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एआई इम्पैक्ट समिट में पीएम मोदी ने एआई के लिए पेश किया ‘मानव’ दृष्टिकोण, तकनीक हो सर्वसुलभ

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उन्होंने भारत की विविधता और जनसां​ख्यिकी पर जोर देते हुए कहा कि भारत में सफल होने वाला कोई भी एआई मॉडल दुनिया भर में इस्तेमाल किया जा सकेगा

Last Updated- February 19, 2026 | 11:29 PM IST
PM Modi in AI Impact Summit
नई दिल्ली में गुरुवार को एआई इम्पैक्ट समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई, ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन, एंथ्रोपिक के सीईओ डारियो अमोदेई और प्रौद्योगिकी जगत के अन्य दिग्गज। फोटो: पीटीआई

एआई इम्पैक्ट समिट में दुनिया के नेताओं का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि प्रौद्योगिकी को सर्वसुलभ बनाया जाना चाहिए, जिससे यह खास तौर पर ग्लोबल साउथ में समावेश और सश​क्तीकरण का माध्यम बन सके। उन्होंने भारत की विविधता और जनसां​ख्यिकी पर जोर देते हुए कहा कि भारत में सफल होने वाला कोई भी एआई मॉडल दुनिया भर में इस्तेमाल किया जा सकेगा।

प्रधानमंत्री ने किसी देश या प्रौद्योगिकी कंपनी का नाम नहीं लिया मगर कहा कि जैसे सूरज की रोशनी को सबसे अच्छा कीटाणुनाशक कहा जाता है, वैसे ही पारद​र्शिता सबसे बड़ी सुरक्षा है। उन्होंने कहा कि कुछ देशों और कंपनियों का मानना ​​है कि एआई ‘स्ट्रैटजिक ऐसेट है और इसे गोपनीय तरीके से विकसित किया जाना चाहिए मगर भारत की सोच अलग है।’

समिट में 100 से ज्यादा देशों ने हिस्सा लिया है। इसमें संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुतारेस, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा, स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति जी पार्मेलिन सहित दुनिया भर के नेता और कई प्रमुख प्रौद्योगिकी कंपनियों के सीईओ मौजूद थे।

प्रधानमंत्री ने भारत मंडपम में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए दुनिया के नेताओं और प्रौद्योगिकी जगत के दिग्गजों को ‘भारत में डिजाइन एवं डेवलप करने और दुनिया तथा इंसानियत को देने’ का आह्वान किया।

मोदी ने कहा कि भारत का मानना है कि एआई से दुनिया को तभी फायदा होगा जब इसे सभी के साथ साझा किया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘जब कोड्स सर्वसुलभ होते हैं तो लाखों युवा दिमाग उन्हें ज्यादा सुरक्षित और बेहतर बना सकते हैं। आइए, हम एआई को दुनिया की भलाई के तौर पर विकसित करने का संकल्प लें।’

मोदी ने ‘मानव’ के रूप में एआई के लिए भारत के दृ​ष्टिकोण को रेखांकित किया। इसमें संप्रभुता और समावेशिता पर विशेष ध्यान देते हुए तेजी से उभरती एआई प्रौद्योगिकी के उपयोग एवं मानव-केंद्रित दृष्टिकोण को अपनाने की परिकल्पना की गई है। मोदी ने कहा, ‘मैं एआई के लिए ‘मानव’ (एमएएनएवी) दृष्टिकोण प्रस्तुत करता हूं जिसमें ‘एम’ का अर्थ ‘मोरल ऐंड एथिकल सिस्टम्स’ (नैतिक एवं नीतिपरक प्रणालियां), ‘ए’ से तात्पर्य ‘अकाउंटेबल गर्वनेंस’ (जवाबदेह संचालन), ‘एन’ का मतलब ‘नैशनल सॉवेरिनिटी’ (राष्ट्रीय संप्रभुता), ‘ए’ से तात्पर्य ‘एक्सेसबल ऐंड इन्क्लूसिव’ (सुलभ और समावेशी) और ‘वी’ से तात्पर्य ‘वैलिड ऐंड लेजिटिमेट’ (वैध और कानूनी) है।’

मोदी ने कहा कि भारत का ‘मानव’ दृष्टिकोण 21वीं सदी की एआई-संचालित दुनिया में मानवता के कल्याण के लिए एक महत्त्वपूर्ण कड़ी साबित होगा। मोदी ने कहा, ‘हमें एआई को खुला आकाश देना है, लेकिन साथ ही लगाम अपने हाथ में रखनी है।’ उन्होंने बच्चों की सुरक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि एआई का क्षेत्र बच्चों के लिए सुरक्षित होना चाहिए और परिवार के मार्गदर्शन में इसका इस्तेमाल होना चाहिए।

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि भारत और फ्रांस मिलकर एआई के लिए एक ढांचा तैयार करने पर काम करेंगे जिसमें नवाचार को जिम्मेदारी के साथ और प्रौद्योगिकी को मानवता के साथ जोड़ा जाएगा। मैक्रों ने कहा कि बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों के बीच सभी डिजिटल उपकरणों को समावेशी दृष्टिकोण की तरफ निर्देशित करने की आवश्यकता बढ़ती जा रही है।

स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति जी पार्मेलिन ने कहा कि उनका देश साल 2027 में जिनेवा में एआई समिट के अगले संस्करण की मेजबानी करेगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज दुनिया में दो तरह के लोग हैं- एक वे जो एआई में डर देखते हैं और दूसरे वे जो एआई में समृद्धि देखते हैं। उन्होंने कहा, ‘मैं गर्व और जिम्मेदारी के साथ कहता हूं कि हमें इसमें डर नहीं दिखता। भारत एआई में समृद्धि देखता है, भारत एआई में भविष्य देखता है। भारत एआई में प्रतिभा, ऊर्जा क्षमता और नीतिगत स्पष्टता के साथ अवसर और आने वाले कल की रूपरेखा देखता है।’

मोदी ने कहा, ‘हमारे पास प्रतिभा भी है। हमारे पास ऊर्जा क्षमता और नीतिगत स्पष्टता भी है। मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि इस शिखर सम्मेलन में भारत की तीन कंपनियों ने अपने एआई मॉडल और ऐप्लिकेशन पेश किए हैं। ये मॉडल हमारे युवाओं की प्रतिभा को दर्शाते हैं। ये उन समाधानों को भी दिखाते हैं जो भारत दुनिया को दे रहा है।’

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत न केवल प्रौद्योगिकी बनाता है बल्कि उसे अभूतपूर्व गति से अपनाता भी है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को नई प्रौद्योगिकी को लेकर संदेह है लेकिन युवा पीढ़ी एआई को जिस तरह अपना रही है, वह अभूतपूर्व है।

देर शाम प्रधानमंत्री ने एआई इम्पैक्ट समिट में सीईओ राउंडटेबल की अध्यक्षता की। मोदी ने कहा कि इसमें एआई, प्रौद्योगिकी और नवाचार की दुनिया के अलग-अलग हितधारक एक साथ, एक मंच पर आए। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, ‘चर्चाएं गहरी और आगे की सोचने वाली थीं, जो एआई को जिम्मेदारी से बढ़ाने, वै​श्विक सहयोग को मजबूत करने और वृद्धि के मौके खोलने पर केंद्रित थीं। इंसानी तरक्की और टिकाऊ विकास के लिए एआई का इस्तेमाल करने की समान प्रतिबद्धता देखकर अच्छा लगा।’

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First Published - February 19, 2026 | 10:32 PM IST

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