facebookmetapixel
Advertisement
गिरते बाजार में ब्रोकरेज ने PSU स्टॉक को किया डबल अपग्रेड, कहा – कोयला डिमांड बढ़ने के दिख रहे संकेतGold-Silver Price Today: सोना हुआ महंगा, चांदी भी चमकी; जानें MCX पर आज क्या है भावLife Insurance Stocks: बीमा बाजार में तेज ग्रोथ के बीच ब्रोकरेज ने इन दो कंपनियों को बताया टॉप पिकरेस्टोरेंट्स के लिए बड़ी चिंता! एलपीजी की आपूर्ति बंद हुई तो 5 लाख रेस्टोरेंट्स हो सकते हैं बंदLPG Supply: LPG सप्लाई पर संकट! पंजाब में कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई रोकी गईInnovision IPO: ₹322 करोड़ का इश्यू अप्लाई करने के लिए खुला, लेकिन ब्रोकरेज ने कहा – अवॉइड; जाने क्यों?$119 तक पहुंचने के बाद धड़ाम से गिरे कच्चे तेल के दाम, जानिए क्या है वजहअदाणी पावर, कोचीन शिपयार्ड, ह्यूंडै मोटर इंडिया समेत 6 शेयर अब F&O में, NSE का बड़ा फैसलाStock Market Update: यूएस-ईरान युद्ध खत्म होने की उम्मीद से बाजार में मजबूती, सेंसेक्स 400 अंक उछला; निफ्टी 24200 के पारUS-Iran War Update: होर्मुज जलडमरूमध्य पर कब्जे का संकेत! ईरान युद्ध को लेकर ट्रंप का चौंकाने वाला बयान

कोरोना की धमक हटी, चार्टर विमानों की मांग घटी

Advertisement
Last Updated- May 26, 2023 | 10:45 PM IST
Covid thruster off, demand for chartered flight declines

कोविड महामारी के दौरान देश में चार्टर विमानों की मांग काफी बढ़ी थी, लेकिन अब इनकी मांग धीरे-धीरे कम होने लगी है। 2022-23 में देश में चार्टर विमानों की उड़ानें 18.3 फीसदी घटकर 2,49,424 रही।

भारतीय विमानपत्तन प्रा​धिकरण (AAI) के आंकड़ों के अनुसार 2021-22 में 3,05,449 चार्टर उड़ानों के साथ आवाजाही उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थी। AAI के आंकड़ों को बिज़नेस स्टैंडर्ड ने भी देखा है। भारत के हवाईअड्डों पर प्रत्येक विमान के आगमन या प्रस्थान को एक आवाजाही माना जाता है।

बिजनेस एयरक्राफ्ट ऑपरेटर्स एसोसिएशन (BAOA) के प्रबंध निदेशक राजेश बाली ने कहा, ‘इसमें कोई संदेह नहीं कि कोविड-19 में चार्टर उड़ानों की मांग में इजाफा हुआ था। महामारी के दौरान व्य​क्तिगत सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लोग ज्यादा खर्च करके चार्टर उड़ान भरने के लिए भी तैयार थे।’

बाली ने कहा, ‘महामारी के दौरान आपात यात्राएं भी काफी ज्यादा हो रही थीं और इनमें एयर एंबुलेंस भी शामिल थी। इसलिए अब ऐसी उड़ानों में कमी आई है।’ बीएओए के 70 से ज्यादा सदस्य हैं।

महामारी के दौरान लोग किसी भी तरह के विमान से सफर कर अपनी मंजिल तक पहुंचना चाह रहे थे। उन्होंने कहा, ‘अब लोगों के पास विकल्प हैं और वे अपनी सुविधा और पसंद की उड़ान चुन सकते हैं।’ उन्होंने कहा कि ऑपरेटरों को अपने बेड़े में उच्च स्तरीय विमान शामिल करने चाहिए।

Also read: मुनाफा कमाने के लिए Air India की बड़ी तैयारी, बेहतर टिकट निर्धारण प्रणाली लाने की योजना

बिजनेस जेट के बजाय ग्राहक अब वा​णि​ज्यिक विमानों की बिजनेस श्रेणी में सफर कर रहे हैं। इस बारे में पूछे जाने पर बाली ने कहा, ‘यह काफी हद तक सच है। मगर यह भी देखा जा रहा है कि अगर कोई कंपनी अपने 2-3 वरिष्ठ अ​धिकारियों को कहीं भेजती हैं तो वह चार्टर विमान बुक करती हैं। आपको वित्त वर्ष 2024 में इसकी मांग का असर दिखेगा।’ ब्लेड इंडिया के प्रबंध निदेशक अमित दत्ता ने कहा कि कोविड-19 के दौरान स्वास्थ्य की चिंता और घरेलू उड़ानों के अभाव में देश में चार्टर विमानों की मांग में तेजी आई थी। लेकिन अब ऐसी ​स्थिति नहीं है, जिससे चार्टर विमानों की मांग घट गई है। हालांकि उन्होंने कहा कि ​कारोबारी मकसद के लिए अब भी चार्टर विमानों की अच्छी मांग बनी हुई है। बाली की तरह दत्ता ने भी कहा कि महामारी की दूसरी लहर के दौरान एयर एंबुलेंस की मांग काफी बढ़ी थी। लेकिन अब इसकी मांग कम हो गई है, जिसकी वजह से चार्टर विमानों की कुल आवाजाही भी घट गई है।

कोविड के दौरान कई वा​णि​ज्यिक विमानन कंपनियों ने भी चार्टर सेवाएं देनी शुरू की थीं, जिससे कुल चार्टर उड़ानों में इजाफा हुआ था। दत्ता ने कहा, ‘अब हम चार्टर एग्रीगेटर के पास लौट गए हैं और ऑपरेटर ऐसी सेवाएं मुहैया करा रहे हैं।’

Also read: जेट एयरवेज को मिली बड़ी राहत, बकाया चुकाने के लिए मिला अतिरिक्त समय

दत्ता को उम्मीद है कि 2023-24 में चार्टर विमानों की मांग में बढ़ोतरी होगी क्योंकि लोग अपनी सुविधा को महत्त्व देते हुए चार्टर विमानों का उपयोग जारी रख सकते हैं। उन्होंने कहा, ‘कोविड के दौरान कई ऐसे लोग थे, जिन्होंने पहली बार चार्टर उड़ान में सफर किया था। वे अब भी इसका फायदा उठाना जारी रख सकते हैं।’

Advertisement
First Published - May 26, 2023 | 10:45 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement