कोटक महिंद्रा बैंक की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी (केएमसीसी) ने इन्फिना फाइनैंस में अपनी हिस्सेदारी का एक हिस्सा लगभग 1,293.91 करोड़ रुपये में बेचने के लिए अंतिम समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
बैंक ने नियामक फाइलिंग में कहा कि इस लेन-देन में बैंक की सहयोगी कंपनी इन्फिना में कुल 30.99% हिस्सेदारी विभिन्न निवेशकों को बेची जाएगी। इस समझौते के तहत केएमसीसी 9.90 प्रतिशत हिस्सेदारी डेराइव ट्रेडिंग ऐंड रिसॉर्ट्स और ब्राइट स्टार इन्वेस्टमेंट्स को 413.35 करोड़ रुपये में बेचेगी।
यह दिवंगत निवेशक राकेश झुनझुनवाला की एस्टेट को उनके ट्रस्टों के माध्यम से 505.21 करोड़ रुपये में 12.10 प्रतिशत हिस्सेदारी हस्तांतरित करेगी। इसके अलावा केएमसीसी मौजूदा शेयरधारक केएफ ट्रस्ट को 375.36 करोड़ रुपये में 8.99 प्रतिशत हिस्सेदारी का विनिवेश करेगी। केएफ उदय कोटक का पारिवारिक ट्रस्ट है। उदय कोटक कोटक महिंद्रा बैंक के संस्थापक व प्रमोटर हैं और बैंक में लगभग 26 प्रतिशत हिस्सेदारी रखते हैं।
इन लेन-देनों के पूरा होने के बाद इन्फिना में केएमसीसी की हिस्सेदारी घटकर 19% रह जाएगी। लिहाजा इन्फिना बैंक की सहयोगी कंपनी नहीं रह जाएगी। कोटक महिंद्रा समूह की 31 मार्च, 2025 तक इन्फिना फाइनैंस में 49.99 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। यह लेन-देन प्रथागत पूर्व-शर्तों के अधीन है। इसके 31 मार्च 2026 या उससे पहले पूरा होने की उम्मीद है।
इन्फिना फाइनैंस की स्थापना 1996 में हुई थी। यह प्रतिभूतियों के एवज में ऋण, संपत्ति के एवज में ऋण, वाणिज्यिक रियल एस्टेट और बीमा कॉर्पोरेट एजेंसी जैसी सेवाएं प्रदान करती है। इन्फिना फाइनैंस ने 31 मार्च, 2025 को समाप्त वित्तीय वर्ष के लिए 532.66 करोड़ रुपये का कारोबार और 2,727.99 करोड़ रुपये की शुद्ध संपत्ति दर्ज की। हालांकि, बैंक के समेकित वित्तीय विवरणों में इसका योगदान सीमित है, जो कुल आय का 0.50% और शुद्ध संपत्ति का 1.73 प्रतिशत है।
बैंक ने बताया कि जहां डेराइव ट्रेडिंग, ब्राइट स्टार इन्वेस्टमेंट्स और झुनझुनवाला ट्रस्टों को हिस्सेदारी की बिक्री संबंधित पक्ष लेनदेन की श्रेणी में नहीं आती है, वहीं केएफ ट्रस्ट को की गई बिक्री (जिसके लाभार्थी प्रमोटर समूह से संबंधित हैं) को संबंधित पक्ष लेनदेन के रूप में वर्गीकृत किया गया है। यह बिक्री दोनों पक्षों ने स्वतंत्र ढंग से की है और इसमें व्यक्तिगत संबंधों या हितों का टकराव नहीं है। यह विनिवेश समूह के जारी पोर्टफोलियो युक्तिकरण का हिस्सा है। इससे निवेश संरचना को सुव्यवस्थित करने और सहयोगी कंपनियों से मूल्य प्राप्त करने की उम्मीद है।
(डिस्कलेमर: बिजनेस स्टैंडर्ड प्राइवेट लिमिटेड में कोटक समूह के नियंत्रण वाली इकाइयों की बहुलांश हिस्सेदारी है)