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मजबूत मांग के बीच भी भारत-पाक तनाव और महंगाई ने मई में घटाई विनिर्माण की रफ्तार, तीन महीने में सबसे कम

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मजबूत मांग से बिक्री और उत्पादन को समर्थन जारी रहा, हालांकि प्रतिस्पर्धा, महंगाई और भारत व पाकिस्तान के बीच टकराव से वृद्धि पर असर पड़ा है।

Last Updated- June 02, 2025 | 10:25 PM IST
Manufacturing Sector
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

लागत के दबाव, कड़ी प्रतिस्पर्धा और भारत व पाकिस्तान के बीच चले टकराव का असर भारत की विनिर्माण गतिविधियों पर पड़ा है। मई में विनिर्माण पीएमआई 3 महीने में सबसे सुस्त रही है।  सोमवार को जारी सर्वे के मुताबिक एसऐंडपी ग्लोबल द्वारा संकलित एचएसबीसी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) मई में गिरकर 57.6 पर आ गया है, जो अप्रैल में 58.2 था। 50 से ऊपर के आंकड़े विनिर्माण क्षेत्र में विस्तार और इससे कम संकुचन दिखाते हैं। लगातार 47 महीने से विनिर्माण क्षेत्र विस्तार की दिशा में बना हुआ है।

 सर्वे में कहा गया है, ‘मई के आंकड़ों से संकेत मिलता है कि भारत के विनिर्माण उद्योग में कारोबारी माहौल में मजबूत सुधार हुआ है। हालांकि नए ऑर्डर और उत्पादन में वृद्धि की दर तीन महीने के निचले स्तर पर आ गई, लेकिन अभी भी दीर्घकालिक औसत से ऊपर बनी हुई है।’

सर्वे के मुताबिक इसमें शामिल पैनलिस्टों ने कहा कि मजबूत मांग से बिक्री और उत्पादन को समर्थन जारी रहा, हालांकि प्रतिस्पर्धा, महंगाई और भारत व पाकिस्तान के बीच टकराव से वृद्धि पर असर पड़ा है। वस्तु उत्पादकों ने इनपुट की खरीद और भर्तियां जारी रखीं और रिकॉर्ड तेजी आई है।

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First Published - June 2, 2025 | 9:54 PM IST

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