facebookmetapixel
Advertisement
औद्योगिक और वेयरहाउसिंग रियल एस्टेट बूम, पहली तिमाही में मांग 13 फीसदी बढ़ीITR Filing 2026: पेंशन और फैमिली पेंशन में कन्फ्यूजन? ITR भरते समय ये गलती पड़ सकती है भारीखाड़ी संकट बढ़ा तो बढ़ेंगी मुश्किलें, भारत के पास 76-80 दिनों का तेल भंडार: हरदीप सिंह पुरीबदल रही निवेश की आदतें, अब बाजार में घरेलू बचत का बड़ा हिस्साWest Asia Crisis: ईरान में फंसे भारतीयों के लिए अलर्ट! दूतावास ने कहा- तुरंत छोड़ें देश, हालात बेहद तनावपूर्णBrent Crude: FY27 में महंगा रह सकता है कच्चा तेल, ब्रोकरेज ने बढ़ाया अनुमानPLI, PM MITRA और FTA का तिहरा फायदा! इन टेक्सटाइल शेयरों पर 42% तक अपसाइड का अनुमान3 दिन में 15% टूटा शेयर, Rajesh Exports को लेकर क्यों बढ़ी निवेशकों की चिंता?Aadhaar-PAN Rule: मरने के बाद Aadhaar और PAN कार्ड का क्या होता है? ज्यादातर लोग नहीं जानते ये अहम बातHAL, BEL: ₹70,000 करोड़ की पनडुब्बी डील से चमकेंगे डिफेंस शेयर? ब्रोकरेज ने चुने ये 4 पसंदीदा स्टॉक्स

जेट एयरवेज को मिली बड़ी राहत, बकाया चुकाने के लिए मिला अतिरिक्त समय

Advertisement

एनसीएलएटी ने जालान-कालरॉक कंसोर्टियम को एसबीआई का बकाया चुकाने के लिए दिया 97 दिन का समय

Last Updated- May 26, 2023 | 9:08 PM IST
Jet Airways Insolvency case: Jalan-Colrock gets more time to pay Rs 350 crore

राष्ट्रीय कंपनी विधि अपील अधिकरण (NCLAT) ने आज जेट एयरवेज के सफल बोलीदाता जालान-कालरॉक कंसोर्टियम (JKC) को भारतीय स्टेट बैंक (SBI) का बकाया चुकाने के लिए अतिरिक्त समय दिया।

कंसोर्टियम को एसबीआई के 150 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी चुकाने के लिए तीन महीने से ज्यादा (97 दिनों) का समय दिया है। इससे पहले जेकेसी को 16 नवंबर से लेकर 15 मई तक यानी 150 दिन का समय दिया गया था।

एसबीआई को बैंक गारंटी के 150 करोड़ रुपये को भुनाने से रोकने के लिए कंसोर्टियम अपील अधिकरण में याचिका दायर की थी। इस पर यह आदेश जारी किया गया है।

इससे पहले की सुनवाई के दौरान एसबीआई ने कहा था कि 15 मई की मियाद पूरी हो जाने के बाद भी कंसोर्टियम ने अब तक बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया। कंसोर्टियम ने अंतरिम स्थगनादेश जारी करने की गुहार लगाते हुए याचिका दायर की थी।

जेट एयरवेज का विमान परिचालन प्रमाणपत्र (एओपी) की वैधता आज खत्म हो गई। भारत के विमानन नियामक द्वारा पिछले साल 20 मई को इसका नवीनीकरण किया गया था। इससे संकेत मिलता है कि विमानन कंपनी की वाणिज्यिक उड़ान सेवा तत्काल शुरू होने के आसार नहीं दिख रहे हैं। पिछले साल मई तक कंसोर्टियम ने लेनदारों के पास बैंक गारंटी के तौर पर 150 करोड़ रुपये जमा कराया था।

राष्ट्रीय कंपनी विधि अधिकरण (NCLT) ने पिछले साल दिसबंर में लेनदारों से कहा था कि वे जेट एयरवेज का नियंत्रण कंसोर्टियम को सौंप दें। साथ ही उसने कंसोर्टियम को इस साल 14 मई तक 185 करोड़ रुपये लेनदारों को भुगतान करने के लिए कहा था ताकि स्वामित्व हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू की जा सके। मगर, लेनदारों को अब तक इसका भुगतान नहीं किया जा सका है।

Advertisement
First Published - May 26, 2023 | 9:08 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement