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NBFC सेक्टर में AI की क्रांति: बजाज और टाटा कैपिटल जैसे दिग्गज अब मशीनों से बांट रहे हैं करोड़ों का लोन

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हाल ही में विश्लेषकों के साथ बातचीत में बजाज फाइनैंस ने बताया कि एआई की मदद से उसने 2 करोड़ कॉल का विश्लेषण किया और 5.2 लाख ग्राहकों की आवाज को टेक्स्ट में बदला

Last Updated- February 17, 2026 | 11:10 PM IST
artificial intelligence
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

भारत की प्रमुख गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (एनबीएफसी) अब आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) का बड़े पैमाने पर उपयोग कर रही हैं। ग्राहकों को जोड़ने से लेकर ऋण मंजूरी, सेवा एवं वसूली तक पूरी ऋण प्रक्रिया में एआई के इस्तेमाल से कारोबार में तेजी आ रही है और लागत में कमी हो रही है।

ये एनबीएफसी कंपनियां अपने कामकाज के मॉडल में एआई और जेनेरेटिव एआई (जेनएआई) को शामिल कर रही हैं। डेटा एनालिटिक्स का फायदा उठाते हुए, संवाद करने वाले इंटरफेस और स्वचालित एजेंट की मदद से निर्णय लेने की क्षमता बेहतर हो रही है। साथ ही ग्राहकों को व्यक्तिगत सेवाएं देने और जोखिम प्रबंधन और पोर्टफोलियो प्रबंधन में भी मदद मिल रही है।

हाल ही में विश्लेषकों के साथ बातचीत में बजाज फाइनैंस ने बताया कि एआई की मदद से उसने 2 करोड़ कॉल का विश्लेषण किया और 5.2 लाख ग्राहकों की आवाज को टेक्स्ट में बदला। इस प्रक्रिया से कंपनी को 1 लाख नए ऑफर तैयार करने में मदद मिली, जिनकी पहले जानकारी नहीं थी। कंपनी का लक्ष्य अगले वर्ष बिक्री, सेवा और ऋण प्रबंधन सेवाओं (डीएमएस) के लिए 10 करोड़ कॉल का विश्लेषण करना है।

बजाज फाइनैंस के उपाध्यक्ष राजीव जैन ने कहा, ‘अगले साल कंपनी 10 करोड़ कॉल सुन सकेगी और उन्हें टेक्स्ट में बदल सकेगी। शुरुआत बिक्री से होगी, फिर सेवा और उसके बाद ऋण प्रबंधन सेवाओं में इसका विस्तार किया जाएगा।’

कंपनी ने बताया कि उसके एआई कॉल सेंटर के जरिये लगभग 1,600 करोड़ रुपये के ऋण वितरित किए गए हैं। इन कॉल से मिले डेटा के आधार पर 325 करोड़ रुपये का अतिरिक्त कारोबार भी हुआ है। फिलहाल कंपनी के 11 एआई टेक्स्ट बॉट ग्राहकों से सीधे बातचीत कर रहे हैं। उसके 26 उत्पादों में से सभी को अप्रैल-मई 2026 तक एआई से जोड़ा जाएगा। इसके बाद ग्राहकों का कोई भी संदेश, बिना बातचीत करने वाले बॉट के पास नहीं भेजा जाएगा।

बजाज फाइनैंस स्वचालित एजेंटों और कंज्यूमर एआई मंच में भी निवेश कर रही है ताकि इन्हें इसके ऐप और वेबसाइट पर उपलब्ध कराया जा सके। कंपनी अगले वित्त वर्ष में बिक्री, संचालन, मानव संसाधन, सूचना प्रौद्योगिकी, जोखिम प्रबंधन और ऋण प्रबंधन सेवाओं में 800 से अधिक स्वचालित एजेंट तैनात करने की योजना बना रही है। कंज्यूमर एआई इंटरफेस को मई या जून 2026 तक लॉन्च किए जाने की उम्मीद है। इसके बाद ग्राहकों को पारंपरिक मंच और एआई से लैस मंच के बीच चयन का विकल्प मिलेगा।

इसी तरह, एलऐंडटी फाइनैंस भी ग्राहकों को जोड़ने, ऋण देने से पहले ग्राहकों की वित्तीय स्थिति और जोखिम का मूल्यांकन करना और पोर्टफोलियो प्रबंधन के लिए एआई आधारित मंच प्रोजेक्ट साइक्लोप्स और प्रोजेक्ट नोस्ट्राडैमस लागू कर रही है। प्रोजेक्ट नोस्ट्राडैमस को अगस्त 2025 में दोपहिया वाहन वित्तीय खंड में लाइव बीटा मोड में शुरू किया गया था। यह सूक्ष्म बाजार क्लस्टर स्तर पर पोर्टफोलियो की सक्रिय निगरानी के लिए उपयोगी जानकारी दे रहा है।

एनबीएफसी ने दो अन्य पहलें मसलन प्रोजेक्ट हेलिओस और प्रोजेक्ट ओरियन भी शुरू की हैं। प्रोजेक्ट हेलिओस एक एजेंटिक एआई मंच है जो ऋणों का मूल्यांकन करने वालों को तेज, सुसंगत और अधिक सटीक निर्णय लेने में मदद करता है। इस मंच ने 5,000 से अधिक मामलों की प्रोसेसिंग की है, जिससे एसएमई कारोबार में सामान्य तौर पर लगने वाले समय में 30 प्रतिशत की कमी आई है और प्रत्येक केस में लगभग 1.5 घंटे की बचत हुई है। कंपनी इस मंच को चरणबद्ध तरीके से अपने सभी व्यवसायिक क्षेत्रों में लागू करने की योजना बना रही है।

टाटा कैपिटल ने भी मार्केटिंग, बिक्री, ऋण जांच, परिचालन, ग्राहक सेवा और वसूली जैसे सभी प्रमुख कार्यों में एआई का उपयोग शुरू किया है। कंपनी के अनुसार, एआई के इस्तेमाल से एजेंटों की कार्यक्षमता बढ़ी है, कई प्रक्रियाएं स्वचालित हुई हैं और कॉल को अधिक समझदारी से संभाला जा रहा है। इसके कारण लागत में कमी आई है।

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First Published - February 17, 2026 | 11:10 PM IST

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