ने इस बात को रेखांकित किया है कि दुनिया केवल बदलाव के दौर से ही नहीं गुजर रही है बल्कि वह एक विखंडन से जूझ रही है। उन्होंने कहा, ‘कारोबारी, सरकार और समाज सभी की नजरें अनिश्चितताओं और विश्व व्यवस्था को आकार देने वाले बड़े बदलावों पर हैं।’

कल्याणी ने कहा कि वैश्विक विनिर्माताओं के लिए स्थिरता अब दक्षता जितनी महत्त्वपूर्ण हो गई है। उन्होंने प्रधानमंत्री के संदेश को दोहराते हुए कहा, ‘अगर कोई ऐसा बाजार या देश है जो स्थिरता, वृद्धि और संसाधन उपलब्ध कराता है, तो वह भारत है।’

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First Published - February 17, 2026 | 11:02 PM IST

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